यूपी चुनाव: इन सीटों पर मुस्लिमों का मिजाज तय करेगा किसकी बनेगी सरकार
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दूसरे चरण में वेस्ट यूपी और रुहेलखंड के 11 जिलों की 67 सीटों पर मुसलमानों का मिजाज चुनावी नतीजे तय करेगा। उत्तराखंड सीमा से लगते सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, रामपुर, बरेली, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं में 15 फरवरी को मतदान होना है। इन जिलों की सियासत में मुस्लिमों की अहम भूमिका रहती है।
यहां 37 सीटों पर मुस्लिम आबादी 30 फीसदी से ज्यादा है। 17 सीटों पर 20 से 29 फीसदी के बीच मुसलमान वोटर हैं। फिलहाल इन 67 सीटों पर 22 मुस्लिम विधायक हैं। 2007 में उनकी संख्या 20 थी। गत चुनाव में यहां सपा को 34, बसपा को 18 और भाजपा को 10 सीटें मिली थीं।
कांग्रेस को 3 और पीस पार्टी व मौलाना तौकीर रजा की आईएमएसी को एक-एक सीट पर कामयाबी मिली थी। इन जिलों में सपा के साथ ही बसपा और भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इस क्षेत्र में पंचायतों से लेकर विधानसभा तक में मुस्लिमों की नुमाइंदगी अच्छी रहती है।
ये है दूसरे चरण के जिलों की स्थिति
दूसरे चरण के जिलों पर नजर डालें तो आजम खां, इकबाल महमूद और महबूब अली कैबिनेट मंत्री हैं। हाजी रियाज स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री हैं। मुरादाबाद के सभी 6 विधायक मुसलमान हैं जबकि अमरोहा में रिजर्व सीट को छोड़कर शेष तीनों विधायक मुसलमान हैं।
ग्राम प्रधान, ब्लाक प्रमुख और जिला पंचायत की राजनीति में भी मुसलमानों का बोलबोला रहता है। अकेले सहारनपुर ऐसा जिला है जहां लगभग 40 फीसदी मुस्लिम आबादी होते हुए भी 2012 में एक भी मुसलमान विधायक नहीं चुना गया।
हालांकि बाद में देवबंद सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस के माविया अली ने यहां से जीत हासिल की। अब वे सपा प्रत्याशी के रूप में इसी सीट से चुनाव मैदान में हैं।
सपा के सामने प्रदर्शन दोहराने की चुनौती
2012 के विधानसभा चुनाव में सपा ने वेस्ट यूपी और रुलेहखंड की 67 में से 34 सीटों पर कब्जा जमाया था। तब सपा को मुस्लिम मतों का सर्वाधिक हिस्सा मिला था। नतीजन मुरादाबाद, अमरोहा और संभल में तो सपा की लगभग इकतरफा जीत हुई थी। मुरादाबाद में भाजपा ने केवल एक सीट जीती थी। ठाकुरद्वारा की यह सीट भी भाजपा ने उपचुनाव में सपा के हाथों गंवा दी थी।
मुस्लिमों का रुझान भांप रहे सियासी पंडित
सूबे के सियासी पंडित पहले चरण में मुस्लिम बहुल इलाकों में वोटिंग पैटर्न का आकलन कर रहे हैं। पहले चरण में कई सीटों पर मुस्लिम वोटों का विभाजन हुआ है और कई जगह उनका रुझान सपा-कांग्रेस गठबंधन के पक्ष में रहा है।
राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं मुसलमानों के सियासी मिजाज का असली बैरोमीटर दूसरा चरण होगा। सपा और बसपा दोनों की ही नजर मुसलमानों के वोटों पर है। भाजपा की भी मुस्लिमों के रुझान पर पैनी नजर है।
मुसलमान बंटे तो भगवा दल को फायदा
राजनीतिक हल्कों में यह माना जा रहा है कि बहुत सारी सीटों पर मुसलमान वोटों का बंटवारा हो सकता है। इसकी वजह यह है कि बसपा और सपा दोनों ने ही दूसरे चरण में अच्छी तादाद में मुस्लिमों को प्रत्याशी बनाया है।
बसपा के रणनीतिकार मानते हैं कि दलित वोट साथ होने के कारण मुसलमानों का रुझान उनके साथ रहेगा, जबकि सपा नेताओं का कहना है कि मुसलमान हमेशा साइकिल की सवारी करता है। राहुल गांधी और अखिलेश यादव का साथ मुसलमानों को पसंद आ रहा है।
'इस सीट पर कांग्रेस को सपा ने रोका था'
पिछली बार सहारनपुर में कांग्रेस ने सपा को रोक दिया था। उसे पूरे जिले में सपा से ज्यादा वोट मिले थे। मुस्लिम मतों के विभाजन के चलते इस मुस्लिम बहुत जिले में एक भी विधायक मुसलमान नहीं चुना जा सका था। इस बार दोनों गठबंधन करके मैदान में हैं। इसलिए दोनों दलों को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
इन सीटों पर 30 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम वोटर
- सहारनपुर जिले में बेहट, नकुड़, सहारनपुर नगर, सहारनपुर, देवबंद और गंगोह।
- बिजनौर में नजीबाबाद, नगीना, बढ़ापुर, धामपुर, बिजनौर, चांदपुर, नूरपुर।
- मुरादाबाद में कांठ, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद देहात, मुरादाबाद नगर, कुंदरकी, बिलारी।
- संभल में संभल, असमौली।
- रामपुर में स्वार, चमरौआ, बिलासपुर, रामपुर, मिलक।
- अमरोहा में धनौरा, नौगावां सादात, अमरोहा, हसनपुर।
- बरेली में बहेड़ी, मीरगंज, भोजपुरा, नवाबगंज, बरेली, बरेली कैंट ।
- शाहजहांपुर में कटरा।
17 सीटों पर 20 से 29 फीसदी के बीच हैं मुस्लिम वोटर
रामपुर मनिहारन, नहटौर, बदायूं, बिल्सी, बदायूं, शेखूपुर, फरीदपुर, बिथरी चैनपुर, आंवला, पीलीभीत, बरखेड़ा, पूरनपुर, शाहजहांपुर, निघासन, गोला गोकर्णनाथ, लखीमपुर, मोहम्मदी।
मुस्लिम आबादी और विधायक
जिला--आबादी %- सीटें-- विधायक 2007--विधायक 2012
सहारनपुर--39.11--07--01--शून्य
बिजनौर--41.71--08--03--03
मुरादाबाद/संभल--45.54--10--05--07
रामपुर--49.14--05--02--03
बरेली--33.89--09--02--03
अमरोहा--39.38--04--02--03
पीलीभीत--22.61--04--03--01
लखीमपुर खीरी--19.10--08--01--शून्य
शाहजहांपुर--18.46--06--शून्य--शून्य
बदायूं--21.33--07--01--02
2012 में ये रहे थे परिणाम
कुल सीट--67
सपा--34
बसपा--18
भाजपा--10
कांग्रेस--03
पीस पार्टी--01
आईएमसी--01