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Lucknow News: लाइलाज बीमारी में संगीत हो सकता है प्रभावी
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कार्यक्रम में मौजूद चिकित्सक।
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लखनऊ। कर्नाटक की साहे यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. केबी लिंगेगोड़ा के मुताबिक, लाइलाज बीमारी की स्थिति में संगीत काफी राहत दे सकता है। कुलपति मंगलवार को एरा मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
कैंसर ऐड सोसाइटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में डॉ. केबी लिंगेगोड़ा ने कहा कि कैंसर में एक ऐसी अवस्था आती है, जिसमें दवाएं बेअसर हो जाती हैं। मरीज को बहुत पीड़ा होती है। ऐसे मरीजों को सिर्फ देखभाल की जरूरत होती है। इन मरीजों की संगीत के माध्यम से भी देखभाल की जा सकती है। इससे उन्हें राहत मिलती है।
हरिद्वार की डॉ. उषा जायसवाल ने कहा कि क्लासिकल म्यूजिक और इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक इसमें काफी कारगर साबित हुआ है। इससे मरीज का तनाव कम होता है। एरा यूनिवर्सिटी के अतिरिक्त निदेशक जॉव अली खान ने कहा कि इन मरीजों में शरीर के पोषण तत्वों की कमी का पता लगाकर उसकी पूर्ति भी की जानी चाहिए। रेडियोथेरेपी विभाग की अध्यक्ष डॉ. तरुणा सिंह ने बताया कि हमारे देश में पैलेएटिव केयर के 80 फीसदी मरीज कैंसर वाले होते हैं। डॉ. मुस्तहसिन मालिक ने सभी को बधाई दी।
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कैंसर ऐड सोसाइटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में डॉ. केबी लिंगेगोड़ा ने कहा कि कैंसर में एक ऐसी अवस्था आती है, जिसमें दवाएं बेअसर हो जाती हैं। मरीज को बहुत पीड़ा होती है। ऐसे मरीजों को सिर्फ देखभाल की जरूरत होती है। इन मरीजों की संगीत के माध्यम से भी देखभाल की जा सकती है। इससे उन्हें राहत मिलती है।
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हरिद्वार की डॉ. उषा जायसवाल ने कहा कि क्लासिकल म्यूजिक और इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक इसमें काफी कारगर साबित हुआ है। इससे मरीज का तनाव कम होता है। एरा यूनिवर्सिटी के अतिरिक्त निदेशक जॉव अली खान ने कहा कि इन मरीजों में शरीर के पोषण तत्वों की कमी का पता लगाकर उसकी पूर्ति भी की जानी चाहिए। रेडियोथेरेपी विभाग की अध्यक्ष डॉ. तरुणा सिंह ने बताया कि हमारे देश में पैलेएटिव केयर के 80 फीसदी मरीज कैंसर वाले होते हैं। डॉ. मुस्तहसिन मालिक ने सभी को बधाई दी।
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