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लापता कारोबारी की हत्या, सीतापुर की नहर में फेंका शव
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लखनऊ। संदिग्ध हालात में 14 दिसंबर से लापता कैसरबाग के खंदारी बाजार निवासी टायर कारोबारी मो. शोएब खान की हत्या कर दी गई है। पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उन्होंने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि लापता होने के दिन ही उन्होंने शोएब की हत्या कर शव सीतापुर की नहर में फेंक दिया था। शव बरामद करने केलिए पुलिस दोनों को लेकर सीतापुर रवाना हो गई है। पुलिस के मुताबिक, शोएब की हत्या में सूद पर रुपये के लेनदेन का मामला सामने आया है।
शोएब के भाई अधिवक्ता आमिर ने बताया कि शोएब 14 दिसंबर की सुबह 9 बजे अपनी बाइक से घर से निकले थे। इसके बाद घर नहीं लौटे। उनका मोबाइल भी बंद हो गया था। 15 दिसंबर को आमिर ने कैसरबाग थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। सीसीटीवी कैमरों की मदद से इस बात का पता चला था कि 14 दिसंबर को शोएब हसनगंज के खदरा इलाके में एक चाय की दुकान पर दिखे थे। वहां अपने एक दोस्त से भी मिले और इसके बाद से लापता थे। वहीं कैसरबाग पुलिस की कार्यशैली से नाराज आमिर और कई साथियों ने मंगलवार दोपहर पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर से उनके कार्यालय पर मुलाकात की थी जिसके बाद पुलिस कमिश्नर ने मामले को क्राइम ब्रांच के सुपुर्द कर दिया था।
युवकों ने कुबूल की हत्या की बात
पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर के मुताबिक, कारोबारी शोएब के लापता होने के मामले में सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से हसनगंज के खदरा के रहने वाले राजा के बारे में पता चला था। कैसरबाग पुलिस ने राजा से पूछताछ की पर उसने कुछ नहीं बताया। जब क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की तो बुधवार को क्राइम ब्रांच ने राजा और उसके एक साथी अकील को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ की गई तो दोनों ने कुबूल किया कि शोएब से सात से आठ लाख रुपये के लेनदेन का विवाद था। इसी कारण एक अन्य साथी के संग मिलकर शोएब की 14 दिसंबर को हत्या कर दी। उसका शव सीतापुर की एक नहर में फेंक दिया। इसके बाद कैसरबाग पुलिस की एक टीम शव की तलाश में सीतापुर गई है। पुलिस ने कारोबारी की बाइक बरामद कर ली है।
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सूद पर रुपये देने की बात आई सामने
पुलिस के मुताबिक, शोएब लोगों को सूद पर रुपये देता था जिसका ब्याज अपने मन मुताबिक वसूलता था। वह प्रतिदिन दो प्रतिशत की दर से रुपये देता था। पुलिस गिरफ्त में आए दोनों आरोपियों ने कुबूल किया कि उसे शोएब ने रुपये दिये थे जिसके बदले अब तक वे करीब 8 लाख रुपये दे चुके हैं लेकिन शोएब का तकादा बंद नहीं हुआ। उसका ब्याज बढ़ता ही जा रहा था। उसकी वसूली व दबंगई से परेशान होकर वारदात को अंजाम दिया। वहीं तीसरे साथी की तलाश में पुलिस लखनऊ में कई ठिकानों पर दबिश दे रही है।
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शोएब के भाई अधिवक्ता आमिर ने बताया कि शोएब 14 दिसंबर की सुबह 9 बजे अपनी बाइक से घर से निकले थे। इसके बाद घर नहीं लौटे। उनका मोबाइल भी बंद हो गया था। 15 दिसंबर को आमिर ने कैसरबाग थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। सीसीटीवी कैमरों की मदद से इस बात का पता चला था कि 14 दिसंबर को शोएब हसनगंज के खदरा इलाके में एक चाय की दुकान पर दिखे थे। वहां अपने एक दोस्त से भी मिले और इसके बाद से लापता थे। वहीं कैसरबाग पुलिस की कार्यशैली से नाराज आमिर और कई साथियों ने मंगलवार दोपहर पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर से उनके कार्यालय पर मुलाकात की थी जिसके बाद पुलिस कमिश्नर ने मामले को क्राइम ब्रांच के सुपुर्द कर दिया था।
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युवकों ने कुबूल की हत्या की बात
पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर के मुताबिक, कारोबारी शोएब के लापता होने के मामले में सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से हसनगंज के खदरा के रहने वाले राजा के बारे में पता चला था। कैसरबाग पुलिस ने राजा से पूछताछ की पर उसने कुछ नहीं बताया। जब क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की तो बुधवार को क्राइम ब्रांच ने राजा और उसके एक साथी अकील को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ की गई तो दोनों ने कुबूल किया कि शोएब से सात से आठ लाख रुपये के लेनदेन का विवाद था। इसी कारण एक अन्य साथी के संग मिलकर शोएब की 14 दिसंबर को हत्या कर दी। उसका शव सीतापुर की एक नहर में फेंक दिया। इसके बाद कैसरबाग पुलिस की एक टीम शव की तलाश में सीतापुर गई है। पुलिस ने कारोबारी की बाइक बरामद कर ली है।
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सूद पर रुपये देने की बात आई सामने
पुलिस के मुताबिक, शोएब लोगों को सूद पर रुपये देता था जिसका ब्याज अपने मन मुताबिक वसूलता था। वह प्रतिदिन दो प्रतिशत की दर से रुपये देता था। पुलिस गिरफ्त में आए दोनों आरोपियों ने कुबूल किया कि उसे शोएब ने रुपये दिये थे जिसके बदले अब तक वे करीब 8 लाख रुपये दे चुके हैं लेकिन शोएब का तकादा बंद नहीं हुआ। उसका ब्याज बढ़ता ही जा रहा था। उसकी वसूली व दबंगई से परेशान होकर वारदात को अंजाम दिया। वहीं तीसरे साथी की तलाश में पुलिस लखनऊ में कई ठिकानों पर दबिश दे रही है।