मंदिर के पुजारी को जिंदा फूंकने की कोशिश!
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पुरैना कांटा चौराहा पर शिव मंदिर के निकट रह रहे पुजारी के छप्पर में अराजक तत्वों ने रविवार की रात आग लगाकर पुजारी को जिंदा फूंकने की कोशिश की। किसी तरह पुजारी ने भाग कर जान बचाई। लेकिन छप्पर में रखा सारा सामान अग्निकांड की भेंट चढ़ गया।
आसपास के लोगों ने कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। ग्राम प्रधान की सूचना पर लेखपाल ने घटनास्थल का मुआयना किया है।
कोतवाली मुर्तिहा अंतर्गत ग्राम अमृतपुर पुरैना में गन्ना तौल केंद्र के निकट भगवान शिव का मंदिर स्थापित है। इस मंदिर की देखभाल गांव निवासी मुंशीदास पुत्र दरबारीलाल करते हैं। रविवार रात पुजारी मंदिर के निकट अपने छप्पर में सो रहे थे।
मंदिर में लगा दी आग
इसी दौरान रात में 10:30 बजे के आसपास अराजक तत्वों ने मंदिर में आग लगा दी। जिससे फूस का मकान धू-धू कर जलने लगा। आग की लपट जब तेज हुई तब पुजारी मुंशीदास की नींद खुली। इस पर उसने भाग कर जान बचाई।
पुजारी के शोर मचाने पर गांव के ग्राम प्रधान श्रीगणेश व ग्रामीण मनोज कुमार शुक्ला, सुभाष प्रजापति, हृदयानंद मौर्या, सीताराम, पौहारी प्रसाद, पंकज श्रीवास्तव आदि दौड़े सभी ने किसी तरह से आग की लपटों पर काबू पाया। लेकिन आपाधापी के बीच आग लगाने वाले अराजक तत्व मौके से खिसक गए।
आग की लपटों से छप्पर में रखा पुजारी का राशन, कपड़ा अनाज समेत सारा सामान जल गया। ग्राम प्रधान की सूचना पर लेखपाल अशोक कुमार श्रीवास्तव ने सोमवार सुबह पहुंचकर मौके का मुआयना कर रिपोर्ट तहसील को भेज दी है।
लेखपाल ने बताया कि मुआवजा दिलाया जाएगा। पुजारी का कहना है कि उसकी किसी से दुश्मनी नहीं हैं। ऐसे में आग किसने लगाई जानकारी नहीं है।