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Lucknow News: लंबित मांगें पूरा कराने के लिए नगर निगम कर्मचारियों ने की तीन घंटे की हड़ताल
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प्रदर्शन करते कर्मचारी।
सुबह 10 से एक बजे तक ऑफिसों पर लटकते रहे ताले
गृहकर, जन्म-मृत्यु आदि के काम पर पड़ा असर
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। लंबित मांगों को लेकर नगर निगम कर्मचारियों ने बुधवार को तीन घंटे तक सांकेतिक हड़ताल की। इस दौरान मुख्यालय सहित सभी आठों जोनल कार्यालयों पर ताला लटकता रहा। ऐसे में गृहकर, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र सहित अन्य कार्यों से नगर निगम आने वालों को निराश होकर लौटना पड़ा। दोपहर एक बजे हड़ताल समाप्त होने के बाद कामकाज शुरू हुआ।
ताला बंद होने के कारण नगर निगम के अफसर भी कार्यालय में नहीं जा सके। अफसरों का निजी स्टाफ पिछले दरवाजे से कार्यालय गया। महापौर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गौरव कुमार भी एक बजे के बाद ही मुख्यालय आए। आने से पहले यह जानकारी ली कि कर्मचारियों को धरना समाप्त हो गया है कि नहीं।
उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष शशि मिश्र ने बताया कि पूरे प्रदेश की निकायों के साथ साथ नगर निगम लखनऊ में भी लंबित समस्याओं का समाधान न होने के कारण अभी सांकेतिक कार्यबंदी की गई है। नगर विकास मंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर आयुक्त के प्रतिनिधि के तौर पर अपर नगर आयुक्त ललित कुमार को सौंपा गया। उनके साथ मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह भी मौजूद रहे। शासन ने यदि मांगों को पूरा नहीं किया तो 20 अगस्त को फिर आंदोलन किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में नगर निगम जलकल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष आनंद मिश्रा, कर्मचारी नेता हरिशंकर पांडेय, अमरेंद्र दीक्षित, विकास सिंह सहित तमाम कर्मचारी शामिल रहे।
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यह हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
- पुरानी पेंशन बहाल की जाए
- खाली पदों पर भर्ती की जाए
- वर्तमान आबादी के हिसाब से पद सृजित किए जाएं
- सेवा नियमावली में संशोधन किया जाए
- ठेकेदार प्रथा समाप्त की जाए
- 74वां संविधान संशोधन लागू किया जाए
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गृहकर, जन्म-मृत्यु आदि के काम पर पड़ा असर
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। लंबित मांगों को लेकर नगर निगम कर्मचारियों ने बुधवार को तीन घंटे तक सांकेतिक हड़ताल की। इस दौरान मुख्यालय सहित सभी आठों जोनल कार्यालयों पर ताला लटकता रहा। ऐसे में गृहकर, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र सहित अन्य कार्यों से नगर निगम आने वालों को निराश होकर लौटना पड़ा। दोपहर एक बजे हड़ताल समाप्त होने के बाद कामकाज शुरू हुआ।
ताला बंद होने के कारण नगर निगम के अफसर भी कार्यालय में नहीं जा सके। अफसरों का निजी स्टाफ पिछले दरवाजे से कार्यालय गया। महापौर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गौरव कुमार भी एक बजे के बाद ही मुख्यालय आए। आने से पहले यह जानकारी ली कि कर्मचारियों को धरना समाप्त हो गया है कि नहीं।
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उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष शशि मिश्र ने बताया कि पूरे प्रदेश की निकायों के साथ साथ नगर निगम लखनऊ में भी लंबित समस्याओं का समाधान न होने के कारण अभी सांकेतिक कार्यबंदी की गई है। नगर विकास मंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर आयुक्त के प्रतिनिधि के तौर पर अपर नगर आयुक्त ललित कुमार को सौंपा गया। उनके साथ मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह भी मौजूद रहे। शासन ने यदि मांगों को पूरा नहीं किया तो 20 अगस्त को फिर आंदोलन किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में नगर निगम जलकल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष आनंद मिश्रा, कर्मचारी नेता हरिशंकर पांडेय, अमरेंद्र दीक्षित, विकास सिंह सहित तमाम कर्मचारी शामिल रहे।
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यह हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
- पुरानी पेंशन बहाल की जाए
- खाली पदों पर भर्ती की जाए
- वर्तमान आबादी के हिसाब से पद सृजित किए जाएं
- सेवा नियमावली में संशोधन किया जाए
- ठेकेदार प्रथा समाप्त की जाए
- 74वां संविधान संशोधन लागू किया जाए