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Lucknow News: जिंदा होने का प्रमाणपत्र देने नहीं आना होगा नगर निगम
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लखनऊ। नगर निगम के जो सेवानिवृत्त कर्मचारी 80 वर्ष के हो गए हैं, उन्हें पेंशन के लिए जीवित होने का प्रमाणपत्र देने नगर निगम तक नहीं आना होगा। कर्मचारी उनके घर जाकर इसे सत्यापित करेंगे। इसे लेकर ड्यूटी भी लगा दी गई है।
महापौर ने एक महीने पहले निर्देश दिए थे कि जो सेवानिवृत्त कर्मचारी चलने में असमर्थ हैं या अस्वस्थ हैं, कर्मचारी उनके घर जाकर जीवित प्रमाणपत्र का सत्यापन करेंगे। इसके बाद भी बीते शुक्रवार को बीमार सेवानिवृत्त कर्मचारी संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचा था। यह देख महापौर ने अधिकारियों को फटकार लगाई थी।
लेखा विभाग के सात कर्मचारियेां की ड्यूटी इस काम के लिए लगा दी गई है। मुख्य वित्त एवं लेखाधिकरी नंदराम कुरील ने सोमवार को आदेश भी जारी कर दिया। जिन कर्मचारियों को सत्यापन की जिम्मेदारी मिली है, उनमें सहायक लेखाधिकारी राजीव कुमार सिंह, लेखाकार एसके गुप्ता, आलोक सिंह, राम अचल, लिपिक राजेंद्र कुमार, रामबाबू और विनेाद कुमार शामिल हैं। यह भी तय कर दिया गया है कि किसे, कितने कर्मचारियों का सत्यापन करना होगा।
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महापौर ने एक महीने पहले निर्देश दिए थे कि जो सेवानिवृत्त कर्मचारी चलने में असमर्थ हैं या अस्वस्थ हैं, कर्मचारी उनके घर जाकर जीवित प्रमाणपत्र का सत्यापन करेंगे। इसके बाद भी बीते शुक्रवार को बीमार सेवानिवृत्त कर्मचारी संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचा था। यह देख महापौर ने अधिकारियों को फटकार लगाई थी।
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लेखा विभाग के सात कर्मचारियेां की ड्यूटी इस काम के लिए लगा दी गई है। मुख्य वित्त एवं लेखाधिकरी नंदराम कुरील ने सोमवार को आदेश भी जारी कर दिया। जिन कर्मचारियों को सत्यापन की जिम्मेदारी मिली है, उनमें सहायक लेखाधिकारी राजीव कुमार सिंह, लेखाकार एसके गुप्ता, आलोक सिंह, राम अचल, लिपिक राजेंद्र कुमार, रामबाबू और विनेाद कुमार शामिल हैं। यह भी तय कर दिया गया है कि किसे, कितने कर्मचारियों का सत्यापन करना होगा।
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