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बाहर से आने वाले मरीजों के तीमारदारों के लिए शुरू होने जा रही ठहरने की सुविधा
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बाहर से आने वाले मरीजों के तीमारदारों के लिए किराए पर रुकने की व्यवस्था कराएगा नगर निगम।
- फोटो : ??? ?????
प्रवेंद्र गुप्ता
राजधानी में प्रदेश भर से इलाज के लिए आने वाले तीमारदारों को अब ठहरने के लिए होटल या किसी रिश्तेदार या मित्र की मदद नहीं लेनी पड़ेंगी।
ऐसे लोगों को ठहरने के लिए नगर निगम 150 रुपये रोज पर दो कमरों का फ्लैट किराए पर देगा। आशियाना की बिजनौर क्रॉसिंग के पास केंद्र सरकार की डीएचपी (डिमोंसट्रेटिव हाउसिंग प्रोजेक्ट) योजना के तहत 40 फ्लैट बनाए गए हैं।
जहां बेड-बिस्तर, मेज-कुर्सी और पंखे आदि जरूरी चीजें भी रहेंगी। कुल मिलाकर तीमारदारों के लिए सरकारी होटल की सुविधा शुरू होने जा रही है।
शहर में एसजीपीजीआई, केजीएमयू, राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और मेदांता जैसे बड़े चिकित्सा संस्थानों में अन्य प्रदेशों से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं।
ऐसे में तीमारदारों को ठहरने के लिए महंगे होटल या लॉज किराए पर लेने पड़ते हैं। इसे देखते हुए केंद्र सरकार की डीएचपी योजना में आशियाना क्षेत्र में बिजनौर क्रॉसिंग के थोड़ा आगे शहीद पथ के से पहले ही औरंगाबाद जागीर गांव में 40 फ्लैट बनाए गए हैं। यह जी प्लस वन प्रकार के हैं। हर फ्लैट में दो कमरे, लेट्रीन-बाथरूम और किचन है।
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ऑनलाइन और ऑफ लाइन होगा पंजीकरण
फ्लैट लेने वाले को पंजीकरण कराना होगा। इसे लेकर ऑनलाइन और ऑफलाइन सिस्टम बनाए जा रहे हैं। पंजीकरण के नियम व शर्तें क्या रहेंगी, अभी तय की जा रही हैं, लेकिन यह माना जा रहा है कि सरकारी लॉज-गेस्ट हाउस की तरह ही सामान्य शर्तें रखरखाव को लेकर रहेंगी।
भारत सरकार की योजना है
यह योजना भारत सरकार की है। उनकी ओर से फ्लैटों का निर्माण कराया गया है। संचालन के लिए यह नगर निगम का दिए गए हैं। यह योजन खासकर तीमरदारों के लिए है जो इलाज के लिए राजधानी आते हैं। पंजीकरण के लिए दिशा-निर्देश बनाए जा रहे है। उसके बाद योजना को लांच किया जाएगा।
- अजय द्विवेदी, नगर आयुक्त
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राजधानी में प्रदेश भर से इलाज के लिए आने वाले तीमारदारों को अब ठहरने के लिए होटल या किसी रिश्तेदार या मित्र की मदद नहीं लेनी पड़ेंगी।
ऐसे लोगों को ठहरने के लिए नगर निगम 150 रुपये रोज पर दो कमरों का फ्लैट किराए पर देगा। आशियाना की बिजनौर क्रॉसिंग के पास केंद्र सरकार की डीएचपी (डिमोंसट्रेटिव हाउसिंग प्रोजेक्ट) योजना के तहत 40 फ्लैट बनाए गए हैं।
जहां बेड-बिस्तर, मेज-कुर्सी और पंखे आदि जरूरी चीजें भी रहेंगी। कुल मिलाकर तीमारदारों के लिए सरकारी होटल की सुविधा शुरू होने जा रही है।
शहर में एसजीपीजीआई, केजीएमयू, राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और मेदांता जैसे बड़े चिकित्सा संस्थानों में अन्य प्रदेशों से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं।
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ऐसे में तीमारदारों को ठहरने के लिए महंगे होटल या लॉज किराए पर लेने पड़ते हैं। इसे देखते हुए केंद्र सरकार की डीएचपी योजना में आशियाना क्षेत्र में बिजनौर क्रॉसिंग के थोड़ा आगे शहीद पथ के से पहले ही औरंगाबाद जागीर गांव में 40 फ्लैट बनाए गए हैं। यह जी प्लस वन प्रकार के हैं। हर फ्लैट में दो कमरे, लेट्रीन-बाथरूम और किचन है।
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ऑनलाइन और ऑफ लाइन होगा पंजीकरण
फ्लैट लेने वाले को पंजीकरण कराना होगा। इसे लेकर ऑनलाइन और ऑफलाइन सिस्टम बनाए जा रहे हैं। पंजीकरण के नियम व शर्तें क्या रहेंगी, अभी तय की जा रही हैं, लेकिन यह माना जा रहा है कि सरकारी लॉज-गेस्ट हाउस की तरह ही सामान्य शर्तें रखरखाव को लेकर रहेंगी।
भारत सरकार की योजना है
यह योजना भारत सरकार की है। उनकी ओर से फ्लैटों का निर्माण कराया गया है। संचालन के लिए यह नगर निगम का दिए गए हैं। यह योजन खासकर तीमरदारों के लिए है जो इलाज के लिए राजधानी आते हैं। पंजीकरण के लिए दिशा-निर्देश बनाए जा रहे है। उसके बाद योजना को लांच किया जाएगा।
- अजय द्विवेदी, नगर आयुक्त