ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए 5000 इमारतों पर होगी कार्रवाई
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राजधानी को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए स्मार्ट सिटी प्रपोजल में नई युक्ति सुझाई गई है। इसके तहत बहुमंजिला इमारतों और ग्रुप हाउसिंग में बेसमेंट का इस्तेमाल पार्किंग के तौर पर किया जाएगा। ऐसी इमारतों में पार्किंग के लिए बनाए गए बेसमेंट खाली कराए जाएंगे।
इसके लिए ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम के साथ संयुक्त अभियान चलाने की योजना बन रही है। इस प्रस्ताव को अमल में लाने के लिए नगर निगम एलडीए अधिकारियों से वार्ता कर रहा है।
वहीं विधानसभा मार्ग और अशोक मार्ग पर बहुमंजिला इमारतों को लेकर एसपी ट्रैफिक ने अपनी एक रिपोर्ट को डीएम को सौंप दी है। इसमें दो दर्जन से ज्यादा इमारतों के नक्शे की जांच एलडीए से कराने की मांग की गई है। नगर निगम अधिकारियों ने भी स्मार्ट सिटी सहायक टाउन प्लानर एलडीए विपुल प्रकाश से एलडीए को उसकी कवायद प्रभावी बनाने को कहा है।
बिल्डिंग कोड 2007 से नक्शा पास कर रहे एलडीए अधिकारियों का कहना है कि बहुमंजिला इमारत और ग्रुप हाउसिंग में बेसमेंट में पार्किंग का होना अनिवार्य है। इसके लिए नक्शा पास करते समय ही ध्यान रखा जाता है।
करीब 5000 इमारतों में गड़बड़ी
कंसल्टेंट कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि एलडीए के खुद के आंकड़ों के मुताबिक शहर को जाम से राहत दिलाने और गाडियों को पार्किंग में पहुंचाने के लिए करीब 5,000 इमारतों पर कार्रवाई करनी होगी। इन इमारतों में पार्किंग की जगह बेसमेंट में दुकानें बन गईं हैं। अब वाहन रोड पर खड़े हो रहे हैं।
बहुमंजिला इमारतों में पार्किंग पर कार्रवाई के संबंध में एलडीए के सहायक टाउन प्लानर विपुल प्रकाश का कहना है कि लगातार कार्रवाई कर बहुमंजिला इमारतों में पार्किंग को बहाल कराया जाता है। यह काम धीमा है, लेकिन लगातार चल रहा है। स्मार्ट सिटी के लिए योजनाबद्ध तरीके से सर्वे करा ऐसी इमारतों पर कार्रवाई की योजना बन रही है।