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कोई कारण नहीं था फिर भी झगड़ा हुआ: मुलायम
ब्यूरो/लखनऊ
Updated Sun, 15 Sep 2013 01:45 AM IST
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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने मुजफ्फरनगर हिंसा का नाम लिए बगैर कहा कि लोगों के बीच आपसी अविश्वास की वजह से गंभीर घटना हुई।
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झगड़े का कोई कारण नहीं था फिर भी झगड़ा हुआ। लोगों की जानें गईं।
जिसने गलती की उसे सजा तो मिल जाएगी, लेकिन अविश्वास की भावना को खत्म करना बड़ी चुनौती है।
विश्वास बहाल करने में साहित्यकार, कवि एवं पत्रकार अहम भूमिका निभा सकते हैं। मुलायम ने अखिलेश सरकार को चुनाव में किए गए वायदों को पूरा करने की नसीहत देते हुए कहा कि वायदे पूरे न करना या वायदों से हटकर काम करना जनता के साथ धोखा है।
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उन्होंने कहा कि सरकार की जो कमियां हैं, वह बताई जाएं। उन्हें लिखकर भेजा जाए, प्रेस कांफ्रेंस की जाए या अन्य तरीके से जानकारी दी जाए जिससे सुधार लाया जा सके।
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शनिवार को यहां हिंदी संस्थान के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी में मुलायम ने कहा कि प्रदेश में एक बार फिर अलगाववाद और अविश्वास की चुनौती सामने आई है। अविश्वास की वजह से गंभीर घटना हुई जिसका हमें दुख है। एक दूसरे की जान लेना ठीक नहीं है।
अलगाव व अविश्वास की भावना सबसे ज्यादा खतरनाक है। आपसी एकता व समरसता कैसे बहाल हो इस पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लेखक इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए सबको संकल्प लेना होगा।
मुलायम ने कहा कि अलगाववाद व अविश्वास के रहते विकास नहीं हो सकता। अखिलेश को चुनाव में किए गए वायदों की याद दिलाते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि जो वायदे किए हैं उस पर अमल न होना लोगों के साथ धोखा है।
संभवत: उनका इशारा कानून-व्यवस्था की तरफ ही था। उन्होंने कहा कि आज अनपढ़ भी सब समझते हैं। गांव का आदमी सब जानता है कि सरकार क्या कर रही है। आजादी के इतने साल भी हम निरक्षरता का कलंक नहीं मिटा पाए हैं यह भी दुर्भाग्यपूर्ण है।