भड़के मुलायम बोले, 'चापलूसी मत करो, सच बताओ'
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सपा के प्रदेश पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों व महामंत्रियों की शनिवार को यहां प्रदेश मुख्यालय में हुई आपात बैठक में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के तल्ख तेवर दिखे।
उन्होंने बैठक में मौजूद लोगों से कहा कि वे बताएं क्या स्थिति है? कुछ ने बोलना शुरू किया तो नेताजी ने डांट दिया। कहा, चापलूसी मत करो, मैं सच सुनने आया हूं, सच बताओ।
हालांकि अधिकतर नेता दुविधा में थे लेकिन कुछ ने अखिलेश यादव सरकार के कामकाज को सराहा। उन्होंने कुछ ऐसे काम गिनाए जो मुख्यमंत्री के स्तर से हुए और जिनका संदेश अच्छा गया है। दो-तीन ने जरूर कहा कि सरकार पार्टी को चला रही है, जबकि संगठन को सरकार को चलाना चाहिए।
यही वजह है कि गरीब लोगों को 108 व 102 एंबुलेंस जैसी बड़ी और महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी नहीं है। शहरी गरीब गंभीर बीमारी में भी रिक्शा, ऑटो से अस्पताल जा रहे हैं। एक-दो ने बीच का रास्ता निकालते हुए नेताजी से कहा कि कि उनका फीडबैक आधा सच-आधा गलत है।
'गाड़ी में पेट्रोल जिलों के लोग भरवाते थे'
बैठक शुरू होते ही मुलायम ने माइक संभाल लिया। कहा, जानकारी मिल रही है कि पार्टी की स्थिति अच्छी नहीं है। उन्हें फीडबैक मिला है, खुद भी पता कराया है। हाल यही रहा तो चुनाव में पार्टी की परफॉर्मेंस अच्छी नहीं रहेगी। लोकसभा चुनाव में क्या हुआ? क्या जयललिता, ममता, नवीन पटनायक चुनाव नहीं जीते?
हमारे केवल पांच सांसद जीते। अभी वक्त है, संभल जाओ। उन्होंने कहा, अफसर बेलगाम हो गए हैं। पार्टी नेताओं व जनता की बातें नहीं सुन रहे।
विधायक, सांसद और मंत्री भी जनता और कार्यकर्ताओं से दूरी बनाए हुए हैं। उनके काम नहीं कर रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री से कन्या विद्या धन समेत कुछ योजनाओं के बारे में पूछा कि कितना धन बांटा।
सपा मुखिया ने कहा, समाजवादी पार्टी बड़े संघर्षों से बनी है। मंच पर बैठे बलराम सिंह यादव की तरफ इशारा करते हुए कहा, वे जानते हैं।
कैसे जिलों में जाते थे, गाड़ी में पेट्रोल जिलों के लोग भरवाते थे। एक दौर था जब कहा जाता था कि अवध में पार्टी कमजोर है। सभी ने मेहनत की और फैजाबाद व आगरा मंडलों में पार्टी को मजबूत किया।
मुलायम ही बोलते रहे, नहीं हुई मुद्दे पर बात
बैठक के लिए तय एजेंडा सपा मुखिया के तेवरों के चलते हाशिये पर आ गया। सपा ने पांच से 12 अगस्त तक प्रदेश भर में साइकिल यात्राएं निकाली थीं। इनकी समीक्षा होनी थी। पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है।
मुलायम इन चुनावों को गंभीरता से लड़ने के निर्देश दे चुके हैं लेकिन न तो साइकिल यात्राओं की समीक्षा हुई और न ही पंचायत चुनाव की तैयारियों पर गंभीर चर्चा हो सकी। क्षेत्रवार बूथ कमेटियों के गठन पर भी विचार-विमर्श नहीं हुआ।
नेताजी के भाषण से शुरू, भाषण पर ही खत्म
प्रदेश के करीब ढाई सौ प्रमुख नेताओं की बैठक की औपचारिक शुरुआत मुलायम सिंह यादव के भाषण से हुई। उन्होंने बीच-बीच में कुछ लोगों की राय जानी, किसी को डांटा, किसी को फटकारा। इस दौरान वे अपनी बात भी कहते रहे।
इसके बाद दो मिनट का मौन रखकर पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपजी अब्दुल कलाम, राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की पत्नी शुभ्रा मुखर्जी, पूर्व मंत्री चितरंजन स्वरूप और बाराबंकी के पूर्व जिलाध्यक्ष मौलाना मेराज के निधन पर शोक जताया गया।
सीएम ने आगरा के नेता को डांटा
बैठक के दौरान कुछ बोलने पर मुख्यमंत्री व सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगरा के एक नेता को डांट दिया। कहा, उन्हें सब मालूम है। उन्होंने पुलिस अघिकारियों को क्या कहा। किसकी सिफारिश की?