कारसेवकों पर गोली न चलती तो मुसलमानों का भरोसा उठ जाताः मुलायम सिंह
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समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अयोध्या में गोली चलवाने को लेकर शनिवार को एक बार फिर अफसोस जताया, लेकिन कहा कि देश की एकता के लिए यदि 16 के बजाय 30 जान भी जाती तो हम पीछे नहीं हटते।
उन्होंने कहा, अयोध्या में मस्जिद को बचाने के लिए यदि कार्रवाई न करते तो देश का मुसलमान कहता कि उनके धर्मस्थल की हिफाजत नहीं हो सकती तो यहां रहने का औचित्य क्या है?
उनके विश्वास को बचाए रखना हमारा कर्तव्य था। अयोध्या की घटना के बाद हम पर पत्थर फेंके जाते थे, लाठियां और गोलियां भी चलीं। मैं संसद में पहुंचा तो अटल बिहारी वाजपेयी ने मेरे खिलाफ टिप्पणी की।
भाजपा नेताओं ने हमें मानवता का हत्यारा कहा, संसद में बोलने नहीं दिया। हमने बताया कि देश की एकता के लिए गोली चलवानी पड़ी।
'हम हिंदी के पक्षधर पर अंग्रेजी के विरोधी नहीं'
मुलायम यहां इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में अपने ऊपर लिखी गई पुस्तक ‘बढ़ते गए साहसिक कदम’ के विमोचन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने वरिष्ठ गीतकार डॉ. गोपाल दास नीरज, हिंदी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, वरिष्ठ पत्रकार वेदप्रताप वैदिक और इस्कॉन के स्वामी महामंत्रदास के साथ पुस्तक का लोकार्पण किया।
उन्होंने कहा, इंदौर में हिंदी के संबंध में एक कार्यक्रम में गए तो हमला हो गया। हम हिंदी के पक्षधर रहे, लेकिन अंग्रेजी के विरोधी नहीं हैं। हम चाहते हैं कि अंग्रेजी की अनिवार्यता नहीं होनी चाहिए। पुस्तक के लेखक ललितकांत पांडेय ने आभार जताया। इस मौके पर कवयित्री सरिता शर्मा, मंत्री शारदा प्रताप शुक्ला, एमएलसी अशोक वाजपेयी और डॉ. मधु गुप्ता मौजूद थे।
सोचना पड़ेगा, यूपी पीछे क्यों है?
सपा मुखिया ने कहा, विकास के लिए तीन चीजों की जरूरत होती है-पानी, सड़क और पत्थर। यूपी में ये सर्वाधिक हैं, फिर हम पीछे क्यों हैं, ये सोचना पड़ेगा। उन्होंने कहा, अपने गांवों को सुधारिए, मोहल्लों की नाली, गंदगी को दूर कीजिए। उन्होंने सैफई का उदाहरण दिया। कहा, हमारे मां-बाप अनपढ़ थे। गांव में चिट्ठी आती थी तो पड़ोस के रिझानी गांव में पढ़वाने जाते थे। आज वहां सब पढ़े-लिखे हैं। हमने मेहनत करके सैफई का सुधार किया।
अन्याय के खिलाफ लड़ना ही समाजवाद
अन्याय के खिलाफ लड़ना और न्याय का साथ देना ही समाजवाद है। समाजवादियों को एकता और सद्भाव के लिए काम करना चाहिए, भेदभाव के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
पद बड़ा, कद भी बड़ा : वैदिक
वेद प्रताप वैदिक ने कहा कि कई बड़े पदों पर बैठने वाले लोग छोटे हैं, लेकिन मुलायम सिंह का पद और कद दोनों बड़े हैं। उनमें गहरे मानवीय गुण हैं। सत्ता में रहकर भी उनमें मद नहीं आया।
उन्होंने सपा मुखिया से कहा कि गैरबराबरी, जाति तोड़ो, भारत-पाक एका और स्त्री-पुरुष के भेदभाव जैसे मुद्दों पर जन आंदोलन की अगुवाई कर वे नायक और महानायक बन सकते हैं।