मुलायम ने बनाई मंत्रियों की हिट लिस्ट
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सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की हिट लिस्ट में कौन-कौन मंत्री हैं जिनका चिट्ठा उनके पास है ? किन मंत्रियों से उन्हें ज्यादा नाराजगी है ? मंत्रियों की बैठक के बाद ये सवाल चर्चा में रहे।
इसलिए भी कि नेताजी के रुख से आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें खत्म नहीं हुई हैं।
अपने आवास पर मंत्रियों के साथ करीब साढ़े चार घंटे की बैठक में मुलायम सिंह यादव ने साफ-साफ कहा कि उनके पास मंत्रियों के कामकाज का पास पूरा लेखा-जोखा है।
कौन मंत्री क्या कर रहा है, कौन किस काम में लिप्त है, उन्हें जानकारी है। उन्होंने मंत्रियों के क्षेत्रों और उनके पोलिंग बूथों पर मिले वोटों का हवाला भी दिया।
गिर सकती है गाज
जाहिर है, नेताजी की लिस्ट में ऐसे मंत्री हैं, जिनसे वे नाखुश हैं। उन्होंने ऐसे मंत्रियों के नामों का खुलासा तो नहीं किया लेकिन भ्रष्टाचार, ठेकेदारी और जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े कुछ मंत्री भविष्य को लेकर आशंकित जरूर हैं।
उन्हें लग रहा है कि अभी नहीं तो आगे चलकर उन पर गाज गिर सकती है।
नेताजी ने मंत्रियों की कारगुजारियों का जो पुलिंदा दिखाया, उसमें किस-किस मंत्री के नाम हैं, यह किसी ने नहीं देखा लेकिन आने वाले समय में मंत्रिमंडल के पुनर्गठन की संभावनाएं बरकरार हैं।
ये रहे नेताजी के निशाने पर
बैठक के दौरान मुलायम सिंह यादव के निशाने पर आमतौर पर पूर्वी और मध्य यूपी के जिलों से ताल्लुक रखने वाले मंत्री रहे। दरअसल, सपा की सर्वाधिक चुनावी संभावना इन्हीं क्षेत्रों में है।
उन्होंने संभल, बिजनौर, रामपुर, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर जैसी सीटों पर हार को लेकर न तो कोई टिप्पणी की और न ही किसी मंत्री का नाम लिया। हां, बैठक में विलंब से आने पर सपा मुखिया ने मंत्री राजेंद्र सिंह राणा को जरूर टोका।
जीत ही धर्म है
मंत्री महबूब अली ने विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में गैर मुस्लिम प्रत्याशी उतारने का सुझाव दिया। इस पर मुलायम सिंह ने कहा कि राजनीति का उसूल है, जीत ही धर्म है।
कैसे चुनाव जीत सकते हैं, कौन प्रत्याशी बेहतर हो सकता है, इसके बारे में सोचिये, मुस्लिम-गैर मुस्लिम को छोड़िए।
इनका किया गया समर्थन
मुलायम सिंह यादव ने मंत्रियों से कहा कि वे बताएं कि विधानसभा उपचुनावों में कौन अच्छा चुनाव लड़ सकते हैं। एक मंत्री ने सहारनपुर सीट से पूर्व मंत्री संजय गर्ग को चुनाव लड़ाने की पैरवी की। उन्होंने कहा, गर्ग से बात कीजिए।
डांट से सहमे मंत्री बाद में चहके
बैठक में शामिल होने आए मंत्रियों को भरोसा नहीं था कि यहां से जाते समय वे मंत्री रहेंगे भी या नहीं।
अटकलें थीं कि मंत्रिमंडल के पुनर्गठन के लिए सभी मंत्रियों से इस्तीफे लिए जा सकते हैं। जिस अंदाज में मुलायम सिंह ने बैठक की शुरुआत की, मंत्रियों को डांटा, उससे लगा कि सभी नहीं तो कुछ मंत्रियों पर गाज गिर सकती है।
बैठक में तनाव का माहौल चाय आने के बाद थोड़ा कम हुआ। बाद में नेताजी ने हल्की-फुल्की बातें कीं तो मंत्री चहक उठे।