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राहुल गांधी प्रकरण : निगरानी याचिका में सरकार भी होगी पक्षकार, सावरकर पर की थी टिप्पणी
Fri, 01 Mar 2024 12:31 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 01 Mar 2024 12:31 AM IST
सार
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल परिवाद को खारिज करने के मामले को चुनौती दी गई है। उन पर सार्वजनिक मंच से वीर सावरकर पर अपमानजनक बातें कहने का आरोप है।
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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल परिवाद को खारिज करने के मामले में दाखिल की गई निगरानी याचिका में राज्य सरकार को भी पक्षकार बनाया जाएगा। इसकी अनुमति देते हुए एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश हरबंश नारायण ने सुनवाई के लिए 11 मार्च की तारीख तय की है।
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गौरतलब है कि याचिका दायर कर निगरानीकर्ता नृपेंद्र पांडे ने बताया था कि राहुल गांधी ने भारत जोड़ो पदयात्रा के दौरान वीर विनायक दामोदर सावरकर के खिलाफ जानबूझकर अपमानजनक बातें कही थीं। एमपीएमएलए के विशेष एसीजेएम अंबरीष कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट में राहुल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग वाली अर्जी देकर आरोप लगाया था कि राहुल ने 17 नवंबर 2022 को अकोला महाराष्ट्र में वैमनस्यता पैदा करने के लिए सार्वजनिक मंच से सावरकर को लेकर अमर्यादित आलोचना की।
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निचली अदालत ने पहले इस अर्जी को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया था। बाद में उस परिवाद को क्षेत्राधिकार के बाहर बताते हुए खारिज कर दिया था। निचली कोर्ट के इसी आदेश को निगरानी याचिका के जरिये चुनौती दी गई है। इसमें नृपेंद्र पांडेय ने राज्य सरकार को विपक्षी नहीं बनाया था, केवल राहुल गांधी को विपक्षी बनाया था। मामले की सुनवाई के दौरान आपत्ति आने पर कोर्ट ने राज्य सरकार को भी पक्षकार बनाने की अनुमति दे दी।
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