लड़की संग नशे में सपा सांसद के बेटे ने किया हंगामा
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मिनी लोहिया के नाम से मशहूर स्व. मोहन सिंह के नाती और गोमतीनगर के विशालखंड निवासी सपा सांसद कनकलता के बेटे प्रशांत सिंह ने शुक्रवार रात हजरतगंज में जमकर हंगामा किया।
लालबत्ती लगी बिना नंबर की सफेद रंग की स्कॉर्पियो कार में सवार सांसद पुत्र के साथ एक युवती भी थी। दोनों बुरी तरह से शराब के नशे में धुत थे। गांधी आश्रम के सामने बाइक सवार युवकों से कहासुनी के बाद सांसद पुत्र ने सड़क पर बवाल शुरू कर किया।
सूचना पाकर पहुंची पुलिस उसे लेकर कोतवाली आई तो वह पुलिसकर्मियों से भिड़ गया। इस बीच सपा के कई नेताओं और मंत्रियों के फोन आने पर पुलिस सांसद पुत्र के आगे नतमस्तक हो गई। खबर मिलते ही मीडियाकर्मी कोतवाली आ गए तो पुलिस को मजबूरन सांसद पुत्र को मेडिकल के लिए भेजना पड़ा।
इंस्पेक्टर हजरतगंज विजयमल ने बताया कि इलाहाबाद निवासी कनकलता सिंह राज्य सभा की सांसद हैं। उनके बेटे प्रशांत की बाइक सवार लड़कों से कहासुनी की सूचना पर पुलिस गई थी। वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ कार में बैठा था। नशे में होने की वजह से उसका मेडिकल कराया गया। शराब पीने के आरोप में चालान करके उसे परिवारीजनों की सुपुर्दगी में दे दिया गया।
'हाथ मत लगाना, मेरी मां सांसद है'
गांधी आश्रम के सामने बवाल की सूचना पाकर पहुंचे नरही चौकी इंचार्ज अंकित त्रिपाठी ने प्रशांत को पकड़ा तो उसने झटका दे दिया। बोला, मेरी मां सांसद है। हाथ मत लगाना। दो मिनट में वर्दी उतरवा दूंगा। चौकी इंचार्ज ने मां का नाम पूछा तो प्रशांत बोला, कनकलता दुबे। पास खड़े लोग एक-दूसरे का मुंह देखने लगे तो प्रशांत को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने सही नाम बताया।
मां को यकीन नहीं हुआ कि शराब पीता है बेटा
मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों को प्रशांत ने अपनी सांसद मां कनकलता सिंह का मोबाइल नंबर दिया। नंबर मिलाने पर उन्हें प्रशांत के शराब पीकर हंगामा करने की जानकारी दी गई तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि मेरा बेटा शराब पी ही नहीं सकता। पुलिसकर्मियों ने उनकी प्रशांत से बात कराई, इसके बाद उन्होंने किसी परिवारीजन को प्रशांत को लेने के लिए कोतवाली भेजा।
मीडिया और पुलिसकर्मियों को धमकाया
प्रशांत ने हजरतगंज कोतवाली में सरकार की धौंस देकर मीडियाकर्मियों को दबाव में लेने की कोशिश की। उसने गाली-गलौज की तो मीडियाकर्मी भड़क उठे।
माहौल गरम होते देख इंस्पेक्टर विजयमल यादव सांसद पुत्र को अपने कमरे में लेकर चले गए। वहां उसे समझाने-बुझाने के बाद फिर बाहर लाया गया तो प्रशांत के तेवर कुछ ढीले दिखे।
सांसद पुत्र की आवभगत में लगी रही पुलिस
हजरतगंज पुलिस सांसद पुत्र की आवभगत में लगी रही। पुलिसकर्मी फोन करने वाले सपा नेताओं को आश्वस्त करते रहे कि प्रशांत को किसी भी तरह की तकलीफ नहीं होने दी जाएगी। एक नेता के पूछने पर उन्हें बताया गया कि प्रशांत एसी रूम में आराम से बैठा है।
मेडिकल को ले जाने के लिए उसे इंस्पेक्टर के एसी रूम से बाहर लाया गया तो पुलिसकर्मी उसके आगे-पीछे घेरा बनाकर चलने लगे। प्रशांत ने जीप में बैठने से इन्कार कर दिया। इसके बाद एक पुलिसकर्मी की लग्जरी एसी कार में उसे अस्पताल ले जाया गया।