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MOU with Singapore: आर्थिक सहयोग के लिए परस्पर सहभागी बनेंगे उत्तर प्रदेश और सिंगापुर, साइन हुआ एमओयू

Tue, 14 Feb 2023 04:05 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 14 Feb 2023 04:05 PM IST
सार

आर्थिक सहयोग के लिए पहली बार उत्तर प्रदेश और सिंगापुर की सरकारों के बीच एमओयू साइन हुआ है। सिंगापुर की कंपनियां यूपी में अर्बन डेवलपमेंट, सस्टेनेबल डेवलपमेंट इंडस्ट्री और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में सहयोग करेंगी।

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MOU signed with companies of Singapore, will work for Uttar Pradesh.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

योगी सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर सिंगापुर और उसकी कंपनियां उत्तर प्रदेश में आर्थिक सहयोग और निवेश करने को लेकर उत्साहित हैं। इसी क्रम में सिंगापुर की मिनिस्ट्री ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने यूपीजीआईएस से इतर यूपी सरकार के साथ पहली बार एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। समझौते के तहत, सिंगापुर और उत्तर प्रदेश सरकार अर्बन डेवलपमेंट, सस्टेनेबल डेवलपमेंट इंडस्ट्री और स्किल डेवलपमेंट जैसे म्यूचुअल इंट्रेस्ट वाले क्षेत्रों में सहयोग करेंगे।

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यह सहयोग सिंगापुर और वहां की कंपनियों को उत्तर प्रदेश को बेहतर ढंग से समझते हुए अपनी एक्सपर्टीज का प्रदर्शन करने में सक्षम बनाएगा। सिंगापुर सरकार और उत्तर प्रदेश की सरकार के बीच यह पहला एमओयू है। यह एमओयू दोनों सरकारों के आर्थिक विकास के पारस्परिक रूप से लाभकारी क्षेत्रों के बीच अधिक सहयोग की सुविधा प्रदान करेगा। 
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पांच क्षेत्रों में होगी सिंगापुर की सहभागिता 
यूपी और सिंगापुर के बीच इस सहयोग को पांच प्रमुख क्षेत्रों में पहचाना गया है। इसके तहत अर्बन डेवलपमेंट में अयोध्या के कुधा केशवपुर में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश की वॉटर सस्टेनेबिलिटी को बढ़ाने में स्मार्ट वॉटर टेक्नोलॉजी की मदद ली जाएगी। वहीं, सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल पार्क, एमएसएमई के अपग्रेडेशन व डिजिटाइजेशन, कंटेंट डेवलपमेंट, ट्रेनिंग पेडागॉगी (शिक्षाशास्त्र प्रशिक्षण), ट्रेनर्स को ट्रेन्ड करना, सर्टिफिकेट के साथ ही सिविल सर्वेंट और सरकारी अधिकारियों का प्रशिक्षण शामिल है।
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ज्वॉइंट पार्नरिशप कमेटी (जेपीसी) का होगा गठन 
एमओयू की कोऑपरेटिव एक्टिविटीज की प्लानिंग, मॉनीटरिंग, इंप्लीमेंट और रिव्यू के लिए एक ज्वॉइंट पार्टनरशिप कमेटी (जेपीसी) का गठन किया जाएगा। जेपीसी में सिंगापुर और उत्तर प्रदेश के सीनियर ऑफिशियल्स शामिल होंगे, जिन्हें संबंधित क्षेत्र में विशेषज्ञता होगी। जेपीसी म्यूचुअली यह निर्णय लेगी कि एमओयू के तहत बेहतर मैनेजमेंट के लिए उन्हें दूसरी एजेंसीज की जरूरत है या नहीं। यह जेपीसी निरंतर प्रगति की रिपोर्ट सिंगापुर की मिनिस्ट्री ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के पर्मानेंट सेक्रेट्री (डेवलपमेंट) के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार के चीफ सेक्रेट्री को सौंपेगी।

21 कंपनियों और 58 डेलीगेट्स ने लिया यूपीजीआईएस में हिस्सा 
उल्लेखनीय है कि 10 से 12 फरवरी के मध्य लखनऊ में आयोजित यूपीजीआईएस में सिंगापुर की 21 कंपनियों और 58 डेलीगेट्स ने हिस्सा लिया था। सिंगापुर, जापान, नीदरलैंड्स और डेनमार्क जैसे देशों के साथ ही यूपीजीआईएस में बतौर पार्टनर कंट्री शामिल हुआ। यहां एक डेडिकेटेड सिंगापुर पवेलियन भी स्थापित किया गया, जिसने बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एजुकेशन से लेकर लॉजिस्टिक तक के क्षेत्रों में सिंगापुर की कंपनियों के निवेश को आकर्षित किया।

एंटरप्राइज सिंगापुर ने सिंगापुर और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच चर्चा की सुविधा भी प्रदान की जिसके परिणामस्वरूप छह नए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। ये एमओयू छह कंपनियों को अपने प्रोजेक्ट इनवेस्टमेंट को आगे बढ़ाने और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर, वेस्ट मैनेजमेंट, आईटी पार्क और डेटा सेंटर के साथ-साथ शिक्षा का विकास जैसे प्रदेश के प्रयासों के अनुरूप विकास के अवसरों को जारी रखने में सक्षम बनाएंगे। 

सिंगापुर की छह कंपनियों ने भी किया है एमओयू

1. ग्लोबल स्कूल फाउंडेशन, ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल (जीआईआईएस) के तहत भारत में के-12 स्कूल्स ऑपरेट करते हैं। इनमें से एक उत्तर प्रदेश के नोएडा में भी है। अब फाउंडेशन का लक्ष्य उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में अपने स्कूल कैंपस खोलने का है। यह फाउंडेशन एक नॉन प्रॉफिट एजुकेशन इंस्टीट्यूशन है जो छात्रों को अलग-अलग करिकुलम में स्किल बेस्ड एजुकेशन मुहैया कराता है। 

2. वेंचर कैपिटलिस्ट गोल्डेन स्टेट कैपिटल ने भी यूपी में निवेश के लिए एमओयू किया है। यह वेंचर अमेरिका और एशिया में एक्टिव है। यह फर्म यूपी के ग्रेटर नोएडा में डाटा सेंटर सुविधा के निर्माण के लिए उत्सुक है। 

3. सिंगापुर की फर्नीचर कंपनी सैम एंड सारा होल्डिंग्स भी यूपी में निवेश करेगी। कंपनी यूपी के मुरादाबाद में पहले से ही मैन्युफैक्चरिंग और वेयरहाउसिंग सुविधा प्रदान कर रही है, लेकिन अब कंपनी का उद्देश्य यूपी में फर्नीचर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूशन की शुरुआत करने का है। 

4. एसएटीएस लि. उत्तर प्रदेश में अपनी दूसरी फूड प्रोडक्शन फैसिलिटी की शुरुआत करने का इच्छुक है। एसएटीएस लि. फूड सॉल्यूशंस की लीडिंग प्रोवाइडर है और उसे एशिया में गेटवे सर्विसेज के लिए भी जाना जाता है। भारत में यह कंपनी ताज होटल के साथ मिलकर इनफ्लाइट कैटरिंग उपलब्ध कराती है, जबकि एयर इंडिया के साथ ग्राउंड और कॉर्गो होल्डिंग में काम कर रही है। एसएटीएस फूड सॉल्यूशंस इंडिया बेंगलुरू में जल्द ही सेंट्रल फ्रोजेन फूड प्रोडक्शन प्लांट की शुरुआत करने वाली है।

5. वंस (वीएएनएस) केमिस्ट्री ने यूपी के ग्रेटर नोएडा में एक ई-वेस्ट कलेक्शन एंड प्री डिसमैंटिंग सेंटर खोलने के लिए एमओयू किया है। यह सेंटर नॉर्थ इंडिया में कंपनी का मुख्य सेंटर होगा। वंस केमिस्ट्री एक ई-वेस्ट मैनेजमेंट सर्विस प्रोवाइडर है जो वन स्टॉप सॉल्यूशन की तरह काम करता है। 

6. सिंगापुर का ट्रांसवर्ल्ड ग्रुप की कंपनी ट्रांसवर्ल्ड टर्मिनल्स प्रा. लि. उत्तर प्रदेश में अपनी सेवाओं का विस्तार करेगी। कंपनी यूपी के ग्रेटर नोएडा में एक मल्टी परपस वेयरहाउस फैसिलिटी की शुरुआत करने वाली है। कंपनी भारत में कंटेनर फ्रेट स्टेशंस, वेयरहाउसिंग एंड डिस्ट्रिब्यूशन के अलावा एंड टू एंड लॉजिस्टिक सुविधाएं उपलब्ध कराती है।

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