सरकार की कोशिश से पिता के साथ मां को भी सम्मान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जल्द ही सरकारी अभिलेखों व प्रमाण पत्रों में पिता के साथ ही मां का भी नाम दर्ज किया जाएगा। सरकार पिता के साथ ही मां को भी बराबर का सम्मान दिलाने के लिए यह नई व्यवस्था करने जा रही है। अभी तक केवल शैक्षिक प्रमाण पत्रों में ही पिता के साथ मां का नाम दर्ज किया जाता है।
समय-समय पर कुछ संगठन सरकारों से मां का नाम भी सरकारी अभिलेखों में दर्ज करने की मांग करते रहे हैं। इसी को देखते हुए प्रदेश सरकार अब सरकारी अभिलेखों व प्रमाण पत्रों में पिता के साथ ही मां का भी नाम दर्ज करने की व्यवस्था करने जा रही है।
ड्राइविंग लाइसेंस, परिचय पत्र, बैंकों के पास-बुक, हथियार लाइसेंस, जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र सहित विभिन्न प्रमाण पत्रों व अभिलेखों में अनिवार्य रूप से मां का भी नाम दर्ज किया जाएगा।
महिला कल्याण विभाग ने इसका विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर लिया है। जल्द ही इसके आदेश जारी होने वाले हैं। इसके लागू होते ही सभी विभागों को अनिवार्य रूप से अभिलेखों व प्रमाणपत्रों में मां का नाम भी दर्ज करना होगा।
नौकरी के आवेदन व अस्पतालों के पर्चे पर भी होगा मां का नाम
प्रदेश सरकार नौकरियों में आवेदन के लिए निकलने वाले फॉर्म में भी मां का नाम दर्ज कराएगी। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में बनने वाले पर्चों में भी मां का नाम दर्ज किया जाएगा। अभी तक केवल मरीज का ही नाम दर्ज किया जाता है।
इन प्रमाण पत्रों व अभिलेखों में होगा मां का नाम
ड्राइविंग लाइसेंस
सरकारी, निजी क्षेत्र व सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के परिचय पत्र
बैंक पासबुक
भूमि क्रय अभिलेख
एससी, एसटी, ओबीसी के जाति प्रमाण पत्र
पेंशन अभिलेख
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पहचान पत्र
हथियार लाइसेंस
निशक्तता प्रमाण पत्र
मनरेगा के जॉब कार्ड व स्वास्थ्य बीमा योजना के स्मार्ट कार्ड
सभी प्रकार के शपथ पत्र
नई भर्ती के आवेदन पत्र
टेंडरदाता के विवरण में
जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र
बिजली, पानी, टेलीफोन सहित सभी प्रकार के बिल
अस्पतालों में मरीजों के पर्चे पर
सभी प्रकार के प्रवेश पास
विभिन्न विभागों से जारी होने वाले प्रमाण पत्र
महिला कल्याण विभाग के निदेशक राम केवल का कहना है कि पिता के साथ ही मां का नाम अनिवार्य रूप से दर्ज कराने के लिए महिला कल्याण निदेशालय ने प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है। जल्द ही इस पर निर्णय हो जाएगा। इसके बाद सभी विभागों को इसे लागू करना होगा।