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Lucknow News: हाईवे पर 50 से ज्यादा कट, जोखिम में जान
Mon, 08 Jan 2024 12:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 08 Jan 2024 12:34 AM IST
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रायबरेली। जिले से होकर निकले लखनऊ-रायबरेली हाईवे में बछरांवा से जिला मुख्यालय तक 50 अवैध कट हैं। इससे हाईवे पर सफर करने वाले लोगों की जिंदगी खतरे में है। इन कट को बंद कराने के लिए एनएचएआई और जिला प्रशासन कोई प्रयास नहीं कर रहा है। बेतरतीब कटों से आए दिन हादसे हो रहे हैं। लोगों को जाम से भी जूझना पड़ रहा है।
लखनऊ-रायबरेली फोरलेन बना है। हाईवे पर डिवाइडर बनाया गया है। बछरावां, कुंदनगंज, गंगागंज, हरचंदपुर, रतापुर, सिविल लाइन चौराहा, बरगद चौराहा तक करीब 50 से ज्यादा अवैध कट बने हैं। इन अवैध कट से निकल कर अचानक कोई राहगीर हाईवे पर चला आता है। ऐसे में दुर्घटना की आशंका अधिक होती है।
यही नहीं, सड़क पर सफर कर रहे दूसरे वाहन सवार लोग भी इसका खामियाजा भुगतते हैं। हालांकि, हाईवे पर चलने वाली गाड़ियों की रफ्तार पर अंकुश के लिए कई जगह साइन बोर्ड लगाए गए हैं, जिस पर बाकायदा दुर्घटना बहुल क्षेत्र दर्शाया गया है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण इन स्थानों पर गाड़ियों की रफ्तार कम नहीं होती है।
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पत्थर रखकर बंद कराया कट, फिर खुल गया
त्रिपुला और रतापुर चौराहे के बीच 500 मीटर दूरी पर तीन कट बनाए गए हैं, जो अवैध है। इसके बीच में एक इंटर कॉलेज और एक इंजीनियरिंग कॉलेज है। पावर कॉर्पोरेशन का वर्कशॉप भी है। इन्हीं कटों से खंभा और ट्रांसफार्मर लादकर वाहन निकलते हैं। हाईवे पार करने के लिए लोग इन्हीं कटों का सहारा लेते हैं। एनएचएआई ने पत्थर रखवाकर कट बंद किए,
एक किमी. तीन कट
रतापुर चौराहे से सिविल लाइंस ओवरब्रिज तक तीन कट हैं। प्रगतिपुरम मोहल्ले के लोगों को आने-जाने के लिए यहां पर कट बनाया गया है। इसके आगे आईटीआई कॉलोनी को जाने के लिए कट बनाया गया, लेकिन छजलापुर के पास अवैध कट बना है। इस वजह से इस कट से दो पहिया, चार पहिया वाहन इस साइड से दूसरी साइड निकल जाते हैं। कई बार यहां पर हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन इस कट को बंद नहीं किया गया।
पेट्रोल पंप संचालकों को लाभ पहुंचाने को बना दिया कट
बरगद चौराहा से मोटल चौराहे तक चार कट बनाए गए हैं। यह कट पेट्रोल पंप संचालकों और माननीयों के इशारे में किए गए हैं। इन कटों से बेतरतीब वाहन घुस जाते हैं। छोटे और भारी वाहन भी इन कट से निकलते हैं। इसकी वजह से अक्सर जाम लग जाता है। एनएचएआई की ओर से इन कटों को बंद कराने के लिए प्रयास किए गए, लेकिन अफसरों ने तेजी नहीं दिखाई। इस बीच में केवल सिविल लाइन चौराहा पर कट होना चाहिए, लेकिन चार कट अनावश्यक बना दिए गए हैं।
माननीयों के आगे अधिकारी बेबस
वैसे तो हाईवे पर आबादी क्षेत्र से 100 मीटर बाहर कट बनाया जाता है। वहां जहां पर आबादी नहीं होती, वहां दो से तीन किलोमीटर की दूरी पर कट बनाने का नियम है, लेकिन शहर में माननीयों के आगे यह नियम नहीं लागू होते है। वह अपने मनमाफिक कट बनवा लेते हैं। सिविल लाइंस और सारस होटल चौराहा तक दो कट बने हैं। यह दोनों कट अवैध है। इनको बंद करने के लिए कई बार प्रयास हुए, लेकिन माननीयों के आगे अधिकारी बेबस रहे। इसी तरह छजलापुर, रतापुर के बीच भी कई अवैध बने हैं।
हाईवे से गायब पीली और सफेद पट्टी
रायबरेली। जिले से रायबरेली-प्रयागराज हाईवे, रायबरेली-जौनपुर हाईवे, रायबरेली-बांदा हाईवे, रायबरेली-सुल्तानपुर हाईवे, रायबरेली-अयोध्या हाईवे निकले हैं। ज्यादातर हाईवे पर सफेद और पीली पट्टी गायब हो गईं हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत रात में चलने वालों लोगों को होती है। इससे वाहन चालक मनमाने तरीके हाईवे पर फर्राटा भरते रहते हैं।
प्रशासन को भेजा गया पत्र
लखनऊ-रायबरेली हाईवे पर 50 से ज्यादा कट हैं। इन कटों को बंद कराने में जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है। जिला प्रशासन की मदद से जल्द ही यह कट बंद कराए जाएंगे।
- संभव सिंह, साइट इंजीनियर, एनएचएआई
बंद कराने के लिए कहा गया
हाईवे पर अवैध कट होने से न सिर्फ हादसे होते हैं, बल्कि जाम की समस्या भी रहती है। एनएचएआई के अधिकारियों से अवैध कट बंद किए जाने की मांग की गई है।
- अजय सिंह तोमर, यातायात प्रभारी
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लखनऊ-रायबरेली फोरलेन बना है। हाईवे पर डिवाइडर बनाया गया है। बछरावां, कुंदनगंज, गंगागंज, हरचंदपुर, रतापुर, सिविल लाइन चौराहा, बरगद चौराहा तक करीब 50 से ज्यादा अवैध कट बने हैं। इन अवैध कट से निकल कर अचानक कोई राहगीर हाईवे पर चला आता है। ऐसे में दुर्घटना की आशंका अधिक होती है।
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यही नहीं, सड़क पर सफर कर रहे दूसरे वाहन सवार लोग भी इसका खामियाजा भुगतते हैं। हालांकि, हाईवे पर चलने वाली गाड़ियों की रफ्तार पर अंकुश के लिए कई जगह साइन बोर्ड लगाए गए हैं, जिस पर बाकायदा दुर्घटना बहुल क्षेत्र दर्शाया गया है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण इन स्थानों पर गाड़ियों की रफ्तार कम नहीं होती है।
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पत्थर रखकर बंद कराया कट, फिर खुल गया
त्रिपुला और रतापुर चौराहे के बीच 500 मीटर दूरी पर तीन कट बनाए गए हैं, जो अवैध है। इसके बीच में एक इंटर कॉलेज और एक इंजीनियरिंग कॉलेज है। पावर कॉर्पोरेशन का वर्कशॉप भी है। इन्हीं कटों से खंभा और ट्रांसफार्मर लादकर वाहन निकलते हैं। हाईवे पार करने के लिए लोग इन्हीं कटों का सहारा लेते हैं। एनएचएआई ने पत्थर रखवाकर कट बंद किए,
एक किमी. तीन कट
रतापुर चौराहे से सिविल लाइंस ओवरब्रिज तक तीन कट हैं। प्रगतिपुरम मोहल्ले के लोगों को आने-जाने के लिए यहां पर कट बनाया गया है। इसके आगे आईटीआई कॉलोनी को जाने के लिए कट बनाया गया, लेकिन छजलापुर के पास अवैध कट बना है। इस वजह से इस कट से दो पहिया, चार पहिया वाहन इस साइड से दूसरी साइड निकल जाते हैं। कई बार यहां पर हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन इस कट को बंद नहीं किया गया।
पेट्रोल पंप संचालकों को लाभ पहुंचाने को बना दिया कट
बरगद चौराहा से मोटल चौराहे तक चार कट बनाए गए हैं। यह कट पेट्रोल पंप संचालकों और माननीयों के इशारे में किए गए हैं। इन कटों से बेतरतीब वाहन घुस जाते हैं। छोटे और भारी वाहन भी इन कट से निकलते हैं। इसकी वजह से अक्सर जाम लग जाता है। एनएचएआई की ओर से इन कटों को बंद कराने के लिए प्रयास किए गए, लेकिन अफसरों ने तेजी नहीं दिखाई। इस बीच में केवल सिविल लाइन चौराहा पर कट होना चाहिए, लेकिन चार कट अनावश्यक बना दिए गए हैं।
माननीयों के आगे अधिकारी बेबस
वैसे तो हाईवे पर आबादी क्षेत्र से 100 मीटर बाहर कट बनाया जाता है। वहां जहां पर आबादी नहीं होती, वहां दो से तीन किलोमीटर की दूरी पर कट बनाने का नियम है, लेकिन शहर में माननीयों के आगे यह नियम नहीं लागू होते है। वह अपने मनमाफिक कट बनवा लेते हैं। सिविल लाइंस और सारस होटल चौराहा तक दो कट बने हैं। यह दोनों कट अवैध है। इनको बंद करने के लिए कई बार प्रयास हुए, लेकिन माननीयों के आगे अधिकारी बेबस रहे। इसी तरह छजलापुर, रतापुर के बीच भी कई अवैध बने हैं।
हाईवे से गायब पीली और सफेद पट्टी
रायबरेली। जिले से रायबरेली-प्रयागराज हाईवे, रायबरेली-जौनपुर हाईवे, रायबरेली-बांदा हाईवे, रायबरेली-सुल्तानपुर हाईवे, रायबरेली-अयोध्या हाईवे निकले हैं। ज्यादातर हाईवे पर सफेद और पीली पट्टी गायब हो गईं हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत रात में चलने वालों लोगों को होती है। इससे वाहन चालक मनमाने तरीके हाईवे पर फर्राटा भरते रहते हैं।
प्रशासन को भेजा गया पत्र
लखनऊ-रायबरेली हाईवे पर 50 से ज्यादा कट हैं। इन कटों को बंद कराने में जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है। जिला प्रशासन की मदद से जल्द ही यह कट बंद कराए जाएंगे।
- संभव सिंह, साइट इंजीनियर, एनएचएआई
बंद कराने के लिए कहा गया
हाईवे पर अवैध कट होने से न सिर्फ हादसे होते हैं, बल्कि जाम की समस्या भी रहती है। एनएचएआई के अधिकारियों से अवैध कट बंद किए जाने की मांग की गई है।
- अजय सिंह तोमर, यातायात प्रभारी