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Lucknow News : शिक्षा विभाग के तबादलों में और मिलीं गड़बड़ियां, शासन को भेजा गया प्रस्ताव
Fri, 09 Sep 2022 10:41 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 09 Sep 2022 10:41 AM IST
सार
अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी के अनुसार तबादलों में त्रुटियों की पहली सूची लगभग 124 से 130 कर्मचारियों की संशोधित जारी की गई थी। इसके बाद कर्मचारियों की आपत्ति व विरोध के बाद विभाग ने फिर से आपत्तियों की समीक्षा की।
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विस्तार
बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के समूह ‘ग’ कर्मियों के तबादलों में हुईं गड़बड़ियों की दूसरी लिस्ट भी तैयार हो गई है। दोबारा की गई समीक्षा में 30 से अधिक तबादले गड़बड़ मिले हैं, जिनकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। अनुमोदन मिलने के बाद दूसरी संशोधित सूची भी जारी कर दी जाएगी। वहीं इन गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार बाबुओं का पूर्व में निलंबन किए जाने के बाद इधर बुधवार को दो सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
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अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी के अनुसार तबादलों में त्रुटियों की पहली सूची लगभग 124 से 130 कर्मचारियों की संशोधित जारी की गई थी। इसके बाद कर्मचारियों की आपत्ति व विरोध के बाद विभाग ने फिर से आपत्तियों की समीक्षा की। साथ ही 30 से अधिक गड़बड़ियां फिर से निकलने के बाद उन्हें संशोधित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वहां से अनुमोदन मिलते हुए संशोधित आदेश जारी कर दिया जाएगा।
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कर्मचारियों ने कहा पूरी सूची की समीक्षा हो
यूपी एजूकेशनल मिनिस्ट्रीयल ऑफीसर्स एसोसिएशन के महामंत्री राजेश चंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि विभाग टुकड़ों में विरोध के बाद ही गड़बड़ियां क्यों निकाल रहा है। पहले तो जून में तबादलों की जुलाई अंत में जांच की गई। कर्मचारियों को विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। संगठन ने 291 गड़बड़ियों की सूची सौंपी थी, लेकिन 100 से गड़बड़ियां ही सुधारी गईं। वहीं दावा कुछ और किया गया। इसके विरोध में जब फिर कर्मचारियों ने विरोध, प्रदर्शन किया तो आपत्तियों पर संगठन के साथ समीक्षा किए जाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन बिना संगठन की बात सुने अब दोबारा नई संशोधित सूची जारी की जा रही है। अगर इसमें भी पूरी आपत्तियां दूर नहीं हुईं तो क्या करेंगे? क्यों नहीं कर्मचारियों की एक-एक आपत्ति पर बात की जा रही? उन्होंने मांग की है कि सभी तबादलों की एक बार स्क्रूटनी कर ली जाए। साथ ही जो शासन के निर्देशों व तबादला नीति के विरुद्ध तबादले हों, उन्हें निरस्त या संशोधित किया जाए।
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इन अधिकारियों पर कार्रवाई की संस्तुति
शासन ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा की संस्तुति पर शिक्षा विभाग के समूह ग के तबादलों में गड़बड़ी के लिए तत्कालीन अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) ललिता प्रदीप व तत्कालीन सहायक शिक्षा निदेशक (सेवाएं -2), उप्र. प्रयागराज को प्रथम दृष्टया दोषी पाया है। साथ ही दोनों सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही करने के लिए विशेष सचिव, बेसिक शिक्षा अवधेश कुमार तिवारी को पदेन जांच अधिकारी नामित किया है।
अमर उजाला ने उठाया था मामला
शिक्षा विभाग के तबादलों की गड़बड़ी का मामला अमर उजाला ने 22 जुलाई को ‘शिक्षा विभाग में भी गड़बड़ी, तबादल ऐसे दफ्तरों में जहां रिक्त पद ही नहीं’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर उठाया था। इसके बाद महानिदेशक स्कूल शिक्षा के निर्देश पर अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने तीन सदस्यीय समिति बनाई थी। वहीं खबर का संज्ञान लेते हुए 27 जुलाई को शासन ने दोषियों पर कार्रवाई कर तबादलों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में जांच के बाद शिक्षा विभाग ने गड़बड़ी पकड़ी थी। इधर, दूसरी गड़बड़ सूची तैयार हुई है।