5300 सरकारी कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक ओर तो जब समाजवादी सरकार बनी थी तब बसपा शासनकाल के स्मारकों और पार्कों के कर्मचारियों को गैर जरूरी मान कर निकालने या अन्य विभागों में समायोजित करने की तैयारी की जा रही थी, वहीं अब उनका वेतन प्रत्येक वर्ष तीन फीसदी बढ़ाने का ऐलान शासन ने कर दिया है।
इसके लिए बाकायदा शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। इस वेतन बढ़ोतरी का लाभ 5300 कर्मचारियों को मिलेगा। प्रत्येक वर्ष लगभग 40 करोड़ रुपये का वेतन स्मारक कर्मियों को दिया जाता है। ऐसे में करीब सवा करोड़ रुपये सालाना की बजट बढ़ोतरी स्मारक संरक्षण समिति के मद में आवास विभाग को करनी पड़ेगी।
फिलहाल स्मारक कर्मियों में इस शासनादेश को लेकर खुशी तो है मगर वे चाहते हैं, इसको लागू करने के लिए जल्द शासन बजट का प्रावधान भी कर दे। उन्हीं कर्मचारियों की वेतन वृद्धि होगी, जिनकी संस्तुति समिति, सरकार से करेगी।
बढ़े वेतन के साथ मिलेगा मंहगाई भत्ता
आवास विभाग के संयुक्त सचिव शिवजनम चौधरी की ओर से जारी इस आदेश में कहा गया है कि 2010 में बसपा काल के दौरान स्मारकों और पार्कों के लिए 5300 कार्मिकों की भर्ती की गई थी।
राजधानी में सामाजिक परिवर्तन स्थल, अंबेडकर म्यूजिकल फाउंटेन, कांशीराम स्मारक स्थल, ग्रीन ईको गार्डेन, रमाबाई रैली स्थल और नोएडा भीमराव अंबेडकर दलित चेतना स्थल में इन कार्मिकों की तैनाती की गई थी।
मगर तब से इन लोगों के वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी। हाल ही में एक कर्मचारी की मौत बीमारी से हुई। जिसकी वजह भुखमरी भी बताई गई। इसी के बाद सरकार ने इन कर्मचारियों के वेतन में तीन फीसदी सालाना की बढ़ोतरी का फैसला ले लिया।
शासन ने इन कर्मचारियों के लिए तीन फीसदी की वार्षिक बढ़ोतरी के साथ में महंगाई भत्ता देने का भी फैसला किया है। अनुमन्य दर के मुताबिक महंगाई भत्ता दिया जाएगा। यह दर राज्य कर्मचारियों के लिए निर्धारित दरों के अनुकूल होगी।