अखिलेश का बड़ा फैसला, बदल दिया मॉनिटरिंग सिस्टम
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी घोषणाओं पर अमल की मॉनिटरिंग व्यवस्था में बदलाव किया है। इसके तहत सभी विभागों के प्रमुख सचिव ऑनलाइन मॉनिटरिंग वेबसाइट पर घोषणाओं की प्रगति रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे।
इतना ही नहीं उन्हें वेबसाइट पर हर महीने कार्यों की प्रगति के फोटोग्राफ्स भी नियमित रूप से अटैच करने होंगे। प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री अनीता सिंह ने सभी विभागों के प्रमुख सचिवों से कहा है कि मुख्यमंत्री की घोषणाएं समयबद्ध पूरी होनी है। लिहाजा वे स्वयं नियमित इसकी समीक्षा करते रहें।
साथ ही इस बात का खास ख्याल रखें कि वेबसाइट पर अपलोड की गई सूचना व फोटोग्राफ्स नवीनतम हों। सूचनाएं रिपीट होने को गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि सीएम की घोषणा तभी पूर्ण मानी जाएगी, जब उसका लाभ जनता को मिलने लगेगा। संदेश साफ है कि कार्य पूरा करने का मतलब, बजट खर्च होना नहीं माना जाएगा। नई व्यवस्था नए साल के पहले दिन से ही लागू कर दी गई।
पहले ये थी व्यवस्था
मुख्यमंत्री कार्यालय सीएम की घोषणाओं की जानकारी संबंधित विभाग को भेजता था। विभाग उस पर हुई कार्यवाही जानकारी सीएम घोषणा प्रकोष्ठ को देते थे।
इसके बाद घोषणा प्रकोष्ठ वेबसाइट पर रिपोर्ट अपलोड करता था। जबकि घोषणा पूरी होने पर विभागीय प्रमुख सचिव की रिपोर्ट पर उसे ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम से हटा दिया जाता था।
नई व्यवस्था में ये होगा खास
- ऑनलाइन मॉनिटरिंग वेबसाइट पर मुख्यमंत्री की घोषणाओं की प्रगति रिपोर्ट हर महीने निर्धारित तिथि तक कम से कम एक बार अपडेट करनी होगी। इसमें कार्य की प्रगति से जुड़े फोटोग्राफ अटैच करने होंगे ताकि मुख्यमंत्री इसकी जानकारी प्राप्त कर सकें।
- प्रमुख सचिव अपने-अपने विभाग की मुख्यमंत्री से जुड़ी हर घोषणा के लिए एक अधिकारी नामित करेंगे। यह संयुक्त सचिव से नीचे स्तर का नहीं होगा। मुख्यमंत्री की वेबसाइट पर ऐसे समस्त अफसरों का मोबाइल नंबर के साथ ब्यौरा दर्ज करना होगा।
आदेश के तहत इस तरह करना होगा काम
- प्रमुख सचिव स्वयं दर्ज करेंगे कि घोषणा पर क्या खर्च आएगा। कार्यदायी संस्था काम कब शुरू और खत्म करेगा।
- अगर घोषणा किसी निर्माण कार्य से जुड़ी है, लेकिन कार्यदायी संस्था नामित नहीं है तो संस्था नामित करने की संभावित तिथि दर्ज करनी होगी। इसके लिए कम से कम किसी अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाकर ब्यौरा देना होगा।
- यदि किसी घोषणा से जुड़ा कार्य शुरू नहीं हुआ तो सूचना अपडेट करने की तिथि तक इसके लिए हुए प्रयास की जानकारी देनी होगी। बतौर साक्ष्य नोटशीट, पत्राचार व आदेश की प्रति अपलोड करना होगा।
- जिन घोषणाओं में निर्माण कार्य शामिल नहीं है उनसे जुड़े नोटशीट, पत्राचार, आदेश की प्रति अटैच करने होंगे।