मदरसों पर मेहरबानी के वाबजूद अनुदान नहीं
मदरसों को अनुदान देने के मामले में फिर पेंच फंस गया है। यही वजह है कि कैबिनेट से 93 मदरसों को अनुदान देने का जो प्रस्ताव पास हुआ था, उसका शासनादेश अभी तक जारी नहीं हो सका है।
इस बार मामला मदरसा प्रबंधकों की शिकायत के कारण फंसा है। उन्होंने मदरसों को अनुदान देने में धांधली का आरोप लगाया है।
लंबे समय से अनुदान की प्रतीक्षा कर रहे मदरसा प्रबंधकों को अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा।
अखिलेश सरकार की कैबिनेट ने 19 मई को प्रदेश के 93 मदरसों को अनुदान देने का प्रस्ताव पास किया था, लेकिन अभी तक इसका शासनादेश जारी नहीं हो पाया है।
आजम ने दिए जांच के आदेश
दरअसल, जिन मदरसों को अनुदान नहीं मिल सका है, उन्होंने इसमें धांधली की शिकायत की है।
मदरसा प्रबंधकों ने विभागीय मंत्री आजम खां से इसकी शिकायत की। उन्होंने इस मामले की जांच के निर्देश दिए।
विभाग के विशेष सचिव मो. शफाकत कमाल को जांच सौंपी गई है। उन्होंने पूरे मामले की पत्रावलियां तलब की हैं।
वह देखेंगे कि जिन मदरसों ने शिकायत की है क्या वाकई उनके कागजों में कोई कमी थी या उनके साथ नाइंसाफी हुई है।
जांच के बाद ही अब 93 मदरसों को अनुदान देने का शासनादेश जारी किया जाएगा।