UP Assembly Elections : काशी में फिर ‘मोदी मैजिक’ से मिली जीत, सभी सीटों पर भाजपा का कब्जा बरकरार
वाराणसी, मिर्जापुर व प्रयागराज मंडल में 41 सीटों पर जीती भाजपा। गाजीपुर, प्रयागराज व जौनपुर में दौड़ी सपा की साइकिल, कई सीटें झटकीं।डिप्टी सीएम व मोती जैसे कद्दावर मंत्री को देखना पड़ा हार का मुंह।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक बार फिर से ‘मोदी मैजिक’ का असर देखने को मिला। भाजपा ने इस जिले की सभी 8 सीटों के अलावा चंदौली की 4 में से तीन सीटों पर कब्जा बरकरार रखने में कामयाबी हासिल की है। हालांकि इसी मंडल के गाजीपुर और जौनपुर में सपा भी अपना पुराना गढ़ वापस पाने में लगभग कामयाब हुई है। इसका असर मिर्जापुर मंडल के तीनों जिलों की सीटों पर भी देखने को मिला है। 2017 के चुनाव में भाजपा ने वाराणसी, मिर्जापुर व प्रयागराज मंडल की कुल सीटों में से 54 सीटें जीती थी। इस बार भी 40 सीटें जीतने में कामयाब हुई है।
दरअसल काशी विश्वनाथ कॉरिडोर केनिर्माण के अलावा वाराणसी शहर के विकास केतमाम काम होने के बावजूदइस बार के चुनाव में स्थानीय विधायकों के खिलाफ जनता में व्याप्त नाराजगी को देखते हुए यह कयास लगाया जा रहा था कि पिछले साल की तुलना में इस बार भाजपा को कई सीटों पर नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसके मद्देनजर पीएम मोदी समेत पार्टी के तमाम बड़े नेताओं में वाराणसी में रहकर मोर्चा संभालना पड़ा था। खास तौर पर पीएम मोदी की मौजूदगी के बाद यह माना जाने लगा था काशी में भाजपा को कोई नुकसान नहीं होगा और हुआ भी यही। पार्टी जिले की सभी सीटों पर जीत दर्ज करने में भाजपा जहां कामयाब रही है, वहीं जिले केतीनों मंत्री रवीन्द्र जायसवाल, नीलकंठ तिवारी और अनिल राजभर अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे। अलबत्ता पार्टी को सबसे बढ़ा झटका गाजीपुर में जरूर लगा है। यहां की सभी 7 सीटों पर सपा गठबंधन ने जीत दर्ज करके अपने पुराने गढ़ को वापस पाने में कामयाबी हासिल की है।
वाराणसी मंडल की कुल 28 सीटों में से भाजपा गठबंधन इस बार 15 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि 2017 में भाजपा इस मंडल को 21 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं जौनपुर में भी भाजपा को पिछली बार के मुकाबले एक सीट कम मिली है। भाजपा इस बार 9 में चार सीट पर ही जीत पाई है। हालांकि जिले से मंत्री गिरीश यादव अपनी सीट बचा लिए हैं। वही, चंदौली की चार सीटों में भाजपा ने 3 सीट जीतकर 2017 की उपलब्धि को दोहराया है।
मिर्जापुर मंडल में भी भाजपा गठबंधन ने इस बार 11 सीटों पर जीत दर्ज कर किसी तरह केनुकसान से गठबंधन को बचा लिया है। एनडीए ने इस बार भी सोनभद्र की 4 व मिर्जापुर की 5 सीटों के भदोही की 2 सीटें जीती हैं।
प्रयागराज: केशव व मोती के तौर पर बड़ा झटका
2017 में इस मंडल की कुल 28 सीटों में 22 सीट जीतने वाला एनडीए इस बार 14 सीट ही जीत पाया है। पार्टी को बड़े झटके के तौर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और कद्दावर मंत्री रहे राजेन्द्र प्रताप उर्फ मोती सिंह के पराजय का सामना करना पड़ा है। यही नहीं भाजपा केशव के गृह जिले कौशांबी की तीनों सीटे हार गई है। जबकि प्रयागराज में भी एक सीट का नुकसान हुआ है। यहां की 12 में भाजपा गठबंधन 8 सीट ही जीत पाई है, जबकि 207 में 9 सीटों पर जीत मिली थी। उधर प्रतापगढ़ में भी दो सीटों का नुकसान हुआ है। यहां पर भी भाजपा गठबंधन को सिर्फ दो सीट ही मिला है। जबकि पिछले चुनाव में 4 सीट मिला था। इसी प्रकार फतेहपुर में भी भाजपा गठबंधन को दो सीटें गंवानी पड़ी है। 6 सीटों वाले इस जिले में एनडीए इस बार 4 सीट ही जीत पाया है।
वाराणसी मंडल (28) भाजपा गठबंधन
जिला 2017 2022
जौनपुर 9/ 5 9/4
गाजीपुर 7/5 7/0
चंदौली 4/3 4/3
वाराणसी 8/8 8/8
----------------------------------------
योग- 21 15
----------------------------------------
प्रयागराज मंडल (28)
प्रतापगढ़- 7/4 7/2
कौशांबी- 3/3 3/0
प्रयागराज- 12/9 12/8
फतेहपुर- 6/6 6/4
------------------------------------------
योग- 22 14
------------------------------------------
मिर्जापुर मंडल (12)
मिर्जापुर 5/5 5/5
सोनभद्र 4/4 4/4
भदोही 3/2 3/2
-------------------------------------------
योग- 11 11
-------------------------------------------