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विधायक अमनमणि भगोड़ा घोषित, सुनवाई के दौरान हाजिर नहीं होने पर कोर्ट ने दिए आदेश
Thu, 11 Feb 2021 09:38 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 11 Feb 2021 09:38 PM IST
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अमनमणि त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला।
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एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने सुनवाई के दौरान हाजिर नहीं होने पर नौतनवा के निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर उन्हें भगोड़ा घोषित किया है। अमनमणि पर ठेकेदार के अपहरण और रंगदारी मांगने का आरोप है। मामले की अगली सुनवाई तीन मार्च को नियत की गई है।
सरकारी वकील नकुल पाठक ने कोर्ट को बताया कि गोरखपुर के ठेकेदार ऋषि कुमार पांडेय ने 6 अगस्त 2014 को गौतमपल्ली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अमनमणि ने संदीप त्रिपाठी और रवि शुक्ल के साथ उसकी हत्या के लिए अपहरण किया और रंगदारी मांगी। इस पर कोर्ट ने आरोप तय कर दिए। मामले में गवाही चल रही है।
गत 29 जनवरी को सुनवाई के समय आरोपी रवि और संदीप हाजिर हुए, पर अमनमणि को बीमार बताते हुए हाजिरी माफी की अर्जी दी गई थी। कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। बृहस्पतिवार को सुनवाई के समय संदीप और रवि की ओर से उनकी हाजिरी माफ ी की अर्जी दी गई, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इस मामले में अमनमणि के हाजिर नहीं होने पर कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर भगोड़ा घोषित कर दिया है।
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सरकारी वकील नकुल पाठक ने कोर्ट को बताया कि गोरखपुर के ठेकेदार ऋषि कुमार पांडेय ने 6 अगस्त 2014 को गौतमपल्ली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अमनमणि ने संदीप त्रिपाठी और रवि शुक्ल के साथ उसकी हत्या के लिए अपहरण किया और रंगदारी मांगी। इस पर कोर्ट ने आरोप तय कर दिए। मामले में गवाही चल रही है।
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गत 29 जनवरी को सुनवाई के समय आरोपी रवि और संदीप हाजिर हुए, पर अमनमणि को बीमार बताते हुए हाजिरी माफी की अर्जी दी गई थी। कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। बृहस्पतिवार को सुनवाई के समय संदीप और रवि की ओर से उनकी हाजिरी माफ ी की अर्जी दी गई, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इस मामले में अमनमणि के हाजिर नहीं होने पर कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर भगोड़ा घोषित कर दिया है।
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