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प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना: गड़बड़ियों से जूझते लाभार्थी कैसे बनेंगे ‘आयुष्मान’

Mon, 23 Sep 2019 05:21 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 23 Sep 2019 05:21 PM IST
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Mistakes in Ayushman Card creating problem for people.
- फोटो : अमर उजाला

आयुष्मान योजना लागू होने के साल भर बाद भी लाभार्थियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। कुछ लोग कार्ड के लिए परेशान हैं तो कुछ कार्ड मिलने के बाद त्रुटियां दुरुस्त करने के लिए दौड़ रहे हैं। कार्ड की गड़बड़ी से अस्पताल उनका इलाज करने से मना कर रहे हैं।

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राजधानी में आयुष्मान योजना में करीब 2,79,930 लाभार्थियों का चयन किया गया है। इसमें करीब 1,08,609 लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड दिया जा चुका है। बाकी को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन जिन लोगों को कार्ड मिला है, उन्हें भी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।
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किसी के कार्ड में बेटे का नाम गलत है तो किसी में मां का। कई लोगों को तो ऐसे कार्ड मिले हैं जिनके मुखिया का नाम है, लेकिन परिवार के दूसरे सदस्यों के नाम गलत हैं। ऐसे में उनके परिवारजनों के बीमार होने पर उन्हें इलाज नहीं मिल पाता।
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मुखिया का नाम सही, बाकी सब गलत
रजनीखंड निवासी सुरेंद्र कुमार को मिले कार्ड में उनकी पत्नी का नाम सिर्फ लक्ष्मी है, जबकि आधार व राशन कार्ड महालक्ष्मी के नाम से बना है। इसी तरह कार्ड में उनके बेटे कीर्ति सिंह, अंकित सिंह, अभिषेक सिंह व आकाश सिंह के बजाय प्रज्ज्वल, उज्ज्वल व उजाला लिखा हुआ है। ऐसे में परिवार का नाम सही कराने के लिए चक्कर काट रहा है।

नाम गलत होने से नहीं मिल पा रहा इलाज

सरोजनी नगर के कल्ली गांव निवासी प्रताप शर्मा को डाक से आयुष्मान योजना का पत्र भेजा गया। इसमें उनका नाम सही है, लेकिन पत्नी मनोरमा व बच्चों का नाम गलत है। उनके बच्चे को न्यूरोलॉजी संबंधी परेशानी है। इसका इलाज चल रहा है, लेकिन आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। क्योंकि आधार, राशन कार्ड से नाम मैच नहीं कर रहा है। इसे सही कराने के लिए वह दर दर भटक रहे हैं।

खबर छपी तो चेता केजीएमयू प्रशासन
अमर उजाला ने 22 सितंबर के अंक में ‘कार्ड होने के बावजूद नहीं मिल रहा आयुष्मान का लाभ’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर मरीजों की हो रही फजीहत का खुलासा किया था। इसमें बताया गया था कि किस तरह से हरदोई निवासी आयुष्मान कार्ड धारक राजेंद्र को केजीएमयू में इलाज नहीं मिल पा रहा है। खबर छपने के बाद केजीएमयू प्रशासन हरकत में आया। सुबह तत्काल मरीज को ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया और उसकी सर्जरी की गई।

आयुष्मान से जुड़े सवालों पर नोडल अधिकारी डॉ. अनूप श्रीवास्तव के जवाब

सवाल- आयुष्मान का कार्ड कैसे बनेगा?
जवाब-
जिन लोगों को डाक से आयुष्मान पत्र नहीं मिला है वह आशा या एएनएम से संपर्क करें। उसके पास मौजूद सूची में नाम है तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मुफ्त और जनसुविधा केंद्र में 30 रुपया देकर कार्ड बनवा सकते हैं।

सवाल- जिन लोगों को कार्ड मिले हैं, उसमें गलती है तो कैसे सुधरेगी?
जवाब-
अपने मोहल्ले व कस्बे में स्थित जन सुविधा केंद्र पर जाएं। वहां एक फॉर्म मिलेगा, उसे भरें और आधार कार्ड की फोटो स्टेट कापी देकर नाम सुधरवा सकते हैं।

सवाल- जन सुविधा केंद्र संचालक सुधार नहीं रहे हैं। ऐसे में क्या करें?
जवाब-
सभी जनसुविधा केंद्रों को निर्देश दिया गया है। कोई आनाकानी करता है तो उसकी सीएमओ कार्यालय में लिखित शिकायत करें। उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

शिकायत या सुझाव हो तो हमें बताएं

केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री जन अरोग्य योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत चयनित परिवार के सदस्यों का पांच लाख रुपये तक का इलाज किया जाता है। लोगों को इस योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाने के लिए अमर उजाला ने नए अभियान की शुरुआत की है।

इसका उद्देश्य योजना में आ रही समस्याओं को उजागर कर उनका निराकरण कराना है। यदि आपकी कोई प्रतिक्रिया या सुझाव हो तो संपर्क करें।

व्हाट्सएप नंबर- 8859108092
मेल- chandrab@knp.amarujala.com

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