ब्लू व्हेल गेम: तीन छात्र संदिग्ध हालात में लापता, छानबीन में जुटी पुलिस
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ब्लू व्हेल सुसाइड गेम खेलते हुए आदित्यवर्धन सिंह के खुदकुशी के 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि एक और सनसनीखेज मामला सामने आ गया।
शुक्रवार सुबह मड़ियांव के मोहिबुल्लापुर निवासी एक ही कक्षा में पढ़ने वाले नौवीं के तीन छात्र संदिग्ध हालात में गायब हो गए हैं। इंस्पेक्टर राघवन सिंह का कहना है कि बच्चों के अभिभावक खतरनाक गेम खेलने की बात कह रहे हैं। हालांकि ब्लू व्हेल गेम एक साथ नहीं खेला जा सकता। फिर भी छानबीन की जा रही है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि गायब होने वाले छात्र मड़ियांव के सिमरागढ़ी निवासी प्रभु शंकर बाजपेयी का 16 वर्षीय बेटा अजय उर्फ हर्ष, मुहल्ले में ही रहने वाले राजेश अग्निहोत्री का 15 साल का बेटा अखिलेश उर्फ लकी और राघवेंद्र सिंह का 15 वर्षीय बेटा गौरव हैं। तीनों इलाके के ही बाल निकुंज स्कूल में नौवीं के छात्र हैं। शुक्रवार सुबह तीनों स्कूल जाने के लिए घर से निकले और लौटकर नहीं आए।
प्रभु शंकर बेटे की तलाश करते हुए स्कूल पहुंचे तो पता चला कि हर्ष और उसके दो साथी आज स्कूल आए ही नहीं थे। इस पर उन्होंने गौरव और अखिलेश के परिवारजनों से संपर्क किया। परेशान परिवारजनों ने खोजबीन की लेकिन बच्चों का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने मड़ियांव कोतवाली में बच्चों की गुमशुदगी की सूचना दी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि तीनों बच्चे दिनभर मोबाइल फोन में ब्लू व्हेल गेम खेला करते थे। कहीं इस गेम के कारण ही तो तीनों घर से कहीं चले गए। वहीं, इंस्पेक्टर का कहना है कि बच्चे अपने साथ मोबाइल फोन नहीं ले गए हैं। छानबीन की जा रही है।
स्कूल में 40 बच्चों के हाथों में मिले कटे हुए निशान
ब्लू व्हेल गेम की दहशत के चलते खुर्रमनगर स्थित एक स्कूल में शुक्रवार को बच्चों की चेकिंग की गई। टीचर्स व स्टाफ ने सारी कक्षाओं के एक-एक बच्चे के हाथ जांचे। करीब 40 बच्चों की कलाइयों से लेकर कोहनी तक कट के निशान मिलने से हड़कंप मच गया। स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों से बच्चों पर नजर रखने व उनके संपर्क में रहने का सुझाव दिया है।
क्या है ब्लू व्हेल गेम?
यह इंटरनेट पर खेला जाने वाला गेम है, जो दुनियाभर के कई देशों में उपलब्ध है। इस गेम को खेलने वाले को 50 दिन के अंदर चैलेंज पूरे करने होते हैं। सभी चैलेंज पूरे करने वाले को खुदकुशी करनी पड़ती है। इनमें हॉरर फिल्म देखने से लेकर शरीर पर ब्लू व्हेल गोदने तक की चुनौतियां होती है।
द ब्लू गेम को फिलिप बुडेकिन ने वर्ष 2013 में बनाया था। गेम से पहली मौत का मामला वर्ष 2015 में आया था।
सरकार और कोर्ट ने जारी किए निर्देश
केंद्र सरकार ने 15 अगस्त 2017 को ब्लू व्हेल चैलेंज पर रोक लगाते हुए गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, इंस्टाग्राम, याहू इंडिया, फेसबुक, व्हाट्सएप को इस गेम को डाउनलोड करने की सुविधा या इससे जुड़े लिंक हटाने के निर्देश दिए थे।
22 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट ने ब्लू व्हेल के कारण देश में कई बच्चों की मौत को लेकर गूगल, फेसबुक और याहू को नोटिस जारी किया था।
इस गेम के गंभीर परिणामों को देखते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने भी केंद्र और तमिलनाडु सरकार को इसे प्रतिबंधित करने की संभावनाओं का पता लगाने के निर्देश दिए है।
18 अगस्त को सीबीएसई ने स्कूलों को डिजिटल टेक्नॉलॉजी के सुरक्षित उपयोग को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे। निर्देश के तहत सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों व स्कूल बसों में बच्चे आईपैड, लैपटॉप, टैबलेट जैसे गैजेट नहीं ले जा सकेंगे। इन गैजेट को स्कूल में लाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।