फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Mineral deficiencies during pregnancy increase the risk of anemia.

Lucknow News: गर्भावस्था में खनिजों की कमी बढ़ाता है एनीमिया का खतरा

Mon, 29 Dec 2025 02:23 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Dec 2025 02:23 AM IST
विज्ञापन
Mineral deficiencies during pregnancy increase the risk of anemia.
प्रतीकात्मक तस्वीर।
लखनऊ। गर्भावस्था के दौरान तांबा, जस्ता, लोहा और कैल्शियम जैसे सूक्ष्म तत्वों की कमी एनीमिया (खून की कमी) का बड़ा कारण बन सकती है। गर्भकाल में इन खनिजों की समय पर जांच कर एनीमिया से बचाव संभव है। यह निष्कर्ष डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में किए गए एक अध्ययन में सामने आया है, जो जर्नल ऑफ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी ऑफ इंडिया के ताजा अंक में प्रकाशित हुआ है।
विज्ञापन


यह अध्ययन संस्थान में आने वाली 599 गर्भवती महिलाओं पर किया गया, जिनमें 323 एनीमिया पीड़ित और 276 एनीमिया रहित थीं। जांच में तांबा, जस्ता, सेलेनियम, लोहा, मैंगनीज, मैग्नीशियम, मोलिब्डेनम, कोबाल्ट और कैल्शियम जैसे आवश्यक खनिजों का स्तर मापा गया। एनीमिया से पीड़ित महिलाओं में इन खनिजों का स्तर काफी कम पाया गया। साथ ही, एनीमिया की गंभीरता बढ़ने के साथ खनिजों का स्तर और घटता गया।
विज्ञापन


अध्ययन के आधार पर विशेषज्ञों ने गर्भावस्था की शुरुआत से ही खनिजों की जांच और कमी होने पर पूरक आहार देने की सिफारिश की है। अध्ययन में डॉ. चंद्रकेश मिश्रा, डॉ. शिवानी सिंह, डॉ. जूही वर्मा, डॉ. रूपिता कुलश्रेष्ठ और डॉ. मनीष राज कुलश्रेष्ठ शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन




एनीमिया से प्रभावित होता है भ्रूण विकास



केजीएमयू की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा मेहरोत्रा के अनुसार, एनीमिया होने पर भ्रूण का विकास प्रभावित होता है। गर्भ में पल रहे बच्चे को मां की खुराक से पोषण मिलता है, इसलिए मां में खून की कमी का असर सीधे भ्रूण पर पड़ता है।


80 फीसदी महिलाओं में एनीमिया



केजीएमयू की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ प्रो. सुजाता देव ने बताया कि संस्थान में आने वाली करीब 80 प्रतिशत महिलाओं में खून की कमी पाई जाती है। इससे बचाव के लिए गर्भावस्था के दौरान आयरन और कैल्शियम की गोलियां लेना जरूरी है।



इन गर्भवती महिलाओं में ज्यादा खतरा

18 वर्ष से कम आयु में विवाह

145 सेमी से कम लंबाई

45 किलो से कम वजन या अत्यधिक मोटापा

गर्भावस्था में कम वजन बढ़ना

पहले से एनीमिया की समस्या

गर्भावस्था में रखें ये सावधानियां



रोजाना भोजन में रोटी–चावल के साथ पांच तरह के खाद्य पदार्थ शामिल करें



रात की नींद के अलावा दिन में दो घंटे आराम करें



केवल आयोडीन युक्त नमक का उपयोग करें



मोटा अनाज, भुनी सोयाबीन बड़ी और मूंगफली का चूरा लें



मौसमी फल, मछली और अंडा शामिल करें



हरी पत्तेदार सब्जियां, दाल, दूध व दुग्ध उत्पाद तथा पीले–नारंगी फलों का सेवन करें
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed