विदेशों में रह रहे भारतीयों ने बांटे लॉकडाउन के अनुभव, बताया- कनाडा और नाइजीरिया में कैसे बदली जिंदगी
देखते-देखते लंबा वक्त गुजर गया। हमने खुद को एक घर में सीमित रखकर यह समय बिता दिया। जीवनशैली बदलने और उन बदलावों के साथ जीने की चुनौती हमारे सामने होगी। सात समंदर पार रहने वाले हमारे अपने भी कुछ इसी कोशिश में लगे हैं। उन्होंने हमारे लिए संदेश भेजा है, आप भी पढ़ें।
कोरोना से बचने के लिए खानपान पर दें ध्यान
ओंटारियो कनाडा में रहने वाली रूबी चौबे का कहना है कि लॉकडाउन में यहां स्थिति सामान्य है, लोगों को जरूरत की चीजें आसानी से उपलब्ध हैं। सरकार बहुत अच्छी भूमिका निभा रही है। ज्यादातर लोग यहां वर्क फ्रॉम होम ही कर रहे हैं और ज्यादा समय अपने परिवार के साथ बिता रहे हैं। जो अपने देश अपने घर से दूर हैं, वो वीडियो कॉल करके अपनी उस दूरी को कम कर लेते हैं। कोरोना ने हमें कम संसाधनों में जीना सिखाया है और ये सिखाया है कि हम कुछ चीजों के बिना भी जिंदा रह सकते हैं। कोरोना से बचने के लिए सबको यही कहना चाहूंगी कि आप अपने खानपान पर खास ध्यान दें, उन्हीं चीजों का सेवन ज्यादा करें, जिनसे आपकी इम्युनिटी दुरुस्त रहे और जब बहुत जरूरी हो तभी बाहर निकलें।
सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी
नमस्कार मित्रों, हम लोग लगभग 12 वर्षों से ओमान और अब लागोस, नाइजीरिया की धरती पर भारत की संस्कृति और संस्कारों की धरोहर संजोए, ऑयल, गैस तथा नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं। कोविड-19 पूरी दुनिया के लिए अनदेखी समस्या की तरह आया है। जैसा कि हम सब जानते हैं कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है, हम सब ने बहुत कुछ सीखा। लॉकडाउन लागोस में खुल रहा है और धीरे-धीरे भारत में भी खुलेगा। सोशल डिस्टेंसिंग और सरकार द्वारा बताए गए सभी सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है। भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में इस महामारी के दौरान जिस तरह से पूरे विश्व को राह दिखाई है वो गर्व की बात है। (तस्वीर में- धीरेंद्र, प्रतिभा, यशवर्धन, यशिका चौहान लागोस, नाइजीरिया से)