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स्मारक घोटाला मामला : बाबू सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से हाईकोर्ट ने किया इनकार
Wed, 01 Sep 2021 09:58 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 01 Sep 2021 09:58 AM IST
सार
बसपा शासनकाल में लखनऊ व नोएडा में बने स्मारक व पार्कों में 1400 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी धन के गबन के आरोप हैं। विजिलेंस ने जनवरी 2014 में लखनऊ के गोमतीनगर थाने में पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और बाबू सिंह कुशवाहा समेत 199 आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
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लखनऊ हाईकोर्ट
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विस्तार
बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से राहत नहीं मिली। न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा व न्यायमूर्ति सरोज यादव की खंडपीठ ने कुशवाहा के खिलाफ 1400 करोड़ से अधिक के स्मारक घोटाला मामले में दर्ज एफआईआर निरस्त करने और उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। वहीं, जांच एजेंसी को चार हफ्ते में विवेचना पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही बाबूसिंह कुशवाहा की याचिका को निस्तारित कर दिया।
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याचिका में स्मारक घोटाले में लोकायुक्त की रिपोर्ट के बाद वर्ष 2014 में दर्ज प्राथमिकी को चुनौती दी गई थी। याची के अधिवक्ता की दलील थी कि विवेचना चलते लगभग सात वर्ष का समय बीत चुका है और अभी तक याची के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। लिहाजा प्राथमिकी रद्द की जाए। साथ ही उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए।
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उधर, याचिका का विरोध करते हुए अपर शासकीय अधिवक्ता शिवनाथ तिलहरी का कहना था कि यह प्राथमिकी लोकायुक्त की जांच रिपोर्ट आने के बाद वर्ष 2014 में सपा शासनकाल में दर्ज हुई थी। इसमें कुशवाहा के साथ अन्य कई जांच के दायरे में हैं। विवेचना के दौरान कुशवाहा के खिलाफ प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिले हैं।
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गौरतलब है कि बसपा शासनकाल में लखनऊ व नोएडा में बने स्मारक व पार्कों में भारी आर्थिक अनियमितता की शिकायतें मिली थीं। विजिलेंस ने जनवरी 2014 में लखनऊ के गोमतीनगर थाने में पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और बाबू सिंह कुशवाहा समेत 199 आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें 1400 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी धन के गबन के आरोप हैं। इस घोटाले की जांच कर रही विजिलेंस ने हाल ही दोनों आरोपितों नसीमुद्दीन व बाबू सिंह को तलब किया था। इस दौरान विजिलेंस की टीम ने सिद्दीकी से पूछताछ कर बयान दर्ज किए थे।