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21वीं सदी में राष्ट्रपति के उम्मीदवारों की पहचान दलित होना अफसोसजनक: मीरा कुमार

Sat, 15 Jul 2017 02:10 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 15 Jul 2017 02:10 AM IST
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meira kumar meets akhilesh and mayawati in lucknow
राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार - फोटो : amar ujala

विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार ने कहा कि देश और प्रदेश की भाजपा सरकारें सर्वधर्म समभाव के सिद्धांत को कमजोर करने पर आमादा हैं। अफसोस की बात है कि 21वीं सदी के दूसरे दशक में भी राष्ट्रपति पद के दोनों उम्मीदवारों की पहचान उनका दलित होना है।

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राजधानी में शुक्रवार को बसपा, सपा और कांग्रेस के नेताओं से मिलने के बाद मीरा कुमार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से मुखातिब थीं। उन्होंने कहा, यूपी से मेरा पुराना रिश्ता है। 1985 में मैं पहली बार बिजनौर से ही चुनाव लड़कर लोकसभा पहुंची थीं। कानपुर में मेरी ननिहाल है। इसी पुराने रिश्ते की दुहाई देते हुए उन्होंने प्रदेश के विधायकों से समर्थन मांगा।
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मीरा कुमार ने कहा कि जातिवाद हमारे देश का बड़ा दुर्भाग्य है। जाति व्यवस्था ने एक बड़े वर्ग को दुख पहुंचाया। उन्हें अपमानित किया, उनके मनोबल को तोड़ा। हम जातिवाद खत्म करके बराबरी की व्यवस्था स्थापित करना चाहते हैं।
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भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश में पिछले तीन वर्ष से और यूपी में तीन महीने से ऐसी विचारधारा के लोगों की सरकारें हैं, जो सर्वधर्म समभाव के सिद्धांतों को कमजोर कर रहे हैं। सांप्रदायिकता को बढ़ावा दे रहे हैं। आम लोगों पर मनुवादी विचारधारा थोपने की कोशिश कर रहे हैं।

सांप्रदायिक ताकतों के विरोध के लिए बनाया उम्मीदवार

meira kumar meets akhilesh and mayawati in lucknow
लखनऊ में मीरा कुमार - फोटो : amar ujala

यही वजह है कि आज दलित वर्ग खुद को प्रताड़ित महसूस कर रहा है। मीरा कुमार ने कहा, 17 विपक्षी दलों ने इन्हीं सांप्रदायिक ताकतों की मुखालफत के लिए मुझे उम्मीदवार बनाया, ताकि गरीबों, महिलाओं, दलितों, अल्पसंख्यकों और वंचितों को यह महसूस कराया जा सके कि उनकी आवाज बुलंद की जा रही है।

पहली बार राष्ट्रपति पद का चुनाव विचारधारा के आधार पर लड़ा जा रहा है, इसलिए निर्वाचक मंडल के सदस्य अपनी आत्मा की आवाज सुनें और देशहित को सर्वोपरि रखते हुए मुझे वोट दें। इससे धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की भी रक्षा होगी। मीरा कुमार ने कहा कि यहां सबसे पहले उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती से मिलकर समर्थन मांगा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी मिलीं।

रालोद के नेताओं के साथ ही सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के भी संपर्क में हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा और जातिविहीन समाज की स्थापना के लिए संघर्ष कर रही है।

प्राइवेट सेक्टर में दलितों को आरक्षण न मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है। फिलहाल उनका पूरा ध्यान राष्ट्रपति चुनाव पर होने के चलते इस पर ज्यादा नहीं कहना चाहतीं।

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