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Lucknow News: अगले महीने से मिलेंगी छह महीने में टीबी ठीक करने वाली दवाएं
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लखनऊ। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की डीडीजी डॉ. उर्वशी सिंह ने की घोषणा की है कि अगले महीने से एमडीआर टीबी को छह महीने में ठीक करने वाली दवाएं मिलने लगेंगी। अभी तक 18 महीने तक दवाएं खानी पड़ती थीं। वे मंगलवार को केजीएमयू के कलाम सेंटर में टीबी की जंग में एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेन्स, विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थीं।
केजीएमयू कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद कुलपति ने बताया कि प्रदेश के चिकित्सकों को एमडीआर टीबी की नई दवाओं के उपयोग के लिए संस्थान प्रशिक्षण देगा। केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने कहा, एमडीआर व एक्सडीआर टीबी के लगभग आधे रोगियों को कुपोषण होता है। डॉ. शैलेंद्र भटनागर (स्टेट टीबी ऑफिसर, उप्र) ने बताया कि प्रदेश को टीबी मुक्त करने के लिए 911 सीबीनॉट मशीन, 14 टीबी कल्चर लैब व 24 नोडल ड्रग रेजिस्टेन्स केंद्र की स्थापना की जा चुकी है। इस आयोजन को यूएसएड व इंटरनेशनल यूनियन अगेंस्ट टीबी एंड लंग डिजीसेज (द यूनियन) के सहयोग से किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. भाविन वडेरा, डॉ. संजीव सिंह मौजूद रहे।
केजीएमयू कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद कुलपति ने बताया कि प्रदेश के चिकित्सकों को एमडीआर टीबी की नई दवाओं के उपयोग के लिए संस्थान प्रशिक्षण देगा। केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने कहा, एमडीआर व एक्सडीआर टीबी के लगभग आधे रोगियों को कुपोषण होता है। डॉ. शैलेंद्र भटनागर (स्टेट टीबी ऑफिसर, उप्र) ने बताया कि प्रदेश को टीबी मुक्त करने के लिए 911 सीबीनॉट मशीन, 14 टीबी कल्चर लैब व 24 नोडल ड्रग रेजिस्टेन्स केंद्र की स्थापना की जा चुकी है। इस आयोजन को यूएसएड व इंटरनेशनल यूनियन अगेंस्ट टीबी एंड लंग डिजीसेज (द यूनियन) के सहयोग से किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. भाविन वडेरा, डॉ. संजीव सिंह मौजूद रहे।
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