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UP Election 2022: मायावती बोलीं- केंद्र द्वारा बेरोजगारी की समस्या को अनदेखा करना अहंकारी सोच का प्रदर्शन
Sun, 13 Feb 2022 03:58 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 13 Feb 2022 03:58 PM IST
सार
मायावती ने कहा कि बेरोजगारी की समस्या की अनदेखी करना केंद्र सरकार की गलत सोच है। उन्हें अपनी संकीर्ण सोच व मानसिकता को त्यागना होगा।
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बसपा सुप्रीमो मायावती।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को ट्वीट कर कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा बेरोजगारी की समस्या को अनदेखा करना उनके अहंकार का परिचायक है। उन्हें अपनी इस सोच का त्याग करना चाहिए।
उन्होंने रविवार को ट्वीट कर कहा कि कर्ज में डूबी घुटन का जीवन जीने को मजबूर किसानों द्वारा आत्महत्या की खबरें विचलित करती हैं, किन्तु अब बेरोजगार युवाओं द्वारा भी आत्महत्या करने की विवशता ने राष्ट्रीय चिन्ता, बेचैनी व आक्रोश को और बढ़ा दिया है। फिर भी विकास व इण्डिया शाइनिंग आदि जैसा भाजपा का दावा कितना उचित है?
साथ ही, भाजपा द्वारा संसद में भी बेरोजगारी की ज्वलन्त राष्ट्रीय समस्या से इंकार करना इनकी यह गलत व अहंकारी सोच नहीं है तो और क्या है? कौन युवा बेरोजगारी का ताना व अपमान सहना चाहता है? भाजपा के लोग अपनी संकीर्ण सोच व मानसिकता को त्यागें तभी देश का कुछ भला संभव है।
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बीते कुछ दिनों में बेरोजगारी व कर्ज के कारण युवाओं के आत्महत्या करने की खबरें लगातार चर्चा में हैं।
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उन्होंने रविवार को ट्वीट कर कहा कि कर्ज में डूबी घुटन का जीवन जीने को मजबूर किसानों द्वारा आत्महत्या की खबरें विचलित करती हैं, किन्तु अब बेरोजगार युवाओं द्वारा भी आत्महत्या करने की विवशता ने राष्ट्रीय चिन्ता, बेचैनी व आक्रोश को और बढ़ा दिया है। फिर भी विकास व इण्डिया शाइनिंग आदि जैसा भाजपा का दावा कितना उचित है?
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साथ ही, भाजपा द्वारा संसद में भी बेरोजगारी की ज्वलन्त राष्ट्रीय समस्या से इंकार करना इनकी यह गलत व अहंकारी सोच नहीं है तो और क्या है? कौन युवा बेरोजगारी का ताना व अपमान सहना चाहता है? भाजपा के लोग अपनी संकीर्ण सोच व मानसिकता को त्यागें तभी देश का कुछ भला संभव है।
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1. कर्ज में डूबी घुटन का जीवन जीने को मजबूर किसानों द्वारा आत्महत्या की खबरें विचलित करती हैं, किन्तु अब बेरोजगार युवाओं द्वारा भी आत्महत्या करने की विवशता ने राष्ट्रीय चिन्ता, बेचैनी व आक्रोश को और बढ़ा दिया है। फिर भी विकास व इण्डिया शाइनिंग आदि जैसा भाजपा का दावा कितना उचित?
— Mayawati (@Mayawati) February 13, 2022
2. साथ ही, भाजपा द्वारा संसद में भी बेरोजगारी की ज्वलन्त राष्ट्रीय समस्या से इंकार करना इनकी यह गलत व अहंकारी सोच नहीं है तो और क्या है? कौन युवा बेरोजगारी का ताना व अपमान सहना चाहता है? भाजपा के लोग अपनी संकीर्ण सोच व मानसिकता को त्यागें तभी देश का कुछ भला संभव।
— Mayawati (@Mayawati) February 13, 2022
बीते कुछ दिनों में बेरोजगारी व कर्ज के कारण युवाओं के आत्महत्या करने की खबरें लगातार चर्चा में हैं।