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2017 के लिए माया का 'लाइन ऑफ एक्शन' तय

Mon, 02 Nov 2015 03:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 02 Nov 2015 03:03 AM IST
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Mayawati to focus on UP after Bihar election.

बसपा सुप्रीमो मायावती बिहार चुनाव से फ्री होकर अब यूपी पर पूरा फोकस करेंगी। इसके लिए उन्होंने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। 2017 के विधानसभा चुनाव के लिए बदले एजेंडे का संकेत इसी तैयारी का हिस्सा है। दिसंबर तक उनका पूरा फोकस संगठन पर होगा तो नए साल से वे मिशन 2017 के लिए मैदान में आ सकती हैं।

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बसपा के एक पदाधिकारी बताते हैं कि बिहार में बसपा सुप्रीमो की चुनावी सभाओं में जमकर भीड़ उमड़ी। उन्होंने बसपा उम्मीदवारों के समर्थन में वहां 12 जनसभाएं कीं। पार्टी को उम्मीद है कि इस बार वहां पार्टी के कई प्रत्याशी जीत सकते हैं।
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पार्टी प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर से लेकर, वरिष्ठ नेता मुनकाद अली और पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रसाद वहां कई महीने से डेरा डाले हुए हैं।

बिहार को लेकर पार्टी की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वहां प्रचार में जुटे नेता यूपी के पंचायत चुनावों में फटक तक नहीं पाए। दूसरा, यूपी में हुए जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत सदस्यों के चुनाव के नतीजे सोमवार तक आ जाएंगे।

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बिहार विधानसभा चुनाव की समीक्षा के बाद होगा फैसला

Mayawati to focus on UP after Bihar election.

बसपा ने जिला पंचायत सदस्यों के लिए अपने समर्थित उम्मीदवार उतारे थे। तीसरा, 10 नवंबर के पहले बिहार के नतीजे भी सामने होंगे। ऐसे में लखनऊ में मौजूद मायावती जल्द ही बैठक बुलाकर जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा बिहार विधानसभा चुनाव नतीजों की समीक्षा करेंगी।

इसी दौरान वे संगठन के बूथ स्तर पर गठन की गतिविधि का भी जायजा लेंगी। बूथ स्तर तक नए संगठन का गठन दिसंबर तक पूरा होना है। संकेत है कि जिला पंचायत सदस्यों को टिकट देने में जिस तरह की शिकायतें आई हैं, कई को-ऑर्डिनेटरों की विदाई हो सकती है। माया चुनाव के बीच में ही दो को-ऑर्डिनेटरों को हटा चुकी हैं।

पदाधिकारी के मुताबिक पंचायत चुनाव की वजह से बूथ गठन का काम काफी प्रभावित हुआ है। ऐसे में इसके लिए कुछ और समय मिल सकता है, पर यह काम पूरा होने के बाद पार्टी के सारे नेता फील्ड में नजर आएंगे। बसपा अध्यक्ष खुद भी मैदान में उतरने का कार्यक्रम तय कर सकती हैं।

सपा से ज्यादा भाजपा पर होगा वार

Mayawati to focus on UP after Bihar election.

बसपा के एक राष्ट्रीय महासचिव कहते हैं कि बसपा अध्यक्ष ने 2017 के चुनाव को लेकर अपने लाइन ऑफ एक्शन का संकेत कर दिया है। पहले जहां सूबे की सपा सरकार बसपा के निशाने पर होती थी, अब मुख्य निशाना भाजपा पर होगा।

वजह, यूपी में लड़ाई सपा से नहीं भाजपा से होनी है। इस पदाधिकारी के मुताबिक बसपा राज की कानून-व्यवस्था का हर कोई लोहा मानता है, तो जनता को बसपा और सपा राज में क्राइम का फर्क बताया जाएगा।

आरएसएस ने जिस तरह आरक्षण की समीक्षा की बात की, केंद्र की मोदी सरकार ने प्रमोशन में आरक्षण पर ठंडा रवैया अख्तियार किया, वह भी समझाया जाएगा।

पार्टी पर लगा हिंदू विरोधी छवि का ठप्पा हटाने के लिए मायावती का बयान लोगों तक पहुंचाया जाएगा। सपा व भाजपा के मिलीभगत के उदाहरण भी लोगों को बताए जाएंगे। पार्टी प्रमुख के खिलाफ सीबीआई से जांच में अनावश्यक सख्ती हुई तो पार्टी उसे बड़ा मुद्दा बनाएगी।

उनके अनुसार, पंचायत चुनाव के नतीजों से सपा का सत्ता का खुमार उतर जाएगा। प्रशासन के लाख दुरुपयोग के बाद भी लोगों ने सपा के विरोध में वोट किया है। वह चाहे जिस दल के समर्थित प्रत्याशी के खाते में गया। आ रहे नतीजे ये बताने लगे हैं।

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