'मोदी-अखिलेश में जनता को गुमराह करने की होड़'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सरकार के बीच जनता को गुमराह करने की प्रतियोगिता चल रही है।
मायावती ने राज्यपाल से अपील की है कि वे कानून-व्यवस्था को लेकर सिर्फ सार्वजनिक बयान देने तक सीमित न रहें। जनता के हित में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
मायावती शुक्रवार को यहां यूपी व उत्तराखंड के को-ऑर्डिनेटरों व पदाधिकारियों की एक संयुक्त बैठक को संबोधित कर रही थीं। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश की सपा सरकार लंबी-चौड़ी व बड़ी-बड़ी बातें कर जनता को गुमराह कर रही हैं।
लगता है दोनों में गुमराह करने में आगे निकलने की प्रतियोगिता चल रही है। उन्होंने कहा कि दोनों ही पार्टियां शांति, सौहार्द व न्यायपूर्ण वातावरण देने में पूरी तरह से विफल साबित हुई हैं।
यूपी में जंगलराज के लिए भाजपा भी जिम्मेदार
मायावती ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर चोट करते हुए कहा कि प्रदेश में हर कोई अपने को कानून से ऊपर समझ रहा है। अपराध नियंत्रण व कानून-व्यवस्था का बहुत ही बुरा हाल है।
प्रदेश की विषम स्थिति को राज्यपाल राम नाईक स्वयं कई बार सार्वजनिक तौर पर उजागर कर चुके हैं। उनके बयान अखबारों की सुर्खियां बने हैं। मगर यह समस्या का वास्तविक समाधान नहीं हैं। प्रदेश की वास्तविक बिषम स्थिति को राष्ट्रपति को लिखित तौर पर बताना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश करनी चाहिए। ऐसा न होने पर इस जंगलराज के लिए सपा के साथ-साथ भाजपा भी जिम्मेदार मानी जाएगी।
उत्तराखंड में कांग्रेस भी नहीं कर रही अच्छा काम
मायावती ने उत्तराखंड को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा, वहां कानून-व्यवस्था की बात करें या विकास कार्यों की, मौजूदा कांग्रेस पार्टी की सरकार कोई खास अच्छा काम नहीं कर रही।