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'दास ने टिकट के लिए ऑफर किए थे 100 करोड़'

Wed, 05 Nov 2014 12:56 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 05 Nov 2014 12:56 PM IST
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mayawati nominates two dalit leaders for rajyasabha.

मायावती ने अपनी पार्टी के दो दलित नेताओं को

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राज्यसभा के लिए नामित कर एक ऐसा खुलासा भी किया है, जिसमें एक पूर्व केंद्रीय मंत्री बुरी तरह फंस गए हैं।


मायावती ने बुधवार दोपहर एक प्रेस कांफ्रेंस में दो दलित नेताओं के नाम का ऐलान करने के बाद एक सनसनीखेज खुलासा कर सबको चौंका दिया। पिछले दिनों ही पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास पर मायावती ने आरोप लगाया कि उन्होंने राज्यसभा सीट के लिए 100 करोड़ रुपये देने की पेशकश की थी।

मायावती ने बताया कि इसके जवाब में उन्होंने अखिलेश दास से कहा, 'तुम अगर मुझे 200 करोड़ रुपये भी दोगे, तो भी मैं तुम्हें राज्सभा सीट नहीं दूंगी।'

गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री व बसपा के राज्यसभा सदस्य डॉ. अखिलेश दास ने 3 नवंबर को बसपा की प्राथमिक सदस्यता व अन्य सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था।
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राज्यसभा का उनका कार्यकाल इसी 25 नवंबर को खत्म हो रहा है। चर्चा भी थी कि दास लगातार दूसरी बार बसपा से राज्यसभा का टिकट चाहते थे, लेकिन रिक्त हो रहे पदों पर नामांकन शुरू होने के बावजूद बसपा ने प्रत्याशियों के नाम को लेकर अपना रुख साफ नहीं किया था।

इन दोनों को दिया माया ने टिकट

mayawati nominates two dalit leaders for rajyasabha.

बसपा सुप्रीमो मायावती ने देर से ही सही लेकिन राज्यसभा के लिए अपनी पार्टी के दो नेताओं का नाम तय कर लिया। उन्होंने पार्टी काडर के पुराने दिग्गज और आजमगढ़ के मूल निवासी राजा राम के साथ मुरादाबाद से दलित नेता वीर सिंह एडवोकेट को को राज्यसभा भेजने का मन बनाया है।

अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं, नेताओं और विधायक दल को भी संबोधित करते हुए कहा, 'विधायकों की संख्या कम हो गई है। हम सभी वर्ग के लोगों को जगह नहीं दे पा रहे हैं। इसीलिए मैंने दोनों दलित नेताओं को प्रत्याशी बनाने का फैसला किया है। मुझे उम्मीद है इन नामों पर सभी मेरा समर्थन करेंगे।'

इस मौके पर मायावती ने सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। मायवती ने कहा, 'सूबे में अपराध लगातार बढ़ता जा रहा है। आज मुझे मऊ की एक घटना पता चली, वहां एक हत्या हो गई है। ऐसी ही घटनाएं रोज ही यहां हो रही हैं।'

गौरतलब है कि मौजूदा लोकसभा में बसपा का एक भी सांसद मौजूद नहीं है। साथ ही बसपा के सबसे ज्यादा छह सदस्यों का राज्यसभा का कार्यकाल पूरा हो रहा है।

फिर राष्ट्रपति शासन की सिफारिश

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सूबे में बढ़ते अपराध को एक बार फिर मायावती ने मुद्दा बनाया और कहा कि मीडिया के माध्यम से मैं एक बार फिर राज्यपाल, राष्ट्रपति और केंद्र सरकार से यूपी में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग दोहरा रही हूं।

मायावती ने अखिलेश यादव सरकार की तमाम सरकारी योजनाओं को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, अखिलेश ये सारी योजनाएं जनता का ध्यान भटकाने के लिए शुरू कर रहे हैं।

मेट्रो परियोजना व अन्य कुछ पुरानी योजनाओं के बारे में मयावती ने कहा, 'मेरी सरकार में इन सभी परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार हो गई थी। पैसे का इंतजाम भी हो गया था। उसके बावजूद, अखिलेश अब तक इन परियोजनाओं को शुरू नहीं कर पाए हैं।'

मायावती ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधा और कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र की जीत को मामूली करार कर दिया।

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