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मायावती ने की हाथरस कांड की CBI से जांच कराने की मांग, राष्ट्रपति से भी की अपील
Sat, 03 Oct 2020 11:36 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 03 Oct 2020 11:36 AM IST
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बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती।
- फोटो : amar ujala
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हाथरस के चंदपा क्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म और मौत मामले में पूरे देश में जबरदस्त गुस्सा है। शुक्रवार को कई पार्टियों के नेता पीड़ित परिवार से मिलने के लिए उनके गांव पहुंचे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने किसी को गांव के अंदर नहीं जाने दिया।
हालांकि पीड़िता के गांव को आज मीडिया के लिए खोल दिया गया है। वहीं, मायावती ने हाथरस कांड की CBI जांच की मांग की है। उन्होंने ट्वीट कर योगी सरकार को भी घेरा।
मायवती ने लिखा कि हाथरस जघन्य गैंगरेप कांड को लेकर पूरे देश में ज़बरदस्त आक्रोश है। इसकी शुरूआती जांच रिपोर्ट से जनता संतुष्ट नहीं लगती है। अतः इस मामले की CBI से या फिर माननीय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए, बीएसपी की यह मांग है।
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उन्होंने आगे लिखा कि देश के माननीय राष्ट्रपति यूपी से आते हैं व एक दलित होने के नाते भी इस प्रकरण में ख़ासकर सरकार के अमानवीय रवैये को ध्यान में रखकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए दखल देने की भी उनसे पुरज़ोर अपील।
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हालांकि पीड़िता के गांव को आज मीडिया के लिए खोल दिया गया है। वहीं, मायावती ने हाथरस कांड की CBI जांच की मांग की है। उन्होंने ट्वीट कर योगी सरकार को भी घेरा।
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मायवती ने लिखा कि हाथरस जघन्य गैंगरेप कांड को लेकर पूरे देश में ज़बरदस्त आक्रोश है। इसकी शुरूआती जांच रिपोर्ट से जनता संतुष्ट नहीं लगती है। अतः इस मामले की CBI से या फिर माननीय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए, बीएसपी की यह मांग है।
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1. हाथरस जघन्य गैंगरेप काण्ड को लेकर पूरे देश में ज़बरदस्त आक्रोश है। इसकी शुरूआती आई जाँच रिपोर्ट से जनता सन्तुष्ट नहीं लगती है। अतः इस मामले की CBI से या फिर माननीय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जाँच होनी चाहिये, बी.एस.पी. की यह माँग। 1/2
— Mayawati (@Mayawati) October 3, 2020
उन्होंने आगे लिखा कि देश के माननीय राष्ट्रपति यूपी से आते हैं व एक दलित होने के नाते भी इस प्रकरण में ख़ासकर सरकार के अमानवीय रवैये को ध्यान में रखकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए दखल देने की भी उनसे पुरज़ोर अपील।
2. साथ ही, देश के माननीय राष्ट्रपति यू.पी. से आते हैं व एक दलित होने के नाते भी इस प्रकरण में ख़ासकर सरकार के अमानवीय रवैये को ध्यान में रखकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिये दखल देने की भी उनसे पुरज़ोर अपील। 2/2
— Mayawati (@Mayawati) October 3, 2020
आपको बता दें कि हाथरस के चंदपा क्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता के गांव को आज मीडिया के लिए खोल दिया गया है। बीते कुछ दिनों से पूरे गांव में बैरिकेडिंग थी और मीडिया का प्रवेश भी वर्जित कर दिया गया था। हालांकि प्रशासन से यह अनुमति सिर्फ मीडिया को दी है, यानी राजनेता आदि गांव में नहीं जा सकते।
मां ने कहां- मैंने पहनाए थे बेटी को कपड़े
कुछ पत्रकारों ने जब पीड़िता की मां से पूछा कि एडीजी तो कह रहे हैं कि आपकी बेटी का दुष्कर्म नहीं हुआ तो इस पर मां बोली कि मेरी बेटी मुझे निर्वस्त्र हालत में मिली थी। मैंने उसे कपड़े पहनाए थे।
परिवार का आरोप- डीएम ने हमें धमकाया
पीड़िता के परिवार का आरोप है कि मीडिया ने उन्हें धमकाया है। मीडिया को इजाजत देना प्रशासन की चाल है। पुलिस ने हमारे साथ मारपीट की। हमसे कहा कि क्या बेटी कोरोना से मरती तो मुआवजा नहीं मिलता। हमें यूपी पुलिस पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। हमें इंसाफ चाहिए। परिवार ने ये भी आरोप लगाया है कि कल कोई एसआईटी की टीम घर नहीं आई। सिर्फ पुलिसवाले गांव में मौजूद थे। परिवार का ये भी आरोप है कि पुलिसवालों ने कहा कि तुम्हारे खाते में 25 लाख आ गए हैं अपना मुंह बंद रखो।
मां ने कहां- मैंने पहनाए थे बेटी को कपड़े
कुछ पत्रकारों ने जब पीड़िता की मां से पूछा कि एडीजी तो कह रहे हैं कि आपकी बेटी का दुष्कर्म नहीं हुआ तो इस पर मां बोली कि मेरी बेटी मुझे निर्वस्त्र हालत में मिली थी। मैंने उसे कपड़े पहनाए थे।
परिवार का आरोप- डीएम ने हमें धमकाया
पीड़िता के परिवार का आरोप है कि मीडिया ने उन्हें धमकाया है। मीडिया को इजाजत देना प्रशासन की चाल है। पुलिस ने हमारे साथ मारपीट की। हमसे कहा कि क्या बेटी कोरोना से मरती तो मुआवजा नहीं मिलता। हमें यूपी पुलिस पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। हमें इंसाफ चाहिए। परिवार ने ये भी आरोप लगाया है कि कल कोई एसआईटी की टीम घर नहीं आई। सिर्फ पुलिसवाले गांव में मौजूद थे। परिवार का ये भी आरोप है कि पुलिसवालों ने कहा कि तुम्हारे खाते में 25 लाख आ गए हैं अपना मुंह बंद रखो।