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डीआईओएस कार्यालय में चार साल से रखे हैं एक स्कूल के अंकपत्र, अब संदेह के घेरे में हैं ये छात्र
Wed, 13 Nov 2019 01:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 13 Nov 2019 01:45 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
लखनऊ में जिला विद्यालय निरीक्षक के परीक्षा कार्यालय में चार साल से इंदिरानगर के रियल न्यू हैप्पी डेज स्कूल के उत्तीर्ण और फेल छात्रों के अंकपत्र पड़े हैं। इन्हें पूछने वाला कोई नहीं है। न तो स्कूल का अता-पता है और न ही छात्रों का। विभाग अब इन अंकपत्रों को बोर्ड को वापस भेजने की तैयारी कर रहा है। परीक्षा कार्यालय में स्कूल के 34 उत्तीर्ण छात्रों के अंकपत्र रखे हैं।
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सभी अंकपत्र हाईस्कूल के हैं और वर्ष 2015 की परीक्षा के हैं। यही नहीं इसी स्कूल के 31 अनुत्तीर्ण छात्रों की मार्क्सशीट भी यहां रखी हुई है। चार साल बीतने के बाद भी एक भी छात्र अंकपत्र लेने डीआईओएस कार्यालय नहीं पहुंचा और न ही स्कूल ने कभी संपर्क किया। अब यह स्कूल अस्तित्व में भी नहीं है। विभाग ने जब इसके बारे में जानकारी ली तो स्कूल बंद मिला।
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वर्ष 2015 के हैं हाईस्कूल के अंकपत्र
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि कई बार इस स्कूल के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया गया, पर इसके पूर्व के संचालकों के बारे में कुछ पता नहीं लगा। अब इन अंकपत्रों को बोर्ड को वापस भेज दिया जाएगा। इसके लिए पत्र भी लिखा जाएगा। यदि कोई भूला भटका पहुंचेगा तो उसे अब बोर्ड से ही अंकपत्र मिलेगा।
हाईस्कूल के अंकपत्र वर्ष 2015 के हैं। उत्तीर्ण होने के बाद भी यदि कोई छात्र अपनी मार्क्सशीट लेने विभाग न पहुंचे तो यह संदेह पैदा करता है। हाईस्कूल के बाद छात्रों ने इंटर और आगे की पढ़ाई की होगी। इसके लिए उन्हें अंकपत्र की भी जरूरत रही होगी। इन बातों को लेकर विभाग अंकपत्रों को अब संदेह की नजर से भी देख रहा है।
हाईस्कूल के अंकपत्र वर्ष 2015 के हैं। उत्तीर्ण होने के बाद भी यदि कोई छात्र अपनी मार्क्सशीट लेने विभाग न पहुंचे तो यह संदेह पैदा करता है। हाईस्कूल के बाद छात्रों ने इंटर और आगे की पढ़ाई की होगी। इसके लिए उन्हें अंकपत्र की भी जरूरत रही होगी। इन बातों को लेकर विभाग अंकपत्रों को अब संदेह की नजर से भी देख रहा है।