राहुल गांधी के समर्थन में बड़े पैमाने पर कांग्रेस पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अपने पद से इस्तीफा देने के फैसले पर अड़े रहने के कारण यूपी में भी बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। इनमें कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ और दीपक सिंह भी शामिल हैं। एक-दो दिन में अन्य पदाधिकारी भी इस्तीफा देंगे।
विधायक मोना ने विधानसभा में उपनेता और पार्टी में महामंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। विधान परिषद सदस्य दीपक सिंह ने ट्वीट करके कहा है, आप (राहुल गांधी) अपने इस्तीफे पर अड़े हैं, तो हमें भी अपने पद पर रहने का कोई औचित्य नहीं है।
पार्टी की ओर से सौंपी गई जिम्मेदारियों नेता विधान परिषद दल और महामंत्री, पीसीसी से त्यागपत्र देता हूं। अनुरोध है कि आप अपना इस्तीफा वापस लें, अन्यथा हम इससे बड़ा कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे।
अब तक इन्होंने दिया इस्तीफा
वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री रणजीत सिंह जूदेव, उपाध्यक्ष डॉ. आरपी त्रिपाठी, महामंत्री एवं पूर्व विधायक सतीश अजमानी, महामंत्री एवं पूर्व विधायक श्यामकिशोर शुक्ल, महामंत्री हनुमान त्रिपाठी, महामंत्री एवं प्रवक्ता द्विजेंद्र त्रिपाठी, विभाग एवं प्रकोष्ठ प्रभारी वीरेंद्र मदान, संगठन मंत्री शिव पांडेय, सचिव एवं प्रवक्ता पंकज तिवारी, प्रवक्ता बृजेंद्र कुमार सिंह, प्रवक्ता डॉ. मंजू दीक्षित, सोशल मीडिया इंचार्ज संजय सिंह ने भी इस्तीफा दे दिया है।
इसके पहले शुक्रवार को प्रदेश मीडिया विभाग के को-ऑर्डिनेटर राजीव बख्शी, ज्वाइंट को-ऑर्डिनेटर पीयूष मिश्रा, प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री व प्रवक्ता ओंकारनाथ सिंह, महामंत्री विनोद मिश्रा, अशोक सिंह, अमरनाथ अग्रवाल, डॉ. उमाशंकर पांडेय, डॉ. हिलाल अहमद नकवी, सिद्धिश्री, मुकेश सिंह चौहान, अंशू अवस्थी, प्रदीप सिंह, रफत फातिमा, शुचि विश्वास, सदफ जाफर, सचिन रावत, विशाल राजपूत, अभिषेक राज, यशवंत सिंह, प्रियंका गुप्ता, डॉ. अनूप पटेल और रवींद्र सिंह ने अपने-अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव व मध्य प्रदेश प्रभारी डॉ. सुधांशु त्रिपाठी ने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शुक्रवार को ही इस्तीफा दे दिया था।