{"_id":"5d0beb1b8ebc3e667f4c5863","slug":"mango-festival-is-on-22-23-june","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक छत के नीचे लीजिए आम की 700 किस्मों का मजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक छत के नीचे लीजिए आम की 700 किस्मों का मजा
Fri, 21 Jun 2019 01:52 AM IST
sahaj sahaj
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: sahaj sahaj
Updated Fri, 21 Jun 2019 01:52 AM IST
विज्ञापन
आम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंगूर के आकार वाला आम अंगूरदाना और एक किलो वजन का राजावाला। ऐसे न जाने कितने किस्म के आम आपको लुभाएंगे और मुंह में पानी लाने के साथ ही आपकी जानकारी भी बढ़ाएंगे। मौका होगा उत्तर प्रदेश आम महोत्सव का जहां 700 से अधिक प्रजातियों का एक ही छत के नीचे देखा जा सकेगा। इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में 22 और 23 जून को होने वाले दो दिवसीय आयोजन में वैज्ञानिकों से लेकर आम प्रजातियों पर स्वतंत्र शोध कर रहे नागरिक तक अपनी उपलब्धियों को प्रस्तुत करेंगे।
आयोजन में भागीदार केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (सीआईएसएच) के निदेशक डॉ. शैलेंद्र राजन ने बताया कि महोत्सव का उद्घाटन सुबह 11 बजे होगा, जिसके उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया गया है। इस दौरान बागवानों का सम्मान भी होगा। इसी दिन विशेषज्ञ आम की बागवानी व उत्पादन पर जानकारी देंगे। 23 जून को आम के कारोबार से संबंधित विशेषज्ञ व उद्यमी अपने अनुभव व सुधारों पर व्याख्यान देंगे। समापन समारोह में राज्यपाल मुख्य अतिथि होंगे। वहीं इससे पहले 21 जून को आम की प्रजातियों की उत्कृष्टता की प्रतियोगिता होगी। इसमें करीब 50 प्रजातियों के आमों को बागवान निर्णायकों के सामने रखेंगे, जिनमें से सर्वश्रेष्ठ का चयन होगा और महोत्सव के मौके पर नागरिकों के समक्ष इन्हें रखा जाएगा।
सुबह 10 बजे से अवलोकन कर सकेंगे नागरिक
आम महोत्सव में आम नागरिक 22 जून को सुबह 10 बजे से अवलोकन के लिए आ सकेंगे। यहां उन्हें विशेषज्ञों के जरिए 700 से अधिक प्रजातियों के आमों के विषय में जानकारी मिलेगी। वहीं 23 जून को शाम चार बजे तक आम महोत्सव का आनंद लिया जा सकेगा।
विज्ञापन
सीआईएसएच प्रस्तुत करेगा 350 प्रजातियां
आयोजन में अकेले सीआईएसएच द्वारा आम की करीब 350 प्रजातियों का प्रदर्शन किया जाएगा। डॉ. राजन ने बताया कि इन प्रजातियों को कई कई दशकों के अध्ययन के बाद तैयार किया गया है। इस बार नई प्रजाति प्रस्तुत नहीं हो रही है, लेकिन पहले से तैयार की गई प्रजातियों के परिष्कृत आमों से परिचय करवाया जाएगा।
आमों के 25 फ्लेवर की आइसक्रीम भी रहेगी
सीआईएसएच द्वारा तैयार किए गए 25 प्रकार के आमों के स्वाद वाली आइसक्रीम भी इस महोत्सव का प्रमुख आकर्षण होगी। इसे एग्रो-बिजनेस मैन मुसलाहुद्दीन द्वारा संस्थान के सहयोग से तैयार किया गया है। इन आइसक्रीम की विशेषता इनके स्वाद के साथ साथ खुशबू और रंग भी होंगे। यह सभी विशेषताएं बिना किसी रसायन के पूरी तरह ऑर्गेनिक रूप से आइसक्रीम में लाई गई हैं। वैज्ञानिकों ने दावा किया कि बाजार में मिलने वाली आइसक्रीम के मुकाबले यह स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार इस प्रकार की आम की आइसक्रीम बनाने के लिए विशेष किस्म के आमों को मलिहाबाद में ही तैयार किया गया है, जिनका गूदा अन्य आमों से अलग होता है। यह भी एक वजह है कि इस आइसक्रीम को एक वर्ष तक बिना प्रिजर्वेटिव के रखा जा सकेगा। वहीं आम उत्पादकों को छोटे आमों को भी आइसक्रीम के रूप में तैयार करने से फायदा होगा। वे नई तकनीक भी इस महोत्सव के जरिए सीख सकेंगे।
और 300 प्रजातियां प्रस्तुत करेंगे : एससी शुक्ला
लखनऊ के विख्यात आम बागवान एससी शुक्ला 300 प्रजातियों के आमों के साथ महोत्सव में विशेष आकर्षण प्रस्तुत करने जा रहे हैं। उन्हाेंने बताया कि यह आम उन्हाेंने लखनऊ व आसपास के क्षेत्रों में मौजूद अपने आम के बागों में उपजाये हैं। उनके आमों के पेड़ों में एक पेड़ से कई प्रजातियों के आमों का उत्पादन और वर्ष भर फल देने वाले आम शामिल हैं। महोत्सव के दौरान वे आम की बागवानी के विषय में अपनी विशेषज्ञता से नागरिकों को जागरुक करेंगे। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सहित उद्यान रत्न और गोमती रत्न जैसे पुरस्कारों से सम्मानित शुक्ला ने बताया कि वे भारतयी और विदेशी आमों को संरक्षित रखते हुए उनके विकास पर काम कर रहे हैं। इनमें कई दुर्लभ किस्म की प्रजातियां हैं, जिन्हें संरक्षण की जरूरत है।
ये आम करेंगे प्रदर्शित
अंगूरदाना : आकार में छोटा, लेकिन बेहद मीठा। हालांकि इसकी बागवानी जटिल होने की वजह से यह दुर्लभ भी है।
टॉमीएटकिन : लाल सुर्ख और गूदेदार आम, इसकी सुंदरता इसकी अलग पहचान बनती है।
लिली : लिली मैंगो भी लाल रंग की वजह से अलग रूप दर्शाता है, लेकिन इसका स्वाद की विशिष्टता इसे लोकप्रियता दिला रही है।
पीतांबरा : जैसा नाम से जाहिर है, पीला होने की वजह से यह न केवल विटामिन से भरपूर है, बल्कि इसे तैयार करने में स्वाद का भी ध्यान रखा गया है।
हेडेन : अमेरिका के दक्षिण फ्लोरिडा से आया यह आम दुनिया भर में खूब खाया जाता है। एससी शुक्ला इसके साथ कई अन्य विदेशी प्रजाति के आम भी महोत्सव में प्रस्तुत करेंगे।
आयोजन में अकेले सीआईएसएच द्वारा आम की करीब 350 प्रजातियों का प्रदर्शन किया जाएगा। डॉ. राजन ने बताया कि इन प्रजातियों को कई कई दशकों के अध्ययन के बाद तैयार किया गया है। इस बार नई प्रजाति प्रस्तुत नहीं हो रही है, लेकिन पहले से तैयार की गई प्रजातियों के परिष्कृत आमों से परिचय करवाया जाएगा।
विज्ञापन
आयोजन में भागीदार केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (सीआईएसएच) के निदेशक डॉ. शैलेंद्र राजन ने बताया कि महोत्सव का उद्घाटन सुबह 11 बजे होगा, जिसके उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया गया है। इस दौरान बागवानों का सम्मान भी होगा। इसी दिन विशेषज्ञ आम की बागवानी व उत्पादन पर जानकारी देंगे। 23 जून को आम के कारोबार से संबंधित विशेषज्ञ व उद्यमी अपने अनुभव व सुधारों पर व्याख्यान देंगे। समापन समारोह में राज्यपाल मुख्य अतिथि होंगे। वहीं इससे पहले 21 जून को आम की प्रजातियों की उत्कृष्टता की प्रतियोगिता होगी। इसमें करीब 50 प्रजातियों के आमों को बागवान निर्णायकों के सामने रखेंगे, जिनमें से सर्वश्रेष्ठ का चयन होगा और महोत्सव के मौके पर नागरिकों के समक्ष इन्हें रखा जाएगा।
विज्ञापन
सुबह 10 बजे से अवलोकन कर सकेंगे नागरिक
आम महोत्सव में आम नागरिक 22 जून को सुबह 10 बजे से अवलोकन के लिए आ सकेंगे। यहां उन्हें विशेषज्ञों के जरिए 700 से अधिक प्रजातियों के आमों के विषय में जानकारी मिलेगी। वहीं 23 जून को शाम चार बजे तक आम महोत्सव का आनंद लिया जा सकेगा।
विज्ञापन
सीआईएसएच प्रस्तुत करेगा 350 प्रजातियां
आयोजन में अकेले सीआईएसएच द्वारा आम की करीब 350 प्रजातियों का प्रदर्शन किया जाएगा। डॉ. राजन ने बताया कि इन प्रजातियों को कई कई दशकों के अध्ययन के बाद तैयार किया गया है। इस बार नई प्रजाति प्रस्तुत नहीं हो रही है, लेकिन पहले से तैयार की गई प्रजातियों के परिष्कृत आमों से परिचय करवाया जाएगा।
आमों के 25 फ्लेवर की आइसक्रीम भी रहेगी
सीआईएसएच द्वारा तैयार किए गए 25 प्रकार के आमों के स्वाद वाली आइसक्रीम भी इस महोत्सव का प्रमुख आकर्षण होगी। इसे एग्रो-बिजनेस मैन मुसलाहुद्दीन द्वारा संस्थान के सहयोग से तैयार किया गया है। इन आइसक्रीम की विशेषता इनके स्वाद के साथ साथ खुशबू और रंग भी होंगे। यह सभी विशेषताएं बिना किसी रसायन के पूरी तरह ऑर्गेनिक रूप से आइसक्रीम में लाई गई हैं। वैज्ञानिकों ने दावा किया कि बाजार में मिलने वाली आइसक्रीम के मुकाबले यह स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार इस प्रकार की आम की आइसक्रीम बनाने के लिए विशेष किस्म के आमों को मलिहाबाद में ही तैयार किया गया है, जिनका गूदा अन्य आमों से अलग होता है। यह भी एक वजह है कि इस आइसक्रीम को एक वर्ष तक बिना प्रिजर्वेटिव के रखा जा सकेगा। वहीं आम उत्पादकों को छोटे आमों को भी आइसक्रीम के रूप में तैयार करने से फायदा होगा। वे नई तकनीक भी इस महोत्सव के जरिए सीख सकेंगे।
और 300 प्रजातियां प्रस्तुत करेंगे : एससी शुक्ला
लखनऊ के विख्यात आम बागवान एससी शुक्ला 300 प्रजातियों के आमों के साथ महोत्सव में विशेष आकर्षण प्रस्तुत करने जा रहे हैं। उन्हाेंने बताया कि यह आम उन्हाेंने लखनऊ व आसपास के क्षेत्रों में मौजूद अपने आम के बागों में उपजाये हैं। उनके आमों के पेड़ों में एक पेड़ से कई प्रजातियों के आमों का उत्पादन और वर्ष भर फल देने वाले आम शामिल हैं। महोत्सव के दौरान वे आम की बागवानी के विषय में अपनी विशेषज्ञता से नागरिकों को जागरुक करेंगे। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सहित उद्यान रत्न और गोमती रत्न जैसे पुरस्कारों से सम्मानित शुक्ला ने बताया कि वे भारतयी और विदेशी आमों को संरक्षित रखते हुए उनके विकास पर काम कर रहे हैं। इनमें कई दुर्लभ किस्म की प्रजातियां हैं, जिन्हें संरक्षण की जरूरत है।
ये आम करेंगे प्रदर्शित
अंगूरदाना : आकार में छोटा, लेकिन बेहद मीठा। हालांकि इसकी बागवानी जटिल होने की वजह से यह दुर्लभ भी है।
टॉमीएटकिन : लाल सुर्ख और गूदेदार आम, इसकी सुंदरता इसकी अलग पहचान बनती है।
लिली : लिली मैंगो भी लाल रंग की वजह से अलग रूप दर्शाता है, लेकिन इसका स्वाद की विशिष्टता इसे लोकप्रियता दिला रही है।
पीतांबरा : जैसा नाम से जाहिर है, पीला होने की वजह से यह न केवल विटामिन से भरपूर है, बल्कि इसे तैयार करने में स्वाद का भी ध्यान रखा गया है।
हेडेन : अमेरिका के दक्षिण फ्लोरिडा से आया यह आम दुनिया भर में खूब खाया जाता है। एससी शुक्ला इसके साथ कई अन्य विदेशी प्रजाति के आम भी महोत्सव में प्रस्तुत करेंगे।
आयोजन में अकेले सीआईएसएच द्वारा आम की करीब 350 प्रजातियों का प्रदर्शन किया जाएगा। डॉ. राजन ने बताया कि इन प्रजातियों को कई कई दशकों के अध्ययन के बाद तैयार किया गया है। इस बार नई प्रजाति प्रस्तुत नहीं हो रही है, लेकिन पहले से तैयार की गई प्रजातियों के परिष्कृत आमों से परिचय करवाया जाएगा।