बहन को ससुराल छोड़ने जा रहे युवक की चाइनीज मांझे से कटी गर्दन
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पास खडे़ नसीदुल हसन ने उसे तड़पता देखा तो तत्काल अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने तत्काल इकराम की सर्जरी कर उसकी जान बचाई। इंस्पेक्टर उमेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि हादसा शिया गर्ल्स पीजी कॉलेज के पास रविवार दोपहर करीब एक बजे हुआ।
शनिवार को इकराम की बहन गजाला व उसकी सात वर्षीय बेटी दीना मायके आई थीं। इकराम दोनों को बाइक से टिकैतगंज स्थित ससुराल छोड़ने जा रहा था। शिया गर्ल्स पीजी कॉलेज के पास पहुंचने ही उसकी गर्दन पर चाइनीज मांझा फंस गया। इकराम की गर्दन बुरी तरह से कट गई।
उसकी बाइक अनियंत्रित हो गई। गजाला और दीना गिर पड़ीं, जबकि इकराम बाइक सहित काफी दूर तक फिसलता चला गया। सड़क पर गिरकर वह तड़पने लगा तो पास ही रहने वाले नसीदुल हसन की नजर पड़ी। नसीदुल दौड़ते हुए मौके पर पहुंचा और एक बाइक को रोककर इकराम को उस पर बैठाकर अस्पताल ले गया।
दो महीने पहले हुआ था निकाह
अस्पताल में चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू कर दिया जिससे इकराम की जान बच गई। उधर, हादसे की जानकारी पाकर इकराम के परिवारीजनों के होश उड़ गए। आनन-फानन वह अस्पताल पहुंचे जहां उसकी हालत ठीक देखकर जान में जान आई।
इकराम के पिता अफसर ने बताया कि वह सऊदी अरब में जरदोजी का काम करता है और चार महीने पहले ही अपने निकाह के लिए छुट्टी लेकर लखनऊ आया था।
दो महीने पहले ही उसका निकाह हुआ था। कुछ दिन बाद उसे सऊदी लौटना है। डॉक्टरों ने बताया कि इकराम की गर्दन पर 18 टांके लगे हैं। अब उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। डॉक्टरों के मुताबिक चाइनीज मांझे से उसकी सांस की नली कट गई थी।
गर्दन में काफी लंबा चीरा लगा है। अगर उसे अस्पताल लाने में एक मिनट की भी देरी हो जाती तो जान जा सकती थी। इकराम को सकुशल देखकर परिवारीजनों की आंखों से आंसू निकल पड़े। उन्होंने वक्त पर मदद करने वाले नसीदुल हसन और उसके परिवारीजनों को खूब दुआएं दीं।
इकराम के पिता ने नसीदुल को लगाया गले
हादसे के बाद एसएसपी दीपक कुमार ने सभी थानेदारों को उनके क्षेत्र की पतंग दुकानों की पड़ताल कर चाइनीज मांझा जब्त करने और दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। पुलिस ने एक-दो दिन की औपचारिकता निभाई, इसके बाद शांत बैठ गई। पुलिस की हीला-हवाली के चलते ही चाइनीज मांझा लगातार दोपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।