फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   malihabadi dashahri is coming soon in market

एक जून से होनी है मलिहाबादी दशहरी की दस्तक, पर मंडी की जगह तक तय नहीं

Tue, 25 May 2021 01:28 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 25 May 2021 01:28 AM IST
विज्ञापन
malihabadi dashahri is coming soon in market
लखनऊ। राजधानी में हर साल एक जून से विश्व प्रसिद्ध दशहरी आम की बिक्री शुरू होती है। इसमें छह दिन ही बचे हैं, लेकिन अभी यह तय नहीं हो सका है कि मलिहाबाद आम मंडी आखिर कहा लगेगी। इससे निराश कारोबारियों ने एक बार फिर सड़क पर अस्थायी मंडी बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि, मंडी समिति का कहना है कि हमारी कोशिश है कि हम जून में नजर नगर में बन कर खड़ी हुई स्थायी मंडी में ही दुकानदारों को व्यवस्थित करवा दें। इसे लेकर मंगलवार को होने वाली बैठक में फैसला होगा।
विज्ञापन

1984 से स्थायी मंडी का इंतजार
मैंगो ग्रोवर एसोसिएशन के अध्यक्ष इंसराम अली कहते हैं कि 1984 से यह इलाका एक स्थायी मंडी की आस लगाए है। इलाके को फल पट्टी का दर्जा मिलने के साथ बागवानी संबंधी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन मिला था। इसमें जिसमें स्थायी मंडी भी शामिल है। प्रमाणित कीटनाशक दवा की दुकानें खोलना व सिंचाई की व्यवस्था भी इसी के अंतर्गत आता है। लखनऊ में सात-आठ लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता था, जो घटकर तीन लाख मीट्रिक टन के करीब रह गया। सिंचाई के लिए महज एक महीने ट्यूबवेल चलाने को बिजली का इस्तेमाल करते हैं, बिल 12 महीने भरते हैं। हमें न किसान समझा जाता है और न किसी सुविधा में छूट दी जाती है।
विज्ञापन

स्पष्ट नहीं, कोरोना कर्फ्यू में कैसे लगेगी मंडी
मलिहाबाद फल मंडी समिति के अध्यक्ष नसीम बेग कहते हैं कि मंडी शाम को पूरी तेजी पर आती है, रात में ही माल की लोडिंग होती है। ऐसे में सभी के मन में सवाल है कि कोरोना कर्फ्यू के दौरान शाम को कितनी छूट मिलेगी और कैसे कारोबार होगा। हम लोगों ने अस्थायी व्यवस्था शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आज बैठक में तय होगा मसला
मंडी सचिव संजय सिंह कहते हैं कि हमारी कोशिश है कि 10 जून तक हम दुकानदारों को स्थायी भवन में व्यवस्थित कर दें। वहां एसी नहीं लग सका है, लेकिन पंखे की व्यवस्था कर दी जाएगी। कोरोना काल में सड़क पर मंडी लगाना ठीक नहीं होगा। रही बात दुकानों के आवंटन की तो यह प्रक्रिया भी जुलाई तक पूरी कर दी जाएगी।
इस बार न्यूजीलैंड व जापान भी चखेंगे दशहरी का स्वाद
लखनवी आम का विदेशों में बड़ा क्रेज है। कोरोना संकट के बीच ये अच्छी खबर आई है कि इस बार न्यूजीलैंड व जापान के लोगों ने भी दशहरी और चौसा का स्वाद चखने की इच्छा जाहिर की गई है। यह पहला मौका होगा, जब यहां का आम न्यूजीलैंड व जापान जाएगा। मंडी सचिव संजय सिंह ने बताया कि खाड़ी देशों दुबई और ओमान वहीं यूरोप के कई देशों में आम भेजा जाता था। इस बार कुछ निर्यातकों ने न्यूजीलैंड व जापान के लिए भी मांग की है। 10 जून के बाद आम का निर्यात शुरू होगा। संजय सिंह ने कहा कि पिछले साल 120 मीट्रिक टन आम का निर्यात हुआ था, जबकि इस बार अभी तक 132 मीट्रिक का आर्डर है। अभी ये और बढ़ेगा।

...तो इस बार भी सस्ता बिकेगा आम
अभी मलिहाबाद में स्थानीय बाजार के लिए आम की टूटन शुरू नहीं हुई है, लेकिन दिल्ली के लिए पहली खेप दो दिन पहले भेजी गई थी, जिसकी बिक्री सोमवार को शुरू हुई। सुबह से सभी उत्पादकों व कारोबारियों की निगाह दिल्ली में खुलने वाले आम के रेट पर थी, लेकिन शाम चार बजे इनकी उम्मीदों को झटका लगा। रेट खुला 21 और 32 रुपये प्रति किलो। अब इसमें ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग और साल भर तक इसे उगाने में किए खर्च को घटा दें तो किसान को महज 10-15 रुपये ही बचेंगे। आम तौर पर किसान को 25 से 30 रुपये किलो का फायदा होता है। दिल्ली में खुले रेट के आधार पर स्थानीय कारोबारी संजीत सिंह का कहना है कि जून में जो आम बाजार में आएगा वह 20-25 रुपये किलो बिकेगा। इसका फायदा आम के शौकीनों को तो होगा, लेकिन उत्पादकों को नुकसान होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed