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रायबरेली में पांच लोगों के हत्याकांड का साजिशकर्ता गिरफ्तार

Mon, 03 Jul 2017 12:03 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 03 Jul 2017 12:03 PM IST
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main accused arrested in raebareli 5 people murder case
file foto - फोटो : amar ujala
बहराइच के ऊंचाहार थानाक्षेत्र में वर्चस्व की जंग में हुई पांच लोगों की हत्या के मामले में पुलिस ने साज‌िशकर्ता शिव कुमार को यादव पूर्व ब्लॉक प्रमुख रोहनिया, को ग‌िरफ्तार कर ल‌िया है। जानकारी के मुताब‌िक ग‌िरफ्तारी रायबरेली-लखनऊ हाईवे से की गई है। कल सीएम योगी ने इस मामले की जांच के आदेश द‌िए थे। सीएम आ‌दित्यनाथ ने  इस बर्बरतापूर्ण हत्याकांड में जांच के आदेश देते हुए मृतकों के परिवारीजनों को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा भी की थी।
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सीएम ने प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक को मामले की जांच कर 10 दिन में दोषी व्यक्तियों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया थे और शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
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रायबरेली के ऊंचाहार में 26 जून को निर्मम तरीके से हुई पांच लोगों की हत्या को पुलिस कप्तान गौरव सिंह हादसा बताने में जुटे थे। जब मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा तो सामने आया कि तीन लोगों को पीट-पीट कर मार डाला गया था, जबकि दो को गोली मारने के बाद गाड़ी में ही जिंदा जला दिया गया था। अब इस मामले की जांच लखनऊ रेंज के आईजी को सौंपी गई है। 
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बता दें, राजधानी लखनऊ से महज सवा सौ किमी दूर ऊंचाहार के अप्टा गांव में यह वारदात जमीनी विवाद को लेकर हुई थी। आरोप है कि गांव में स्कॉर्पियो सवार कुछ युवक आए। ग्राम प्रधान के बेटे के साथ उनकी कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ा की फायरिंग की नौबत आ गई।
 
बाहर से आए युवकों ने भागने का प्रयास किया तो गाड़ी एक खंभे से टकरा कर पलट गई। एसपी रायबरेली गौरव सिंह ने इस मामले को शुरुआत में हादसा बताते हुए कहा था कि हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने की वजह से स्कॉर्पियो में आग लग गई, इसमें पांचों युवक जल गए।
 
जबकि जांच के दौरान बिजली विभाग के अधिकारियों ने लिखकर दिया कि जिस समय हादसा हुआ, उस समय खंभे पर बिजली चालू नहीं थी। माना जा रहा है कि स्थानीय नेताओं के दबाव में पुलिस ने पहले मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की, लेकिन जब लखनऊ से आईजी रेंज जयनारायण सिंह और एडीजी जोन अभय कुमार प्रसाद मौके पर पहुंचे तो पता चला कि यह हादसा नहीं, हत्या है। 

वहीं, सूत्रों का कहना है कि प्रदेश सरकार के एक कैबिनेट मंत्री इस मामले को दबाने में जुटे थे। कहा यह भी जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के दौरान उक्त मंत्री के बेटे के चुनाव में आरोपी ब्लॉक प्रमुख और ग्राम प्रधान के परिवार ने उनकी काफी मदद की थी।


पुलिस को दी गई थी एक्सीडेंट की सूचना
एडीजी लखनऊ जोन अभय कुमार प्रसाद का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 

उन्होंने बताया कि  पुलिस को पहली बार जो सूचना मिली थी, उसमें इसे एक्सीडेंट बताया गया था। इस पर पुलिस जब मौके पर पहुंची और जांच की तो हत्या की बात सामने आई। फिर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था। 

उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया देखने में लगा था कि तीन लोगों को 

इस दिल दहला देने वाली वारदात में पुलिस ने चार नामजद और चार अज्ञात लोगों पर हत्या की एफआईआर दर्ज की थी। 
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