सपा-बसपा के गठबंधन पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने उठाये सवाल
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने सपा और बसपा को लेनदेन का गठबंधन करार दिया। उन्होंने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा, यह ऐसा गठबंधन है जिसमें सपा व बसपा में किसी को किसी पर भरोसा नहीं है।
जनता ऐसे गठबंधन को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं का फोकस अब ज्यादा से ज्यादा मतदान कराने पर है।
इसको लेकर कार्यकर्ता घर-घर जा रहे हैं। बूथ कमेटियों के सदस्य लोगों से संपर्क कर 11 मार्च को दूसरे कामों से पहले मतदान का संकल्प दिला रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सपा व बसपा ने अपनी सरकारों में प्रदेश को दोनों हाथों से लूटा। अपराधियों और भ्रष्टाचारियों को खूब संरक्षण दिया। मगर, योगी सरकार आने के बाद से प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है।
अपराधी या तो जेल में हैं या प्रदेश छोड़ चुके हैं। सपा और बसपा जातिवाद और परिवारवाद की बात करती हैं, जबकि भाजपा ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मूल मंत्र पर काम करती हैं।
योगी के शासन में किसानों का कर्ज माफ किया गया और गन्ना किसानों का 14 दिन में भुगतान सुनिश्चित किया गया। बिजली आपूर्ति ठीक कर भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई की गई।
यह कैसा गठबंधन
डॉ. पांडेय ने कहा, सपा-बसपा ने त्रिपुरा में भाजपा की जीत से भयभीत होकर बेमेल गठबंधन किया है। उन्होंने कटाक्ष किया कि यह कैसा गठबंधन और समर्थन है जिसमें गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में दोनों पार्टियों के शीर्ष नेता एक मंच पर नहीं आए। इन्हें बताना चाहिए कि जब नेता एक-दूसरे के साथ खड़े नहीं हो सकते तो कार्यकर्ताओं से यह अपेक्षा क्यों की जा रही है?