रामलला के सामने याचक की तरह नजर आए उद्धव, भावविभोर मुद्रा में किए दर्शन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अपने सांसदों व मंत्रियों के साथ शनिवार को अपराहन 3:56 बजे रामजन्मभूमि पहुंचे तो करीब पांच मिनट तक रामलला के समक्ष हाथ जोड़कर भावविभोर मुद्रा में याचक की तरह नजर आए। उन्होंने बेटे आदित्य व पत्नी रश्मि ठाकरे के साथ प्रसाद एवं चरणामृत लिया। कुछ देर तक प्रार्थना की और पुजारियों से अपने सांसदों एव मंत्रियों का परिचय कराया। इस दौरान वह भावविभोर नजर आए। एक भक्त अपने आराध्य के समक्ष जिस मुद्रा में होता है, वही भाव दिखा। मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार शनिवार को अयोध्या पहुंचे। वैसे यह उनका तीसरा अयोध्या दौरा थो। इससे पहले भी वह दो बार अयोध्या आ चुके हैं। शनिवार को उन्होंने अयोध्या पहुंचकर रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। करीब पांच मिनट तक रामलला के गर्भगृह के समक्ष आराधना मुद्रा में खड़े होकर प्रार्थना की। पुजारी से प्रसाद व चरणामृत भी लिया। इसके बाद उनका काफिला लखनऊ के लिए रवाना हो गया।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शनिवार को जब रामनगरी पहुंचे तो उनकी एक झलक पाने को कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह दिखा। मगर कड़े सुरक्षा घेरे में किसी को घुसने की इजाजत नहीं थी। दोपहर उनके अयोध्या पहुंचते ही होटल व रामजन्मभूमि तक कार्यकर्ताओं का उत्साह ढोल-नगाड़ों के साथ जय श्रीराम का उद्घोष करते हुए दिखा। जैसे ही उद्धव रंगमहल बैरियर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने नारा लगाया, देखो-देखो कौन आया, शिवसेना का शेर आया...जो वहीं जय श्रीराम व जय भवानी व जय शिवाजी का उद्घोष भी गूंजता रहा। उनके स्वागत-सम्मान की होड़ रही। पंचशील होटल से लेकर रामजन्मभूमि मार्ग तक कई स्थलों पर जगह-जगह बैनर और भगवा झंडे लहराते दिखे।
कार्यशाला में मंदिर की तैयारी पूछते दिखे शिवसैनिक
उद्धव ठाकरे के दौरे को लेकर मुंबई एवं महाराष्ट्र से एक दिन पहले ही स्पेशल ट्रेन से करीब दो हजार शिवसैनिक अयोध्या पहुंच गए थे। शिवसैनिकों ने शनिवार को पूरे दिन विभिन्न मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन किया तो वहीं श्रीरामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला में भी राममंदिर निर्माण की उत्सुकता बयां की। शिवसैनिकों ने रामलला के साथ-साथ हनुमानगढ़ी व कनकभवन में भी माथा टेका तो वहीं कार्यशाला में शिवसैनिक राममंदिर की तैयारी पूछते दिखे।
बालाकृष्ण ने कहा कि अयोध्या आकर अभिभूत हैं हम सबकी इच्छा है कि जल्द से जल्द भव्य राममंदिर का निर्माण हो। रामनाथ शिंदे बोले कि अब शीघ्र ही रामलला दिव्य मंदिर में विराजेगें हमारी इच्छा है कि जब राममंदिर का निर्माण हो तो हमें भी कारसेवा का सौभाग्य मिले।