लगता है अगला छह दिसंबर नहीं देख पाऊंगाः हाशिम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाबरी मस्जिद के मुद्दई हाशिम अंसारी ने अब सुलह-समझौते से अयोध्या विवाद के हल का संकल्प ले लिया है। इसके लिए वे देशभर में बुद्धिजीवियों के बीच जाकर बैठकें करेंगे।
हाशिम को उम्मीद है कि अगले छह दिसंबर तक उनके जीते जी मामले का हल हो जाएगा। उधर, गंगा सागर में मौजूद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत ज्ञानदास ने फोन पर कहा कि हिंदू पक्षकारों के साथ हाशिम को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जनवरी में मिलेंगे ताकि मामले का अदालत से बाहर सौहार्दपूर्ण हल हो।
बाबरी मस्जिद के मुद्दई मोहम्मद हाशिम अंसारी ने रविवार को कहा कि लगता नहीं वह अगला छह दिसंबर देख पाएंगे। 2015 के छह दिसंबर से पहले वह अयोध्या विवाद का हल देखना चाहते हैं। 95 वर्षीय बुजुर्ग मुद्दई हाशिम अंसारी ‘अमर उजाला’ से बातचीत में मुकदमे की पैरवी न करने के बयान को लेकर विरोधियों के आ रहे बयानों से काफी दुखी दिखे।
उन्होंने कहा कि उन पर आरोप लगाने वाले वही हैं जिनकी दुकानें बंद हो रही हैं। उनकी इच्छा है कि अयोध्या विकास की ओर बढ़े। अयोध्या विवाद का न्यायालय से बाहर सौहार्दपूर्ण हल के लिए वह अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत ज्ञानदास के साथ देश भर में बुद्धिजीवियों के साथ बैठक करेंगे।
सबसे पहले मिलना है नरेन्द्र मोदी से
इसकी शुरुआत अयोध्या से होगी। बैठक के माध्यम से देश की आवाम को मुद्दे से जोड़ने की पहल होगी। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत ज्ञानदास ने कहा कि हम गंगासागर में हैं, 15 जनवरी को अयोध्या आएंगे, तब तक हाशिम अंसारी भी स्वस्थ हो जाएंगे।
मुख्य काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना है।
हिंदू पक्षकार निर्मोही अखाड़ा और हिंदू महासभा साथ रहेगी। प्रधानमंत्री से मिलकर अयोध्या विवाद का सुलह-समझौते से समाधान निकाल लिया जाएगा। मामले में हाशिम अंसारी ही मुख्य हैं, बाकी का कोई मतलब नहीं है।
आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया व पक्षकारों की टीम ने रविवार को अयोध्या में विवादित परिसर स्थित खोदाई स्थल का निरीक्षण किया। टीम ने गर्भगृह के पश्चिमी व उत्तरी कोने पर तिरपाल के क्षतिग्रस्त बांस की मरम्मत कराई।
इससे पहले एएसआई के एमके उपाध्याय, एनके सिंह, एए हाशमी, पर्यवेक्षक टीएम खान, एसके सिंह, विवादित परिसर के रिसीवर व मंडलायुक्त विशाल चौहान, एडीएम सिटी डॉ. अरविंद मौर्य, पक्षकारों में निर्मोही अखाड़े के वकील रणजीत लाल वर्मा, पुजारी रामदास, स्वामी हरदयाल शास्त्री, हाजी महबूब, खालिक अहमद, बादशाह खान सुबह लगभग 11 बजे खोदाई स्थल का निरीक्षण किया।