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रंगदारी मांगने के आरोप में सट्टा माफिया गिरफ्तार
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लखनऊ। राजधानी में सबसे अधिक इलाकों में सट्टा खिलाने वाले राजू वर्मा उर्फ राजू चक्की को विकासनगर पुलिस ने बुधवार को दबोच लिया। उसके खिलाफ विकासनगर में रंगदारी मांगने का केस दर्ज था। पुलिस ने बुधवार शाम उसे जेल भेज दिया। उस पर विकासनगर में पहले से दो केस दर्ज हैं।
प्रभारी निरीक्षक विकास नगर आनंद कुमार तिवारी के मुताबिक, बटहा निवासी उमेश राजपूत ने विकास नगर पुलिस को तहरीर देकर बताया कि अलीगंज बनारसी टोला निवासी राजू वर्मा उर्फ राजू चक्की उससे रंगदारी मांग रहा है। रंगदारी न देने पर जान से मारने की धमकी दी है। पुलिस ने उमेश राजपूत की शिकायत पर राजू चक्की को गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी के बाद जो सच सामने आया, उससे विकास नगर पुलिस खुद चौंक गई। पुलिस ने जब राजू को गिरफ्तार किया तो उसको छुड़वाने की पैरवीकारों की भीड़ जुट गई। विकास नगर पुलिस को जांच में पता चला कि राजू वर्मा वही राजू चक्की है जिसकी पुलिस को कई दिनों से तलाश थी। उसके खिलाफ सट्टा खिलवाने को लेकर दर्जनों शिकायतें पुलिस के पास थीं।
पिता चलाता था चक्की, बेटा बना सट्टा किंग
प्रभारी निरीक्षक आनंद तिवारी के मुताबिक, राजू वर्मा के पिता की आटा चक्की थी जिस पर राजू अपने पिता के साथ बैठता था। वहीं पर उसका नाम राजू चक्की पड़ा। वह जल्द करोड़पति बनना चाहता था जिसके लिए उसने सट्टा खिलाना शुरू कर दिया।
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10 रुपये लगाओ 800 पाओ
एसआई जितेंद्र वर्मा के अनुसार, राजू चक्की दो अंकों की पर्ची का सट्टा खिलवाता था। 11 नंबर से लेकर 98 नंबर तक दहाई अंक पर रुपये लगाया जाता है। किसी एक नंबर पर 10 रुपये का सट्टा लगता है। सट्टे में जो नंबर खुलता है उस पर सट्टा खेलने वाले को 10 रुपये के बदले आठ सौ रुपये मिलता है। एसआई के मुताबिक, पान की गुमटी, दुकान व अन्य सेंटर के अलावा कई अड्डे होते हैं जहां पर लोग अपने अंक की पर्ची लिखकर दे देते हैं। जिसके पास पैसा जमा होता है, वह सारी पर्ची सट्टा किंग तक पहुंचा देता है। उस पर्ची से एक पर्ची निकाली जाती है और उसे उस दिन का लकी नंबर घोषित कर दिया जाता है। दिन भर कलेक्शन के बाद सट्टे की पर्ची शाम 5 से 6 बजे खुलती है।
क्रिकेट मैच में भी लगवाता था सट्टा
पुलिस के अनुसार, राजू चक्की पर्ची सट्टा के अलावा जुआ व क्रिकेट मैच में भी सट्टा लगवाता था। पुलिस का दबाव पड़ने पर वह एक-डेढ़ महीने के लिए शहर छोड़कर चला जाता था। मामला ठंडा होने पर फिर कारोबार शुरू कर देता था। उसका कारोबार शहर के कई इलाकों में फैला है। पुलिस से बचने के लिए वह किसी भी कलेक्शन सेंटर में 10 से 15 मिनट से ज्यादा नहीं रुकता था।
गन्ना पर्ची निकालने का भी करता था काम
पुलिस के मुताबिक, राजू चक्की ने बताया कि वह गन्ना संस्थान में सीजनल पर्ची निकालने का भी काम करता था। पर्ची में भी हेराफेरी करता था। कुछ किसानो की पर्ची रोक लेता था जिनसे रकम लेने के बाद दी जाती थी। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, सभी थानों से राजू का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
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प्रभारी निरीक्षक विकास नगर आनंद कुमार तिवारी के मुताबिक, बटहा निवासी उमेश राजपूत ने विकास नगर पुलिस को तहरीर देकर बताया कि अलीगंज बनारसी टोला निवासी राजू वर्मा उर्फ राजू चक्की उससे रंगदारी मांग रहा है। रंगदारी न देने पर जान से मारने की धमकी दी है। पुलिस ने उमेश राजपूत की शिकायत पर राजू चक्की को गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी के बाद जो सच सामने आया, उससे विकास नगर पुलिस खुद चौंक गई। पुलिस ने जब राजू को गिरफ्तार किया तो उसको छुड़वाने की पैरवीकारों की भीड़ जुट गई। विकास नगर पुलिस को जांच में पता चला कि राजू वर्मा वही राजू चक्की है जिसकी पुलिस को कई दिनों से तलाश थी। उसके खिलाफ सट्टा खिलवाने को लेकर दर्जनों शिकायतें पुलिस के पास थीं।
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पिता चलाता था चक्की, बेटा बना सट्टा किंग
प्रभारी निरीक्षक आनंद तिवारी के मुताबिक, राजू वर्मा के पिता की आटा चक्की थी जिस पर राजू अपने पिता के साथ बैठता था। वहीं पर उसका नाम राजू चक्की पड़ा। वह जल्द करोड़पति बनना चाहता था जिसके लिए उसने सट्टा खिलाना शुरू कर दिया।
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10 रुपये लगाओ 800 पाओ
एसआई जितेंद्र वर्मा के अनुसार, राजू चक्की दो अंकों की पर्ची का सट्टा खिलवाता था। 11 नंबर से लेकर 98 नंबर तक दहाई अंक पर रुपये लगाया जाता है। किसी एक नंबर पर 10 रुपये का सट्टा लगता है। सट्टे में जो नंबर खुलता है उस पर सट्टा खेलने वाले को 10 रुपये के बदले आठ सौ रुपये मिलता है। एसआई के मुताबिक, पान की गुमटी, दुकान व अन्य सेंटर के अलावा कई अड्डे होते हैं जहां पर लोग अपने अंक की पर्ची लिखकर दे देते हैं। जिसके पास पैसा जमा होता है, वह सारी पर्ची सट्टा किंग तक पहुंचा देता है। उस पर्ची से एक पर्ची निकाली जाती है और उसे उस दिन का लकी नंबर घोषित कर दिया जाता है। दिन भर कलेक्शन के बाद सट्टे की पर्ची शाम 5 से 6 बजे खुलती है।
क्रिकेट मैच में भी लगवाता था सट्टा
पुलिस के अनुसार, राजू चक्की पर्ची सट्टा के अलावा जुआ व क्रिकेट मैच में भी सट्टा लगवाता था। पुलिस का दबाव पड़ने पर वह एक-डेढ़ महीने के लिए शहर छोड़कर चला जाता था। मामला ठंडा होने पर फिर कारोबार शुरू कर देता था। उसका कारोबार शहर के कई इलाकों में फैला है। पुलिस से बचने के लिए वह किसी भी कलेक्शन सेंटर में 10 से 15 मिनट से ज्यादा नहीं रुकता था।
गन्ना पर्ची निकालने का भी करता था काम
पुलिस के मुताबिक, राजू चक्की ने बताया कि वह गन्ना संस्थान में सीजनल पर्ची निकालने का भी काम करता था। पर्ची में भी हेराफेरी करता था। कुछ किसानो की पर्ची रोक लेता था जिनसे रकम लेने के बाद दी जाती थी। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, सभी थानों से राजू का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।