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मदरसा छात्र भी अब एनसीईआरटी की किताबों से लेंगे तालीम, मुफ्त बांटी जाएंगी किताबें
Mon, 25 Nov 2019 09:27 AM IST
शाहरुख खान
मोहम्मद इरफान, अमर उजाला, लखनऊ
मोहम्मद इरफान, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 25 Nov 2019 09:27 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
मदरसा शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त मदरसों के छात्र-छात्राएं भी अब एनसीईआरटी की किताबों से तालीम हासिल करेंगे। दो साल के इंतजार के बाद प्रदेश के सभी 560 अनुदानित मदरसों में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी, उर्दू, इतिहास, भूगोल की एनसीईआरटी की किताबें मुफ्त वितरित करने की कवायद शुरू हुई है।
प्रदेश सरकार ने दो साल पहले तैतानिया (कक्षा 1 से 5), फौकानिया (कक्षा 5 से 8) और आलिया या उच्च आलिया स्तर (हाईस्कूल व उससे ऊपर) के मदरसों में एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई की मंजूरी दी थी।
प्रदेश में मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त करीब 16,461 मदरसे हैं। इनमें से 560 मदरसे सरकार से अनुदानित हैं। तैतानिया और फौकानिया के बच्चों को हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान की शिक्षा बेसिक शिक्षा परिषद की तय किताबों से दी जाती है। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग सर्व शिक्षा अभियान के तहत निशुल्क किताबें उपलब्ध कराता है।
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आलिया और उच्च आलिया स्तर के मदरसों में विकल्प के तौर पर शामिल गणित, विज्ञान व कंप्यूटर, इतिहास, भूगोल विषयों को बतौर अनिवार्य विषय लागू करते हुए सभी स्तर के मदरसों में इन आधुनिक विषयों के लिए एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करने के मदरसा बोर्ड के प्रस्ताव को प्रदेश सरकार ने साल 2017 में मंजूरी दी थी। तय हुआ था कि हिंदी व अंग्रेजी को छोड़कर सभी विषयों की किताबें उर्दू में होंगी ताकि उर्दू को मजबूती मिलने के साथ ही मदरसा बोर्ड का औचित्य भी बरकरार रहे।
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प्रदेश सरकार ने दो साल पहले तैतानिया (कक्षा 1 से 5), फौकानिया (कक्षा 5 से 8) और आलिया या उच्च आलिया स्तर (हाईस्कूल व उससे ऊपर) के मदरसों में एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई की मंजूरी दी थी।
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प्रदेश में मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त करीब 16,461 मदरसे हैं। इनमें से 560 मदरसे सरकार से अनुदानित हैं। तैतानिया और फौकानिया के बच्चों को हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान की शिक्षा बेसिक शिक्षा परिषद की तय किताबों से दी जाती है। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग सर्व शिक्षा अभियान के तहत निशुल्क किताबें उपलब्ध कराता है।
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आलिया और उच्च आलिया स्तर के मदरसों में विकल्प के तौर पर शामिल गणित, विज्ञान व कंप्यूटर, इतिहास, भूगोल विषयों को बतौर अनिवार्य विषय लागू करते हुए सभी स्तर के मदरसों में इन आधुनिक विषयों के लिए एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करने के मदरसा बोर्ड के प्रस्ताव को प्रदेश सरकार ने साल 2017 में मंजूरी दी थी। तय हुआ था कि हिंदी व अंग्रेजी को छोड़कर सभी विषयों की किताबें उर्दू में होंगी ताकि उर्दू को मजबूती मिलने के साथ ही मदरसा बोर्ड का औचित्य भी बरकरार रहे।
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मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार आरपी सिंह ने बताया कि पहले चरण में अनुदानित मदरसों में मुफ्त वितरण के लिए एनसीईआरटी किताबें आ चुकी हैं। दूसरे चरण में गैर अनुदानित मदरसों के लिए एनसीईआरटी किताबें मिलने पर उन्हें भी वितरित की जाएंगी। हालांकि सूत्रों का कहना है कि गैर अनुदानित मदरसों से किताबों का शुल्क लिया जा सकता है।
चार माह में सिलेबस पूरा करने की चुनौती
मदरसा बोर्ड का नया सत्र अप्रैल में शुरू होने के आठ महीने बाद एनसीईआरटी किताबें वितरित करने की कवायद शुरू हुई है। मार्च 2020 से पहले मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं भी होनी हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं को बचे हुए चार महीने में पूरा सिलेबस समाप्त करने के लिए काफी मेहनत करनी होगी। शिक्षकों के लिए भी सिलेबस पूरा करवाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
राजधानी के 18 अनुदानित मदरसों में बंटेंगी किताबें
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बालेंदु द्विवेदी ने बताया कि शहर के सभी 18 अनुदानित मदरसों को एनसीईआरटी की किताबें वितरित की जाएंगी। मदरसों में बच्चों की संख्या व पाठ्यक्रम के आधार पर किताबें बंटेंगी।
चार माह में सिलेबस पूरा करने की चुनौती
मदरसा बोर्ड का नया सत्र अप्रैल में शुरू होने के आठ महीने बाद एनसीईआरटी किताबें वितरित करने की कवायद शुरू हुई है। मार्च 2020 से पहले मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं भी होनी हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं को बचे हुए चार महीने में पूरा सिलेबस समाप्त करने के लिए काफी मेहनत करनी होगी। शिक्षकों के लिए भी सिलेबस पूरा करवाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
राजधानी के 18 अनुदानित मदरसों में बंटेंगी किताबें
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बालेंदु द्विवेदी ने बताया कि शहर के सभी 18 अनुदानित मदरसों को एनसीईआरटी की किताबें वितरित की जाएंगी। मदरसों में बच्चों की संख्या व पाठ्यक्रम के आधार पर किताबें बंटेंगी।