{"_id":"5feb90ed8ebc3e3d45750228","slug":"madhukar-arrested-in-murder-case-of-ex-pradhan-lucknow-news-lko557265837","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुद को जौनपुर के माफिया का करीबी बताता था मधुकर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुद को जौनपुर के माफिया का करीबी बताता था मधुकर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। मोहनलालगंज के इंद्रजीत खेड़ा के पूर्व प्रधान सुजीत पांडेय की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता मधुकर खुद को मधुकर जौनपुर के एक माफिया का करीबी बताता था। उसी की वीआईपी नंबर की गाड़ियों को खरीदकर चलता था। मधुकर का पूर्व मुख्यमंत्री के निजी सचिव से काफी करीबी नाता था। इसी दम पर वह जमीनों पर अवैध कब्जा करता था। सपा सरकार में माफिया के नंबर की गाड़ी से स्कूल जाती छात्रा से छेड़खानी के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर गौतमपल्ली थाने से मधुकर का भाई हिंकर यादव जेल भेजा था। उस वक्त गाड़ी से कई अवैध असलहे भी बरामद हुए थे। लेकिन सरकार में मजबूत दखल होने के कारण पुलिस कार्रवाई से पीछे हट गई।
इलाके में कई दिन रूककर की थी रेकी
पुलिस सूत्र की माने तो शूटरो को कई दिनों से ही इलाके में रखा गया था। जिनके ऐश के लिए सभी संसाधन भी जुटाए जा रहें थे। भाडे के शूटर इलाके के रहकर रैकी कर रहें थे। सुजीत पाण्डेय की हर गतिविधियों पर नजर बनाएं हुए थे। इनके आने जाने के समयएरास्ते व स्थानों पर शूटर नजरें गडाए हुए थे। सुजीत पांडेय की हत्या के साजिश रचने वालों ने अपनी प्लानिंग को बहुत ही शातिराना तरीके से अंजाम तक पहुंचाया। जिस तरह पुलिस से साजिशकर्ता गेम खेल रहें तो पुलिस ने भी एक गेम खेलकर साजिशकर्ता को भटका दिया। पुलिस ने सुजीत पांडेय के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों से बारी बारी थाने बुलाकर पूछताछ की और पुलिस ने दिखावा किया कि पुलिस की सुई सुजीत पांडेय के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर ही टिकी है। लेकिन पुलिस ने दूसरी ओर भी कसरत जारी रखी और पुख्ता सबूत मिलत ही हत्या के साजिशकर्ताओ को पुलिस ने बेनकाब कर दिया।
विज्ञापन
इलाके में कई दिन रूककर की थी रेकी
पुलिस सूत्र की माने तो शूटरो को कई दिनों से ही इलाके में रखा गया था। जिनके ऐश के लिए सभी संसाधन भी जुटाए जा रहें थे। भाडे के शूटर इलाके के रहकर रैकी कर रहें थे। सुजीत पाण्डेय की हर गतिविधियों पर नजर बनाएं हुए थे। इनके आने जाने के समयएरास्ते व स्थानों पर शूटर नजरें गडाए हुए थे। सुजीत पांडेय की हत्या के साजिश रचने वालों ने अपनी प्लानिंग को बहुत ही शातिराना तरीके से अंजाम तक पहुंचाया। जिस तरह पुलिस से साजिशकर्ता गेम खेल रहें तो पुलिस ने भी एक गेम खेलकर साजिशकर्ता को भटका दिया। पुलिस ने सुजीत पांडेय के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों से बारी बारी थाने बुलाकर पूछताछ की और पुलिस ने दिखावा किया कि पुलिस की सुई सुजीत पांडेय के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर ही टिकी है। लेकिन पुलिस ने दूसरी ओर भी कसरत जारी रखी और पुख्ता सबूत मिलत ही हत्या के साजिशकर्ताओ को पुलिस ने बेनकाब कर दिया।
विज्ञापन