फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   lucknow university will not conduct specialisation in mba

एमबीए में एचआर से स्पेशलाइजेशन नहीं कराएगा लखनऊ विश्वविद्यालय

Fri, 12 Jul 2019 01:30 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jul 2019 01:30 AM IST
विज्ञापन
lucknow university will not conduct specialisation in mba
एमबीए में एचआर से स्पेशलाइजेशन नहीं कराएगा लखनऊ विश्वविद्यालय
विज्ञापन

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय एमबीए में एचआर से स्पेशलाइजेशन नहीं करवाएगा। पिछले कई दिनों से विभागाध्यक्ष व कुलपति कार्यालय के चक्कर काट रही छात्राओं को विश्वविद्यालय प्रशासन ने मना कर दिया है। कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने छात्राओं से कहा है कि वे इसके लिए कोई अतिरिक्त शिक्षक नहीं देंगे। अगर वर्तमान शिक्षकों से ही इस व्यवस्था को संचालित किया जा सकता तो किया जा सकता है।
विश्वविद्यालय में एमबीए के विद्यार्थियों को तीसरे सेमेस्टर में एचआर, मार्केटिंग, फाइनेंस, इंटरनेशनल बिजनेस में से किसी एक क्षेत्र में स्पेशलाइजेशन करने का अवसर दिया जाता है। इसी आधार पर आगे वे इंटर्नशिप करके अपना कॅरिअर बनाते हैं। इस वर्ष भी लगभग 120 विद्यार्थी प्रमोट होकर तीसरे सेमेस्टर में पहुंचे। इसमें से 86 विद्यार्थियों ने मार्केटिंग व फाइनेंस में स्पेशलाइजेशन के लिए आवेदन किया और उनकी पढ़ाई भी शुरू हो गई, जबकि करीब 12 छात्राएं ऐसी हैं जो एचआर से स्पेशलाइजेशन करना चाहती हैं। विभाग उन्हें यह कहकर मना कर रहा है कि एचआर से स्पेशलाइजेशन के लिए कम से कम 25 छात्र होने चाहिए। शिक्षक कम होने के कारण इससे कम संख्या पर एचआर में स्पेशलाइजेशन नहीं करा पाएंगे। छात्राओं ने पिछले दिनों कुलपति प्रो. एसपी सिंह से मुलाकात कर अपनी बात रखी थी। उन्होंने विभागाध्यक्ष से वार्ता कर कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
विज्ञापन

छात्राएं जब बृहस्पतिवार को पहुंची तो वीसी ने कहा कि हेड से वार्ता हो गई है, इस बार एचआर से स्पेशलाइजेशन नहीं हो सकेगा। इसके लिए कोई अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था नहीं हो सकती। वहीं विभागाध्यक्ष प्रो. जेके शर्मा ने कहा कि अभी कुछ छात्राएं समर ट्रेनिंग से वापस नहीं आई हैं। अगर 25 छात्राएं हो जाएंगी तो हम एचआर से स्पेशलाइजेशन की व्यवस्था दे देंगे अन्यथा नहीं। बता दें कि विश्वविद्यालय में ही आईएमएस के तहत चलने वाले एमबीए स्ववित्तपोषित कोर्स में चारों क्षेत्र में स्पेशलाइजेशन की सुविधा दी जाती है। एक ही विश्वविद्यालय में एक ही कोर्स के लिए अलग-अलग नियम चल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed