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Lucknow News: परीक्षा से रोकने पर छात्रों ने शुरू की भूख हड़ताल

Thu, 14 Dec 2023 02:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Thu, 14 Dec 2023 02:16 AM IST
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lucknow university exam
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में परीक्षा देने से रोके गए छात्रों ने बुधवार शाम से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। छात्रों ने इस संबंध में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से मुलाकात की। इस पर उन्होंने उनका प्रवेश पत्र जारी कराने का आश्वासन दिया।
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लविवि में मंगलवार को शुरू हुई विषम सेमेस्टर की परीक्षा में 11 विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र नहीं जारी किए गए हैं। प्रवेश पत्र न होने से एक छात्र का पेपर भी छूट गया। इसके बाद नाराज छात्रों ने कुलपति कार्यालय का घेराव कर दिया। मांगें न माने जाने पर वे वहीं धरने पर बैठ गए। जिन छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू की है उनमें प्रिंस कुमार, आलोक मिश्रा, आकाश देव पांडेय, विंध्यवासिनी शुक्ला, मंगेश यादव, उत्कर्ष तिवारी, रितिक राय, प्रसन्न शुक्ला व शशि प्रकाश शुक्ला शामिल हैं।
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छात्रों ने आरोप लगाया कि विवि ने उन्हीं छात्रों को परीक्षा देने से रोका है, जो बीते दिनों छात्रसंघ चुनाव की बहाली के लिए भूख हड़ताल पर बैठे थे। इसके बाद दबाव में आए में कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय को मजबूरी में जूस पिलाकर छात्रों की हड़ताल समाप्त करानी पड़ी थी। अब छात्र इसे कुलपति की बदलापूर्ण कार्रवाई मान रहे हैं।
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वहीं लविवि प्रशासन का कहना कि इन छात्रों की उपस्थिति बेहद कम है जिसकी वजह से इनके परीक्षा में बैठने पर रोक लगाते हुए इनका प्रवेश पत्र नहीं जारी किया गया है। एमए डिफेंस स्टडीज के छात्र विंध्या शुक्ला का कहना है कि विद्यार्थियों ने भूख हड़ताल शुरू करने से पहले कुलसचिव विनोद कुमार सिंह को समस्या के समाधान के लिए ज्ञापन सौंपा था। जिस पर निर्णय न होने के बाद छात्रों को भूख हड़ताल के लिए बाध्य होना पड़ा।

75 फीसदी उपस्थिति का नियम लेकिन कई सवाल भी
विवि में परीक्षा के लिए सामान्य परिस्थितियों में 75 फीसदी उपस्थिति का नियम है। लेकिन इस नियम का शायद ही पालन होता हो। सवाल यह भी है कि विवि ने जिन विद्यार्थियों का प्रवेश पत्र रोका गया है, क्या उन्हीं की उपस्थिति कम है ? क्या परीक्षा देने वाले सभी तीन लाख विद्यार्थियों की उपस्थिति 75 प्रतिशत है? क्या सभी छात्रों की उपस्थिति का रिकॉर्ड परीक्षा विभाग ने विभागों से मांगा है? क्या सभी विभागों के अध्यक्षों ने उनके यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों की उपस्थिति सत्यापित कर आगे भेजी है? ये ऐसे सवाल हैं जो विवि प्रशासन की कार्रवाई को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।
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