गैर अनुमोदित शिक्षकों वाले पाठ्यक्रमों पर एलयू प्रशासन सख्त, बंद करने की तैयारी
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लखनऊ विश्वविद्यालय ने सहयुक्त कॉलेजों के नाममात्र की छात्र संख्या और गैर अनुमोदित शिक्षकों वाले पाठ्यक्रमों पर निगाह तिरछी कर दी है। पहले चरण में 54 कॉलेज इसकी जद में आए हैं।
लविवि कुलपति प्रो. एसपी सिंह 24 जनवरी को होने वाली बैठक में इन कॉलेज में चलने वाले कोर्स और अन्य ब्योरे की समीक्षा करेंगे।
जिन पाठ्यक्रमों में नाममात्र के छात्र हैं या फिर गैर अनुमोदित शिक्षकों से शिक्षण कार्य कराया जा रहा है, उनको बंद करने का आदेश दिया जा सकता है। यह बैठक 24 जनवरी को दोपहर तीन बजे विवि के एपीसेन सभागार में होगी।
लविवि प्रशासन पिछले काफी समय से सहयुक्त डिग्री कॉलेजों को वेबसाइट पर पूरा ब्योरा अपलोड करने को कह रहा है। कॉलेजों को अपनी वेबसाइट पर भी शिक्षकों का ब्योरा अपलोड करना था।
सत्र समाप्त होने को है पर ज्यादातर कॉलेजों ने इसका पालन नहीं किया। शिक्षकों का ब्योरा ऑनलाइन होने पर यह पता लगाना संभव होगा कि कहां-कहां गैर अनुमोदित शिक्षक स्टूडेंट्स को पढ़ा रहे हैं।
इसी तरह लविवि से सहयुक्त कई कॉलेज सिर्फ नाम के लिए ही कोर्सेज का संचालन कर रहे हैं। कई कॉलेजों में सिर्फ नाममात्र के छात्र ही हैं। विवि को इनकी परीक्षा कराने में काफी परेशानी होती है।
कॉलेजों ने नहीं दी सूचना
इसके बाद नवंबर के अंतिम सप्ताह में कुलपति सभी की समीक्षा बैठक लेने वाले थे। इसके बाद कई बार मौका देने के बावजूद कॉलेजों ने इसका ब्योरा नहीं दिया। विवि के सहयुक्त 168 कॉलेजों में से करीब 45 कॉलेेजों ने ही आधी-अधूरी सूचनाएं दी थीं। इसलिए अब बैठक में सभी सूचनाएं साथ लाने को कहा गया है।
इन ब्योरों के साथ आएंगे कॉलेज
कॉलेज का नाम, संचालित पाठ्यक्रम, निर्धारित सीट, पिछले तीन साल में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की सत्रवार संख्या, प्रथम सहयुक्तता का सत्र, सहयुक्तता स्थिति-स्थायी या अस्थायी सहयुक्तता, महाविद्यालय की वेबसाइट, ईमेल आईडी, प्राचार्य और शिक्षकों के नाम, प्राचार्य और शिक्षकों के अनुमोदन की स्थिति, प्राचार्य और शिक्षकों के मोबाइल नंबर, प्राचार्य और शिक्षकों की अनुमोदन पत्र संख्या, प्राचार्य और शिक्षकों के फोटोग्राफ, प्राचार्य और शिक्षकों का पूरा ब्योरा कॉलेज की वेबसाइट पर है या नहीं, नैक मूल्यांकन की स्थिति।